UP Lightning Strike: जौनपुर-मिर्जापुर में आकाशीय बिजली का कहर, युवती की मौत और कई लोग झुलसे
UP Lightning Strike: जौनपुर-मिर्जापुर में आकाशीय बिजली का कहर, युवती की मौत और कई झुलसे

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में बुधवार को बदले मौसम के बीच आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया। जौनपुर में वज्रपात की चपेट में आने से 22 वर्षीय युवती की मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद एक महिला झुलस गई। वहीं मिर्जापुर में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक गर्भवती महिला झुलस गई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जौनपुर में बिजली गिरने से युवती की मौत
जौनपुर जिले में बारिश के दौरान नेवढ़िया थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने की घटना हुई। हादसे के समय 22 वर्षीय श्रद्धा पटेल और 32 वर्षीय शुभवंती देवी बारिश से बचने के लिए खेत में बने मड़हे में मौजूद थीं।
इसी दौरान तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरी। इसकी चपेट में आने से श्रद्धा पटेल की मौत हो गई, जबकि शुभवंती देवी झुलस गईं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
मिर्जापुर में गर्भवती महिला झुलसी
मिर्जापुर के हलिया थाना क्षेत्र के देवरी बाजार में भी वज्रपात की घटना सामने आई। यहां 22 वर्षीय अंतिमा पटेल आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिमा अपने मायके आई हुई थीं और घर के बरामदे में खाना बना रही थीं। इसी दौरान बूंदाबांदी शुरू हुई और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से वह झुलसकर अचेत हो गईं।
परिजनों ने तत्काल उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई है। अंतिमा गर्भवती हैं।
पूर्वांचल में बदला मौसम का मिजाज
बुधवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम अचानक बदला। वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, बलिया, भदोही, मऊ, गाजीपुर और चंदौली में अलग-अलग जगहों पर बारिश हुई। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।
मौसम में बदलाव के बीच बिजली गिरने की घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए आकाशीय बिजली विशेष रूप से खतरनाक हो सकती है।
बारिश और गरज-चमक के दौरान बरतें सावधानी
आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या खेतों में खड़े रहने से बचना चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर संभव हो तो पक्की इमारत के अंदर जाना सुरक्षित माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मौसम खराब होने पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
जौनपुर और मिर्जापुर की घटनाएं एक बार फिर दिखाती हैं कि बारिश के साथ होने वाली तेज गरज-चमक को हल्के में नहीं लेना चाहिए।




