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Italy Skirt Controversy: लॉन्ग स्कर्ट पर इटली के विदेश मंत्री की टिप्पणी, महिला सांसदों ने मिनी स्कर्ट पहनकर किया विरोध

लॉन्ग स्कर्ट पर मंत्री की टिप्पणी, महिला सांसदों ने मिनी स्कर्ट पहनकर किया विरोध

इटली में महिलाओं के पहनावे को लेकर एक राजनीतिक विवाद चर्चा में है। इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी की महिलाओं की स्कर्ट की लंबाई और शादी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विपक्षी महिला सांसदों ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। कई महिला सांसद मिनी स्कर्ट पहनकर संसद पहुंचीं और कहा कि महिलाओं के कपड़े उनके चरित्र, भरोसेमंद होने या अच्छी मां बनने का पैमाना नहीं हो सकते।

क्या कहा था विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने?

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब तजानी एक राजनीतिक कार्यक्रम में अपने बेटे की शादी को लेकर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें किसी युवक को शादी के लिए सलाह देनी हो तो वह ऐसी महिला को चुनने की सलाह देंगे जो कम दिखावटी, ज्यादा गंभीर और भरोसेमंद हो तथा अच्छी मां बने।

इसी बातचीत में उन्होंने थोड़ी लंबी स्कर्ट पहनने वाली महिला का उदाहरण दिया और कपड़ों की लंबाई को अपनी पसंद के संदर्भ में जोड़ा। उनके बयान के बाद इटली में राजनीतिक विरोध शुरू हो गया। आलोचकों ने सवाल उठाया कि किसी महिला के कपड़े और उसके चरित्र या वैवाहिक विश्वसनीयता को आपस में क्यों जोड़ा जाना चाहिए।

महिला सांसदों ने मिनी स्कर्ट पहनकर दिया जवाब

तजानी की टिप्पणी के जवाब में 22 सितंबर को इटली की संसद के ऊपरी सदन सीनेट में कई महिला विपक्षी सांसद मिनी स्कर्ट पहनकर पहुंचीं।

इस विरोध में डेमोक्रेटिक पार्टी (PD), Italia Viva, Five Star Movement और Greens and Left Alliance से जुड़ी महिला सांसद शामिल थीं। पहल Italia Viva की सीनेटर राफाएला पायता की ओर से की गई थी। उन्होंने इसे महिलाओं की अपनी पसंद के कपड़े पहनने की स्वतंत्रता से जुड़ा प्रतीकात्मक कदम बताया।

महिला सांसदों का संदेश था कि स्कर्ट की लंबाई से किसी महिला की विश्वसनीयता, रिश्ते निभाने की क्षमता या मातृत्व को नहीं मापा जाना चाहिए।

चियारा अपेंदीनो ने भी शेयर की मिनी स्कर्ट वाली तस्वीर

इस विवाद में Five Star Movement की सांसद और ट्यूरिन की पूर्व मेयर चियारा अपेंदीनो ने भी सोशल मीडिया पर मिनी स्कर्ट पहने अपनी तस्वीर साझा की। उन्होंने तजानी से सवाल किया कि क्या वह ऐसी महिला नहीं हैं जिसे भरोसेमंद या अच्छी मां माना जा सकता है।

उन्होंने अपने पोस्ट में यह मुद्दा उठाया कि वर्ष 2026 में किसी महिला के पहनावे को उसकी विश्वसनीयता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

सीनेट में सामूहिक विरोध क्यों हुआ?

विरोध में शामिल सांसदों ने कपड़ों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि महिलाओं को अपनी पोशाक चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। इटली के मीडिया के अनुसार, सीनेट में करीब 11 महिला सांसदों ने इस पहल में हिस्सा लिया।

यह मामला सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं रहा। इसके बाद इटली में महिलाओं की स्वतंत्रता, राजनीतिक भाषा और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं को लेकर बने सामाजिक मानकों पर भी बहस शुरू हो गई।

तजानी ने बाद में मांगी माफी

विवाद बढ़ने के बाद एंटोनियो तजानी ने अपनी टिप्पणी पर माफी मांगी। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान उन्होंने कहा कि अगर उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं और उनका उद्देश्य महिलाओं को अपमानित करना नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बात को गलत समझा गया।

माफी के बावजूद महिला सांसदों का विरोध सामने आया और यह मामला इटली के राजनीतिक विमर्श में चर्चा का विषय बन गया।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

तजानी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी उनकी टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ महिला नेताओं ने अपनी मिनी स्कर्ट वाली तस्वीरें साझा कर सवाल उठाया कि क्या कपड़े किसी महिला के व्यक्तित्व या पारिवारिक जिम्मेदारियों का पैमाना हो सकते हैं।

वहीं, तजानी ने बाद में अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उनका इरादा महिलाओं को नीचा दिखाना नहीं था। इस तरह विवाद में बयान, राजनीतिक विरोध और बाद की माफी—तीनों पहलू सामने आए।

क्यों चर्चा में है यह मामला?

इटली का यह विवाद इस वजह से भी चर्चा में है क्योंकि इसमें महिला सांसदों ने किसी लंबे राजनीतिक भाषण के बजाय कपड़ों को ही विरोध के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया। तजानी की टिप्पणी में स्कर्ट की लंबाई को शादी और भरोसेमंद होने के उदाहरण से जोड़ा गया था, जबकि विरोध करने वाली सांसदों ने इसी संदर्भ को उलटकर अपनी पोशाक के जरिए जवाब दिया।

फिलहाल तजानी की माफी के बाद भी यह बहस जारी है कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के पहनावे को उनके चरित्र या पारिवारिक भूमिका से जोड़ना उचित है या नहीं। यह विवाद इटली की राजनीति में महिलाओं की स्वतंत्रता और लैंगिक समानता से जुड़े सवालों को भी सामने लाया है।


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