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परीक्षा नियमों में बदलाव पर बिहार में छात्र आंदोलन तेज, सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी

परीक्षा नियमों में बदलाव पर बिहार में छात्र आंदोलन तेज, जानें पूरी मांगें

बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक भर्ती परीक्षा के नियमों में बदलाव को लेकर छात्रों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थी कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में नए नियम लागू करने से उनके लिए भर्ती की राह और मुश्किल हो जाएगी।

TRE-4 के नए पैटर्न का विरोध

विरोध का प्रमुख मुद्दा BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा में प्रस्तावित बदलाव है। छात्रों को खास तौर पर परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा यानी Prelims जोड़ने और दो-स्तरीय परीक्षा प्रक्रिया पर आपत्ति है। उनका कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया लंबी होगी और अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव पड़ेगा। इससे पहले TRE-1, TRE-2 और TRE-3 जैसी भर्तियां सिंगल-टियर परीक्षा प्रक्रिया के तहत हुई थीं।

अभ्यर्थी यह भी मांग कर रहे हैं कि नेगेटिव मार्किंग हटाई जाए और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए। छात्रों की मांगों में लंबित शिक्षक भर्तियों को पूरा करना और रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति जैसी बातें भी शामिल हैं।

प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव

पटना में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और हल्के लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए और करीब 25 छात्रों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

सरकार से बातचीत की उम्मीद

प्रदर्शन के बीच छात्र प्रतिनिधियों के एक दल ने बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से मुलाकात की। छात्र नेताओं के मुताबिक बैठक सकारात्मक रही और उन्हें उनकी मांगों पर जल्द प्रतिक्रिया का भरोसा दिया गया।

वहीं सरकार की ओर से छात्रों की शिकायतों को सुनने और समाधान की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों की समस्याओं के लिए 1100 हेल्पलाइन शुरू करने की जानकारी दी है, जिसके जरिए शिकायतों के समाधान की व्यवस्था की गई है।

क्या है छात्रों की मुख्य मांग?

  • TRE-4 में सिंगल-टियर परीक्षा लागू हो
  • नेगेटिव मार्किंग हटाई जाए
  • भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो
  • लंबित भर्तियों और परिणामों को जल्द पूरा किया जाए
  • परीक्षा में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो
  • आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लिया जाए

निष्कर्ष

बिहार में परीक्षा नियमों को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब सरकार और अभ्यर्थियों के बीच बड़े संवाद का मुद्दा बन चुका है। छात्रों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो, जबकि सरकार की ओर से बातचीत के जरिए समाधान निकालने के संकेत दिए जा रहे हैं। अब आने वाले दिनों में सरकार के फैसले पर आंदोलन की अगली दिशा निर्भर करेगी।

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