US EB-5 Visa Fee Hike 2026: भारतीयों के लिए अमेरिका का ग्रीन कार्ड महंगा, 30 नवंबर से बढ़ेगी फीस
भारतीयों के लिए Green Card महंगा, जानें नई फीस

अमेरिका में निवेश के जरिए स्थायी निवास यानी Green Card हासिल करने की कोशिश कर रहे भारतीयों के लिए EB-5 Immigrant Investor Program से जुड़ा बड़ा बदलाव सामने आया है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) ने EB-5 कार्यक्रम की कई फीस बढ़ाने का अंतिम नियम जारी किया है। नई फीस 30 नवंबर 2026 से लागू होगी।

I-526E की फीस में 114% तक बढ़ोतरी
सबसे ज्यादा असर Regional Center के जरिए EB-5 के लिए आवेदन करने वाले निवेशकों पर पड़ सकता है। Form I-526E की शुरुआती फीस, EB-5 Technology Fee सहित, मौजूदा $3,675 से बढ़कर $7,850 हो जाएगी। यानी इसमें $4,175 यानी करीब 114% की बढ़ोतरी होगी।
वहीं, Standalone Investor के लिए Form I-526 की फीस $3,675 से बढ़कर $7,615 होगी। यह करीब 107% की वृद्धि है। Form I-829, जिसके जरिए निवेशक स्थायी निवास की शर्तें हटाने के लिए आवेदन करता है, उसकी फीस $3,750 से बढ़कर $5,000 हो जाएगी।
| EB-5 आवेदन | मौजूदा फीस | 30 नवंबर 2026 से |
|---|---|---|
| I-526 Standalone Investor | $3,675 | $7,615 |
| I-526E Regional Center Investor | $3,675 | $7,850 |
| I-526E Amendment | $3,675 | $7,775 |
| I-829 | $3,750 | $5,000 |
| I-526E Integrity Fund Fee | $1,000 | $1,100 |
सिर्फ फीस ही नहीं, निवेश की रकम भी बड़ी है
यह समझना जरूरी है कि EB-5 की आवेदन फीस और निवेश की अनिवार्य रकम अलग-अलग चीजें हैं। मौजूदा नियमों के तहत 15 मार्च 2022 के बाद दाखिल होने वाले EB-5 मामलों में सामान्य निवेश की न्यूनतम राशि $1.05 मिलियन है, जबकि Targeted Employment Area (TEA) या योग्य infrastructure project में न्यूनतम निवेश $800,000 है।
इसलिए किसी भारतीय आवेदक को केवल USCIS filing fee ही नहीं, बल्कि निर्धारित निवेश राशि और अन्य संबंधित खर्चों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।
भारतीय आवेदकों के लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण स्थिति
फीस बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब भारतीय EB-5 applicants के लिए visa availability भी अहम मुद्दा बनी हुई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने जून 2026 में बताया था कि FY2026 के लिए भारत के EB-5 unreserved category के सभी उपलब्ध immigrant visas इस्तेमाल हो चुके हैं। नए fiscal year यानी 1 अक्टूबर 2026 से वार्षिक visa numbers फिर उपलब्ध होने थे।
इसके अलावा EB-5 में reserved categories भी हैं, जिनमें rural, high-unemployment area और infrastructure projects जैसी श्रेणियां शामिल हैं। इसलिए सभी भारतीय EB-5 applicants की स्थिति एक जैसी नहीं होती।
30 नवंबर से पहले क्या होगा?
नई फीस 30 नवंबर 2026 से लागू होगी। इसलिए जिन निवेशकों की EB-5 petition दाखिल करने की तैयारी पूरी है, उनके लिए filing की तारीख फीस के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, केवल फीस बचाने के लिए अधूरी या जल्दबाजी में petition दाखिल करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
EB-5 में निवेश के स्रोत, धन के वैध स्रोत का दस्तावेजीकरण, project eligibility और immigration requirements जैसे कई पहलुओं की जांच होती है। इसलिए आवेदकों को अपनी व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार USCIS की आधिकारिक जानकारी और योग्य immigration professional से सलाह लेकर फैसला करना चाहिए।
भारतीयों के लिए क्या है पूरा मामला?
कुल मिलाकर अमेरिका में निवेश के जरिए Green Card हासिल करने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए EB-5 की लागत बढ़ने वाली है। खासतौर पर Regional Center वाले I-526E आवेदन की USCIS फीस में 114% की बढ़ोतरी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही भारत के EB-5 visa demand और annual limits को भी ध्यान में रखना होगा।


