LPG Price Today: पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर, जानें दिल्ली-मुंबई के ताजा रेट
पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम स्थिर, जानें दिल्ली-मुंबई के रेट

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। शनिवार को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम भी स्थिर हैं। हालांकि, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 1 अक्टूबर को बढ़ोतरी की गई थी, जिसका असर होटल, रेस्तरां और ढाबा संचालकों पर पड़ सकता है।
दिल्ली-मुंबई में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव
10 अक्टूबर को जारी दरों के अनुसार, प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं।
| शहर | पेट्रोल (प्रति लीटर) | डीजल (प्रति लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| लखनऊ | ₹101.86 | ₹95.36 |
| कोलकाता | ₹113.51 | ₹99.82 |
| चेन्नई | ₹107.76 | ₹99.55 |
कीमतें शहर के स्थानीय करों और खुदरा विक्रेता के अनुसार अलग हो सकती हैं। निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने 4 अक्टूबर को पेट्रोल में ₹5 और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसलिए निजी पंपों पर सरकारी तेल कंपनियों से अलग दरें मिल सकती हैं।

घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत कितनी है?
14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 10 अक्टूबर को कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। उपलब्ध दरों के अनुसार, दिल्ली में इसकी कीमत ₹942 और मुंबई में ₹941.50 है। घरेलू रसोई गैस की कीमतें जून 2026 से स्थिर बताई गई हैं।
कमर्शियल सिलेंडर पर बढ़ा खर्च
19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 1 अक्टूबर को बढ़ाई गई थीं। दिल्ली में इसकी कीमत ₹62.50 बढ़कर ₹2,810 और मुंबई में ₹63.50 बढ़कर ₹2,764.50 हो गई थी। 10 अक्टूबर को इन दरों में कोई नया बदलाव दर्ज नहीं हुआ।
कमर्शियल गैस महंगी होने से होटल, रेस्तरां, ढाबे और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर कुछ खाद्य पदार्थों और बाहर खाने के खर्च पर भी पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये-डॉलर की विनिमय दर और घरेलू करों का असर ईंधन की लागत पर पड़ता है। फिलहाल सरकारी तेल कंपनियों की खुदरा दरें स्थिर हैं, लेकिन आगे की कीमतें वैश्विक परिस्थितियों और कंपनियों के फैसलों पर निर्भर करेंगी।




