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Sikkim Khuri Recipe: नाश्ते में बनाएं सिक्किम की मशहूर खुरी, स्वाद के साथ मिलेगी पारंपरिक जायका

नाश्ते में बनाएं सिक्किम की मशहूर खुरी, जानें आसान रेसिपी और स्वाद

खुरी (Khuri) सिक्किम की पारंपरिक डिश है, जिसे खासतौर पर लेपचा समुदाय की खान-पान परंपरा से जोड़ा जाता है। यह एक तरह का पतला पैनकेक या क्रेप होता है, जिसे कुट्टू यानी बकव्हीट या कभी-कभी बाजरे के आटे से बनाया जाता है। इसे सब्जियों, पत्तेदार साग और स्थानीय चीज की भरावन के साथ रोल करके परोसा जाता है। सिक्किम टूरिज्म की सामग्री में भी खुरी को बकव्हीट से तैयार पारंपरिक क्रेप बताया गया है।

अगर नाश्ते में रोज-रोज पोहा, पराठा या उपमा खाकर परिवार के लोग बोर हो गए हैं, तो खुरी एक अलग स्वाद दे सकती है। इसका बेस हल्का कुरकुरा और अंदर की भरावन नरम रखी जा सकती है। बच्चों के लिए तीखापन कम रखकर इसमें पालक, पनीर, कॉर्न या हल्की सब्जियां भरी जा सकती हैं। इस तरह पारंपरिक रेसिपी को घर के स्वाद के मुताबिक भी तैयार किया जा सकता है।

खुरी बनाने के लिए सामग्री

पारंपरिक तरीके में बकव्हीट या मिलेट का आटा इस्तेमाल किया जाता है। भरावन के लिए बारीक कटा पालक या सरसों का साग, प्याज, नमक और स्थानीय कॉटेज चीज यानी छुरपी लिया जा सकता है। घर पर छुरपी उपलब्ध न हो तो पनीर उसका आसान विकल्प बन सकता है। चटनी के लिए टमाटर और हरी या लाल मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऐसे तैयार करें खुरी

सबसे पहले आटे को पानी के साथ मिलाकर मध्यम या थोड़ा पतला घोल तैयार करें। पारंपरिक खुरी को तवे पर बिना ज्यादा तेल के पकाया जाता है। गर्म तवे पर एक कलछी घोल डालकर उसे पतला फैलाएं और हल्का पकने दें। जरूरत के अनुसार दूसरी तरफ भी सेंक लें।

अब भरावन तैयार करने के लिए पैन में थोड़ा मक्खन या तेल डालें। प्याज और पत्तेदार साग को हल्का पकाएं। इसमें नमक डालें और अंत में पनीर या छुरपी मिलाकर भरावन तैयार कर लें। पक चुकी खुरी पर भरावन रखें और उसे रोल कर दें। चाहें तो साथ में टमाटर और मिर्च की चटनी परोस सकते हैं।

खुरी की खासियत क्या है?

खुरी की खासियत इसका सादा लेकिन अलग स्वाद है। बकव्हीट का हल्का मिट्टी जैसा स्वाद, हरी सब्जियों की ताजगी और पनीर जैसी भरावन इसे सामान्य नाश्ते से अलग बनाती है। डाउन टू अर्थ के अनुसार, पारंपरिक लेपचा खुरी को कभी साग की भरावन और मसालेदार टमाटर की चटनी के साथ खाया जाता था। कुछ परंपरागत विधियों में इसे त्योहारों के दौरान भी बनाया जाता रहा है।

सिक्किम की यह डिश सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि स्थानीय खाद्य संस्कृति की झलक भी देती है। पुराने समय में खुरी घरों में बनने वाला भोजन था और सिक्किम के जोंगू क्षेत्र में इसकी पारंपरिक विधि आज भी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा मानी जाती है। बकव्हीट और स्थानीय साग जैसे घटक पहाड़ी इलाकों में उपलब्ध पारंपरिक खाद्य पदार्थों की याद दिलाते हैं।

बच्चों के लिए कैसे बनाएं स्वादिष्ट?

बच्चों के लिए खुरी बनाते समय मिर्च कम रखें। भरावन में पनीर, स्वीट कॉर्न, बारीक गाजर या हल्का मसाला मिलाया जा सकता है। इसे छोटे रोल में काटकर दही या हल्की चटनी के साथ परोसें। इससे नाश्ता देखने में भी आकर्षक लगेगा और बच्चे इसे आसानी से खा पाएंगे।

घर पर बनाते समय आटे की मात्रा और पानी का संतुलन सही रखना जरूरी है, ताकि क्रेप न ज्यादा मोटा बने और न ही तवे से उठाते समय टूटे। शुरुआत में हल्की आंच पर पकाना आसान रहता है। इसे नाश्ते के साथ शाम के हल्के स्नैक के रूप में भी परोसा जा सकता है। अलग-अलग घरों में इसकी सामग्री और विधि थोड़ी बदल सकती है। उपलब्ध सामग्री के अनुसार स्वाद बदला जा सकता है, लेकिन बकव्हीट या मिलेट का बेस इसकी पारंपरिक पहचान बनाए रखता है।

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