CJP Protest : दिवाली तक CJP का प्रदर्शन नहीं, अभिजीत दिपके ने कार्यकर्ताओं से की अपील
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिवाली तक किसी भी नए विरोध प्रदर्शन की योजना नहीं बनाने की बात कही है। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे त्योहार के दौरान अपने परिवार के साथ समय बिताएं। यह अपील ऐसे समय में आई है, जब पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत को लेकर दिल्ली में राजनीतिक हलचल जारी है।
दिवाली तक आंदोलन से दूरी बनाने की अपील
CJP प्रमुख अभिजीत दिपके की कार्यकर्ताओं से की गई अपील को मौजूदा विरोध प्रदर्शन के घटनाक्रम के बीच अहम माना जा रहा है। लगातार विरोध, पुलिस की कार्रवाई और पार्टी नेताओं की हिरासत के बीच दिवाली तक प्रदर्शन नहीं करने की बात सामने आई है। दिपके ने कार्यकर्ताओं को त्योहार के अवसर पर परिवार के साथ रहने और निजी जीवन के लिए समय निकालने का संदेश दिया है।
हालांकि, इस अपील को आंदोलन समाप्त करने के फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दिवाली तक प्रदर्शन की योजना नहीं होने और आंदोलन को पूरी तरह खत्म करने के बीच अंतर है। पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर अंतिम स्थिति उसके आगामी फैसलों पर निर्भर करेगी।
सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत से गरमाया मामला
CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत के बाद पार्टी का विरोध और तेज हुआ था। दोनों नेताओं पर जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रतिबंधों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों के बीच कार्रवाई की गई। इस मामले में पार्टी की ओर से पुलिस की कार्रवाई और हिरासत को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
19 अक्टूबर 2026 को दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाए जाने की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम ने पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। वहीं, संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का हिस्सा
CJP का विरोध प्रदर्शन केवल अपने नेताओं की हिरासत तक सीमित नहीं रहा है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। इसके अलावा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया है।
पार्टी का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों और संबंधित संस्थाओं के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है। इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस जारी है।
अब आगे क्या करेगी CJP?
दिवाली तक विरोध प्रदर्शन नहीं करने की अपील के बाद अब सबकी नजर पार्टी की अगली रणनीति पर रहेगी। सौरव दास और आशुतोष रांका से जुड़े मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्यवाही भी घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती है।
फिलहाल, अभिजीत दिपके की अपील का संदेश यह है कि त्योहार के दौरान कार्यकर्ता अपने परिवार के साथ समय बिताएं। आने वाले दिनों में पार्टी आंदोलन को किस रूप में आगे बढ़ाती है, यह उसके आधिकारिक फैसलों और मौजूदा कानूनी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी के आधार पर स्वतंत्र भाषा में तैयार की गई है। प्रकाशित करने से पहले अभिजीत दिपके की दिवाली संबंधी अपील के मूल बयान और उसके संदर्भ की पुष्टि कर लें।

