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असम में बाढ़ से बिगड़े हालात, अब तक 41 लोगों की मौत, 7.27 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित; राहत-बचाव में जुटी सेना

Assam Flood News: असम में बाढ़ का कहर, 41 लोगों की मौत, 7.27 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; राहत-बचाव में जुटी सेना

गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7.27 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से पूरी तरह कट गया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया है।


कई जिलों में बाढ़ का कहर

लगातार बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से हजारों घर जलमग्न हो गए हैं। कई गांवों, खेतों और सड़कों पर पानी भर जाने से सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में कई जिले शामिल हैं, जहां प्रशासन लगातार राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।


सेना और वायुसेना ने संभाला मोर्चा

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना और वायुसेना ने राहत अभियान तेज कर दिया है।

राहत अभियान के तहत—

  • फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
  • नावों और विशेष बचाव उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
  • राहत शिविरों तक खाद्य सामग्री और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं।
  • बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर निकाला जा रहा है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लिया जायजा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चराईदेव, शिवसागर और अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाने में लापरवाही न बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।


राहत शिविरों में हजारों लोग

बाढ़ के कारण हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन द्वारा विभिन्न जिलों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों को—

  • भोजन
  • पीने का पानी
  • स्वास्थ्य सेवाएं
  • अस्थायी आवास
  • बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाएं

उपलब्ध कराई जा रही हैं।


कृषि और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

बाढ़ का असर केवल आबादी तक सीमित नहीं है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा—

  • कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
  • पुलों पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
  • बिजली और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने तथा केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


सरकार की अपील

राज्य सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन तथा हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करने की सलाह दी है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।


निष्कर्ष

असम इस समय भीषण बाढ़ संकट से जूझ रहा है। 41 लोगों की मौत और 7.27 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने के बीच प्रशासन, सेना, वायुसेना और आपदा राहत बल लगातार लोगों की जान बचाने और राहत पहुंचाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।

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