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Exam Reform Bill और Kavach 4.0: परीक्षा व्यवस्था से रेल सुरक्षा तक, सरकार के दो बड़े सुधारों पर नजर

परीक्षा सुधार से रेलवे सुरक्षा तक बड़े बदलाव

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 को आगे बढ़ाया है। दूसरी ओर, भारतीय रेलवे देश में स्वदेशी Kavach Automatic Train Protection System का विस्तार कर रहा है। हालिया अपडेट के मुताबिक रेलवे ने कई रेल सेक्शनों में Kavach 4.0 लागू करने की दिशा में कदम तेज किए हैं।

परीक्षा सुधार बिल में क्या है खास?

सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली विभिन्न तरह की अनियमितताओं और अनुचित साधनों पर कानूनी शिकंजा मजबूत करना है। यह बिल Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 में संशोधन करता है।

सरकार की ओर से बताया गया है कि परीक्षा व्यवस्था में केवल पेपर लीक ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले दूसरे अनुचित तरीकों को भी रोकने पर जोर है। सरकार ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, उम्मीदवारों की पहचान और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत करने की बात कही है।

लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है बिल

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बिल पर लोकसभा में चर्चा 27 जुलाई 2026 को हुई थी और लोकसभा ने इसे 29 जुलाई को पारित कर दिया था। इसके बाद राज्यसभा ने भी 30 जुलाई 2026 को इसे पारित कर दिया। इसलिए इसे वर्तमान में “लोकसभा में चर्चा जारी” बताना सही नहीं होगा।

केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए हाईलेवल एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों पर भी काम किया है। सरकार के मुताबिक कमेटी की 46 सिफारिशों में से 35 को लागू किया जा चुका है। इनमें आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, AI आधारित फेस ऑथेंटिकेशन, मल्टी-लेयर फ्रिस्किंग, CCTV निगरानी और साइबर सुरक्षा से जुड़े कदम शामिल हैं।

रेलवे में Kavach 4.0 पर जोर

अब बात रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की करें तो भारतीय रेलवे Kavach 4.0 के विस्तार पर काम कर रहा है। 19 सितंबर को रेलवे ने उत्तर पूर्वी रेलवे के लखनऊ डिवीजन में 607.7 रूट किलोमीटर पर Kavach 4.0 लगाने के लिए करीब 252 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।

Kavach एक स्वदेशी Automatic Train Protection (ATP) प्रणाली है। इसका उद्देश्य ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा बढ़ाना और जरूरत पड़ने पर ट्रेन को नियंत्रित करने में मदद करना है।

कैसे काम करता है Kavach?

Kavach का एक अहम उद्देश्य Signal Passing At Danger (SPAD) यानी लाल सिग्नल को पार करने जैसी स्थिति को रोकना है। सिस्टम ट्रेन की स्थिति और सिग्नल से जुड़ी जानकारी की निगरानी करता है और निर्धारित सुरक्षा परिस्थितियों में ऑटोमैटिक ब्रेकिंग में मदद कर सकता है।

रेलवे के अनुसार Kavach के जरिए ट्रेन संचालन में सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।

Kavach 4.0 और Kavach 5.0 में अंतर

ताजा खबरों में Kavach 5 का उल्लेख हो रहा है, लेकिन मौजूदा तैनाती को Kavach 5 कहना सही नहीं है। रेलवे की वर्तमान परियोजनाएं मुख्य रूप से Kavach 4.0 से जुड़ी हैं।

रेलवे के फरवरी 2026 के आधिकारिक अपडेट के अनुसार Kavach 4.0 को कई रेलवे जोन में लागू किया जा चुका था, जबकि Kavach 5.0 को भविष्य के Vande Bharat 4.0 ट्रेन प्लेटफॉर्म के उन्नत सुरक्षा और तकनीकी ढांचे का हिस्सा बनाने की योजना बताई गई थी।

23 सितंबर 2026 को दक्षिण मध्य रेलवे में भी पहली बार Kavach 4.0 को 108 रूट किलोमीटर के मलकाजगिरी-कामारेड्डी सेक्शन पर कमीशन किया गया। इसमें बेहतर लोकेशन सटीकता और सिग्नल संबंधी जानकारी जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्यों अहम है Kavach?

भारतीय रेलवे में ट्रेनों की संख्या और नेटवर्क पर ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का विस्तार सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

Kavach का विस्तार विशेष रूप से उन रेल सेक्शनों में ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है जहां आधुनिक सिग्नलिंग और ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन की जरूरत है।

एक नजर में

  • परीक्षा सुधार बिल 2026 लोकसभा से 29 जुलाई को पारित हुआ।
  • राज्यसभा ने इसे 30 जुलाई को पारित किया।
  • बिल का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक मजबूत करना है।
  • रेलवे लखनऊ डिवीजन में 607.7 किमी पर Kavach 4.0 लगाएगा।
  • इस परियोजना के लिए करीब ₹252 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
  • Kavach 4.0 SPAD रोकने और जरूरत पड़ने पर ऑटोमैटिक ब्रेकिंग में मदद करता है।
  • Kavach 5.0 को भविष्य के Vande Bharat 4.0 से जोड़कर देखा जा रहा है।

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