Lucknow Athletics Championship 2026: लखनऊ में आज से जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, प्रदेशभर से 2 हजार से ज्यादा खिलाड़ी दिखाएंगे दम
लखनऊ में जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप शुरू, 2000 से ज्यादा खिलाड़ी मैदान में

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में युवा एथलीटों का बड़ा खेल आयोजन शुरू हो गया है। 61वीं उत्तर प्रदेश राज्य ओपन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप (B) का आयोजन 4 से 6 अक्टूबर 2026 तक गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, कुर्सी रोड, लखनऊ में किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 2 हजार से अधिक एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। खिलाड़ियों के बीच ट्रैक एंड फील्ड की विभिन्न स्पर्धाओं में पदक के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।

यह प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि यहां प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए यूपी की जूनियर टीम के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए यह सिर्फ राज्य स्तरीय खिताब जीतने का मौका नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है।
गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में जुटे प्रदेशभर के एथलीट
लखनऊ के गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के मैदान और ट्रैक पर तीन दिनों तक एथलेटिक्स का रोमांच देखने को मिलेगा। प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-16, अंडर-18 और अंडर-20 आयु वर्ग के बालक और बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। यानी अलग-अलग उम्र के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बड़ा मंच दिया गया है।
जिलों में आयोजित चयन ट्रायल के बाद टीमें तैयार की गई हैं। उदाहरण के तौर पर कानपुर की टीम चुनने के लिए जिला स्तर पर ट्रायल आयोजित किए गए, जिसमें 38 खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था। चयनित खिलाड़ी लखनऊ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
चार आयु वर्गों में होगी प्रतियोगिता
इस चैंपियनशिप में खिलाड़ियों को उनकी उम्र के आधार पर चार वर्गों में बांटा गया है:
अंडर-20, अंडर-18, अंडर-16 और अंडर-14।
इन वर्गों में लड़के और लड़कियां अलग-अलग स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में दौड़, बाधा दौड़, स्टीपलचेज, विभिन्न जंप और थ्रो इवेंट समेत एथलेटिक्स की कई स्पर्धाएं शामिल हैं।
कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता को उनकी आयु के हिसाब से डिजाइन किया गया है। अंडर-14 वर्ग में ट्रायथलॉन और किड्स जैवलिन जैसी स्पर्धाएं भी आकर्षण का हिस्सा हैं, जबकि बड़े आयु वर्ग में ट्रैक और फील्ड की विस्तृत स्पर्धाएं होती हैं।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी चयन समिति की नजर
इस चैंपियनशिप का एक सबसे अहम पहलू यह है कि यहां खिलाड़ियों के प्रदर्शन को आगे की चयन प्रक्रिया के लिए भी देखा जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चयन समिति प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का अंतिम चयन करेगी। इसका मतलब है कि जो खिलाड़ी यहां शानदार समय, दूरी या प्रदर्शन दर्ज करेंगे, उनके लिए आगे बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के रास्ते खुल सकते हैं।
युवा खिलाड़ियों के लिए ऐसे मुकाबले अनुभव हासिल करने का भी बड़ा अवसर होते हैं। राज्य भर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करके उन्हें अपनी कमजोरियों और मजबूत पक्षों को समझने का मौका मिलता है।
नेशनल जूनियर चैंपियनशिप पर भी नजर
लखनऊ में होने वाली यह प्रतियोगिता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके प्रदर्शन के आधार पर उत्तर प्रदेश की जूनियर एथलेटिक्स टीम का चयन किया जाना है। इसके बाद चुने गए खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर यूपी का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 41वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 23 से 27 अक्टूबर तक चेन्नई, तमिलनाडु में आयोजित होने वाली है। ऐसे में लखनऊ के ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की नजर सीधे राष्ट्रीय स्तर के टिकट पर होगी।
अलग-अलग जिलों से आए हैं खिलाड़ी
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता से पहले कई जिलों में चयन ट्रायल और टीम चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। बुलंदशहर की 20 सदस्यीय टीम भी चैंपियनशिप के लिए घोषित की गई थी, जिसमें दौड़, स्टीपलचेज, लॉन्ग जंप और जैवलिन समेत अलग-अलग इवेंट के खिलाड़ी शामिल हैं।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चैंपियनशिप में प्रदेश के कई हिस्सों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मौजूदगी रहेगी। अलग-अलग जिलों के एथलीटों के बीच मुकाबले से राज्य में जूनियर स्तर पर एथलेटिक्स की प्रतिस्पर्धा और मजबूत होने की उम्मीद है।
पहले दिन से ही पदकों के लिए कड़ी टक्कर
प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की नजर अपने-अपने इवेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर है। अलग-अलग स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को न सिर्फ पदक मिलेगा, बल्कि उनका प्रदर्शन भविष्य की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अक्सर छोटे जिलों और कस्बों से आने वाले खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलता है। ऐसे में लखनऊ की यह चैंपियनशिप कई युवा खिलाड़ियों के लिए करियर की दिशा बदलने वाला मंच भी साबित हो सकती है।
आयोजन की तैयारियां पूरी
चैंपियनशिप शुरू होने से पहले आयोजन स्थल पर तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन और जिला एथलेटिक्स पदाधिकारियों की ओर से प्रतियोगिता को सुचारु रूप से आयोजित करने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।
तीन दिनों तक चलने वाली प्रतियोगिता के दौरान ट्रैक पर जहां रफ्तार का मुकाबला होगा, वहीं फील्ड इवेंट में ताकत और तकनीक की परीक्षा होगी। दर्शकों के लिए भी यह आयोजन प्रदेश के उभरते एथलेटिक्स सितारों को करीब से देखने का मौका देगा।
लखनऊ में क्यों अहम है यह आयोजन?
लखनऊ लंबे समय से उत्तर प्रदेश के बड़े खेल आयोजनों का केंद्र रहा है। गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज जैसे संस्थान युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता का माहौल उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में राज्य की सबसे महत्वपूर्ण जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में से एक का आयोजन राजधानी में होना खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल लखनऊ का गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज युवा एथलीटों की प्रतिभा, मेहनत और प्रतिस्पर्धी जज्बे का गवाह बना हुआ है। 6 अक्टूबर तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में कई खिलाड़ियों की नजर पदक के साथ-साथ राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने पर होगी।


