नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 160 से ज्यादा मौतें; सैकड़ों लापता, भारत ने भेजी राहत की दूसरी बड़ी खेप
नेपाल में बाढ़ से तबाही, 160 से ज्यादा मौतें; सैकड़ों लापता, भारत ने भेजी राहत सामग्री

नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई बाढ़ के बाद अब तक 160 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ से कई इलाकों में सड़कें, पुल और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
नेपाल के रसुवा जिले और भोटे कोशी नदी के आसपास के इलाकों में अचानक पानी का तेज बहाव आया। देखते ही देखते कई इलाकों में पानी और मलबा भर गया। कई वाहन, घर और अन्य संपत्तियां पानी की तेज धारा में बह गईं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य बेहद मुश्किल परिस्थितियों के बीच चलाया जा रहा है।
नेपाल की सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर और बचाव दल तैनात किए हैं। खराब मौसम और पहाड़ी इलाकों में क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार चुनौतियां सामने आ रही हैं।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने राहत और बचाव के लिए मदद तेज कर दी है। भारतीय वायुसेना के C-130J विमान के जरिए 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री नेपाल भेजी गई। इस खेप में अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और जरूरी दवाइयां शामिल थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात कर हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया था।

भारत की ओर से राहत सामग्री की यह पहली खेप थी। 27 अगस्त को भारत ने दूसरी खेप भी रवाना की, जिसमें 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट शामिल बताए गए हैं।
नेपाली प्रधानमंत्री ने जताया आभार
भारत की मदद के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने आभार जताया है। दोनों देशों के बीच राहत एवं बचाव प्रयासों को लेकर समन्वय जारी है। भारत ने इस आपदा में नेपाल और उसके नागरिकों के साथ खड़े रहने की बात कही है।
सैकड़ों लोगों की तलाश जारी
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से चिंता और बढ़ गई है। ताजा रिपोर्टों में नेपाल में 160 से अधिक मौतों और सैकड़ों लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के कई हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में राहत, पुनर्वास और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करना बड़ी चुनौती होगी।



