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नेपाल बाढ़: भारत ने भेजी राहत सामग्री की 5वीं खेप, 5.5 टन दवाओं के साथ 11 सदस्यीय बचाव दल रवाना

भारत ने भेजी 5वीं राहत खेप, 5.5 टन दवाओं के साथ 11 सदस्यीय बचाव दल रवाना

नेपाल में ग्लेशियर झील फटने, बादल फटने और भारी बारिश के बाद आई विनाशकारी बाढ़ से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस मुश्किल वक्त में भारत ने नेपाल के लिए अपनी मानवीय सहायता जारी रखते हुए राहत सामग्री की पांचवीं खेप भेजी है। बुधवार को भारत से रवाना हुए पांचवें राहत विमान में 5.5 टन जरूरी दवाएं, विशेष उपकरण और 11 सदस्यीय विशेषज्ञ बचाव दल शामिल है।

🇮🇳 भारत की नेपाल को लगातार मदद

भारत की ओर से भेजी गई यह पांचवीं राहत उड़ान नेपाल में जारी बचाव और राहत अभियान को मजबूती देने के लिए भेजी गई है। इस खेप में बड़ी मात्रा में आवश्यक दवाइयां और आपदा राहत से जुड़े उपकरण शामिल हैं। इसके साथ गया 11 सदस्यीय दल मुश्किल इलाकों में राहत और बचाव कार्य में मदद करेगा।

भारत पहले भी नेपाल को राहत सामग्री और बचाव संसाधन भेज चुका है। ताजा खेप के बाद भारत की ओर से नेपाल को भेजी गई कुल आपातकालीन सहायता 68.5 टन तक पहुंच गई है।

नेपाल में हालात बेहद गंभीर

26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर से जुड़ी घटना के बाद नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। कई इलाकों में घर, सड़कें, पुल और दूसरी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

बाढ़ के बाद कई दुर्गम इलाकों तक पहुंचना बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। मलबे और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत सामग्री पहुंचाने में भी मुश्किलें आ रही हैं। ऐसे में भारत की ओर से हवाई मार्ग के जरिए भेजी जा रही सहायता काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दवाओं के साथ विशेषज्ञ बचाव दल भी पहुंचा

भारत की पांचवीं राहत उड़ान सिर्फ सामान लेकर नहीं गई है, बल्कि इसमें 11 सदस्यीय विशेष बचाव दल भी शामिल है। टीम के पास आपदा के दौरान इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरण हैं और इसका उद्देश्य नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय बचाव एजेंसियों की मदद करना है।

राहत अभियान में मेडिकल सहायता भी बेहद जरूरी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और दूषित पानी तथा कठिन परिस्थितियों के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं। ऐसे में 5.5 टन दवाओं की खेप प्रभावित लोगों के लिए अहम साबित हो सकती है।

संकट की घड़ी में नेपाल के साथ भारत

भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से मजबूत पड़ोसी संबंध रहे हैं। प्राकृतिक आपदा के समय दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग भी लगातार देखने को मिलता रहा है। इस बार भी भारत ने शुरुआती दौर से ही राहत सामग्री, मेडिकल संसाधन और बचाव टीमों के जरिए नेपाल की मदद शुरू की है।

भारत की पांचवीं राहत उड़ान से यह संकेत मिलता है कि नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए भारतीय सहायता फिलहाल जारी रहेगी।

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