Yuvraj Singh News: IPL में युवराज सिंह की वापसी, दिल्ली कैपिटल्स के बने असिस्टेंट और बैटिंग कोच
दिल्ली कैपिटल्स के बैटिंग कोच बने युवराज सिंह, गांगुली के साथ करेंगे काम

भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में नई भूमिका में नजर आने वाले हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें आगामी IPL 2027 सीजन के लिए असिस्टेंट कोच और बैटिंग कोच नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ युवराज अपने क्रिकेट करियर में पहली बार औपचारिक रूप से कोचिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह टीम के नए हेड कोच सौरव गांगुली के साथ मिलकर खिलाड़ियों की तैयारी, बल्लेबाजी की रणनीति और टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर काम करेंगे।
दिल्ली कैपिटल्स ने 13 अक्टूबर को युवराज की नियुक्ति की घोषणा की। फ्रेंचाइजी को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और IPL में उनका लंबा अनुभव टीम के बल्लेबाजों तथा युवा खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित होगा।
11 साल बाद दिल्ली कैपिटल्स में वापसी
युवराज सिंह का दिल्ली फ्रेंचाइजी से पुराना रिश्ता रहा है। वर्ष 2015 में दिल्ली डेयरडेविल्स के नाम से जानी जाने वाली टीम ने उन्हें IPL नीलामी में 16 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस समय वह IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। अब लगभग 11 साल बाद वह उसी फ्रेंचाइजी में खिलाड़ी के बजाय कोच की भूमिका में लौट रहे हैं।
युवराज ने अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह जताया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कैपिटल्स के साथ उनका पुराना जुड़ाव है और वह सौरव गांगुली के साथ इस बार कोच के रूप में काम करने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने कोचिंग को अपने जुनून का हिस्सा बताते हुए टीम की सफलता में योगदान देने की इच्छा जताई।
सौरव गांगुली के साथ बनेगी नई जोड़ी
दिल्ली कैपिटल्स ने हाल ही में सौरव गांगुली को IPL टीम का हेड कोच नियुक्त किया था। अब युवराज के जुड़ने से टीम के कोचिंग स्टाफ को एक अनुभवी बल्लेबाजी विशेषज्ञ मिला है।
गांगुली और युवराज भारतीय क्रिकेट के सफल दौर के अहम सदस्य रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय टीम के लिए कई यादगार मुकाबलों में योगदान दिया है। अब उनकी साझेदारी मैदान के बाहर टीम की रणनीति तैयार करने और खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने में दिखाई देगी।
दिल्ली कैपिटल्स अब तक IPL का खिताब नहीं जीत पाई है। ऐसे में फ्रेंचाइजी आगामी सीजन के लिए मजबूत टीम और प्रभावी कोचिंग व्यवस्था तैयार करने पर ध्यान दे रही है।
युवराज सिंह का क्रिकेट करियर रहा शानदार
युवराज सिंह ने भारत के लिए 304 वनडे, 40 टेस्ट और 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। वह 2007 के टी20 विश्व कप और 2011 के वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे। 2011 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था।
2007 टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाना उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता और बड़े मैचों का अनुभव उन्हें कोचिंग की भूमिका में खास बनाता है।

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा अनुभव का फायदा
हाल के वर्षों में युवराज कई उभरते भारतीय क्रिकेटरों को मार्गदर्शन देते रहे हैं। शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों के साथ उनके अनुभव का उल्लेख किया गया है। दिल्ली कैपिटल्स में उनकी नई भूमिका के तहत बल्लेबाजों की तकनीक, मैच की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने और टी20 क्रिकेट की रणनीति पर काम करने की उम्मीद है।
अब सबकी नजर IPL 2027 पर होगी, जहां युवराज सिंह पहली बार कोच के रूप में अपनी छाप छोड़ने उतरेंगे। दिल्ली कैपिटल्स के लिए उनका अनुभव खिताब जीतने की कोशिश में कितना मददगार साबित होगा, यह आगामी सीजन में देखने को मिलेगा।

