Hospital Fire : बरेली के पांच मंजिला अस्पताल में आग, धुएं से मरीजों में मची अफरा-तफरी
बरेली के पांच मंजिला अस्पताल में आग लगने से वार्डों में धुआं भर गया, परिजन बच्चों को लेकर सुरक्षित बाहर भागे।

बरेली में पांच मंजिला अस्पताल में अचानक आग लगने से मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। अस्पताल के वार्डों में धुआं भरने के बाद परिजन बच्चों को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भागते नजर आए। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पांच मंजिला अस्पताल में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने की सूचना मिलते ही अस्पताल में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। देखते ही देखते अस्पताल के कई हिस्सों में धुआं फैल गया। धुएं के कारण वार्डों में भर्ती मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी गई।
घटना के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों और उनके परिजनों को हुई, जो अस्पताल की ऊपरी मंजिलों पर मौजूद थे। आग और धुएं की जानकारी मिलते ही लोग अपने मरीजों को लेकर सुरक्षित स्थान की तरफ जाने लगे। कई परिजन छोटे बच्चों को गोद में उठाकर अस्पताल से बाहर निकलते दिखाई दिए। इस दौरान अस्पताल के गलियारों और सीढ़ियों पर भी काफी भीड़ जमा हो गई।
वार्डों में धुआं भरने से बढ़ी परेशानी
बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद अस्पताल के अंदर धुआं तेजी से फैलने लगा। धुएं की वजह से मरीजों को सांस लेने में परेशानी होने की आशंका के चलते उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने भी बचाव कार्य में मदद की और मरीजों को वार्डों से बाहर निकालने में जुट गए।
आग की सूचना दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। राहत एवं बचाव टीमों ने अस्पताल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर प्राथमिकता दी।
आग लगने के कारणों की जांच
फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। शुरुआती तौर पर आग किसी उपकरण, शॉर्ट सर्किट या अन्य कारण से लगने की आशंका जताई जा सकती है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। संबंधित विभाग की टीम घटना की जांच में जुटी है।

अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आग लगने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और आग से निपटने के इंतजाम कितने प्रभावी हैं, इसकी भी जांच की जा सकती है।
घटना के बाद अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। परिजन अपने मरीजों की स्थिति जानने के लिए परेशान नजर आए। राहत की बात यह रही कि बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया और लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया। घटना में कितना नुकसान हुआ और कितने लोग प्रभावित हुए, इसकी पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



