India-New Zealand FTA: न्यूजीलैंड संसद ने भारी बहुमत से पास किया भारत के साथ ट्रेड डील, 95% निर्यात पर घटेगा टैरिफ
India-New Zealand FTA: न्यूजीलैंड संसद ने पास किया ट्रेड डील, 95% निर्यात पर घटेगा टैरिफ

भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते यानी Free Trade Agreement (FTA) को लागू करने वाला कानून 93-29 के वोट से पारित कर दिया है। इस कानून को विपक्षी लेबर पार्टी का भी समर्थन मिला। समझौते के पूरी तरह लागू होने के बाद न्यूजीलैंड के करीब 95% निर्यात पर भारत में टैरिफ खत्म या काफी कम हो जाएगा।

95% न्यूजीलैंड निर्यात को मिलेगा टैरिफ लाभ
न्यूजीलैंड सरकार के मुताबिक, समझौता लागू होने के पहले ही दिन उसके भारत जाने वाले 57% निर्यात को ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिल जाएगा। इसके बाद FTA के पूरी तरह लागू होने पर करीब 95% निर्यात पर टैरिफ समाप्त या काफी कम किया जाएगा। इससे न्यूजीलैंड के कृषि, खाद्य और अन्य निर्यातकों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने संसद में पारित होने के बाद कहा कि यह समझौता न्यूजीलैंड के निर्यातकों को दुनिया की बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत के बाजार तक पहुंच बढ़ाने का अवसर देगा।
भारतीय सामान को भी न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री एंट्री
इस समझौते का फायदा सिर्फ न्यूजीलैंड के निर्यातकों को ही नहीं मिलेगा। FTA के तहत भारतीय वस्तुओं को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच देने पर सहमति बनी है। इससे भारत के कई निर्यात क्षेत्रों को न्यूजीलैंड के बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिल सकती है।
दोनों देशों के बीच व्यापार में वस्तुओं के साथ-साथ सेवाओं का भी महत्व है। समझौते में बाजार पहुंच, निवेश और सेवाओं से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।
20 अरब न्यूजीलैंड डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता
इस FTA के तहत न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में NZ$20 अरब यानी करीब ₹1 लाख करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण प्रावधानों में शामिल है।
इससे भारत में निवेश, कारोबार और संभावित रोजगार अवसरों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि निवेश की वास्तविक गति और क्षेत्र परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
अप्रैल में हुआ था भारत-न्यूजीलैंड FTA पर समझौता
भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में FTA पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद समझौते को दोनों देशों की घरेलू प्रक्रियाओं के तहत मंजूरी मिलनी थी। न्यूजीलैंड की संसद में अब इसके क्रियान्वयन से संबंधित कानून पारित हो गया है।
न्यूजीलैंड की संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार बिल ने जून में पहला रीडिंग चरण पार किया था और सितंबर में दूसरे व तीसरे रीडिंग के बाद इसे पारित किया गया।
दोनों देशों के बीच करीब ₹19,500 करोड़ का व्यापार
जून 2026 तक के एक साल में भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब NZ$3.99 अरब यानी लगभग ₹19,500 करोड़ रहा। न्यूजीलैंड के लिए भारत उसके प्रमुख वस्तु एवं सेवा निर्यात बाजारों में शामिल है।
FTA के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में और विस्तार की संभावना जताई जा रही है। खासकर कृषि उत्पाद, खाद्य सामग्री, मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं के क्षेत्र में बाजार पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।
अक्टूबर के अंत तक लागू होने की उम्मीद
भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, दोनों देशों के बीच FTA को अक्टूबर 2026 के अंत तक लागू किए जाने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम प्रभावी तारीख दोनों देशों की आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद तय होगी।
इसलिए अभी यह कहना सही होगा कि न्यूजीलैंड की संसद ने FTA के क्रियान्वयन से जुड़ा कानून पारित कर दिया है, जबकि समझौते का वास्तविक प्रभाव इसके औपचारिक रूप से लागू होने के बाद शुरू होगा।



