धर्म/अध्यात्म

रंग पंचमी आज, इस विधि से करें पूजा

आज यानी 8 मार्च 2026 को देशभर में रंग पंचमी (Rang Panchami 2026) का पावन पर्व मनाया जा रहा है। चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व होली के समापन का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, जहां होली पर लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, वहीं रंग पंचमी के दिन देवताओं के साथ होली खेली जाती है।

ऐसी मान्यता है कि इस दिन आसमान की ओर गुलाल उड़ाने से घर में सकारात्मकता और समृद्धि आती है। आइए इस पावन पर्व की पूजा विधि से लेकर सबकुछ जानते हैं।

पूजन सामग्री (Rang Panchami 2026 Samaigri List)
गुलाल – लाल, पीला और गुलाबी।
गंगाजल और पंचामृत – भगवान के अभिषेक के लिए।
फूल-माला – गेंदे या गुलाब के ताजे फूल।
मिठाई – भगवान के लिए मिश्री-माखन, लड्डू व मालपुआ।
धूप-दीप – शुद्ध घी का दीपक और धूप।
चंदन – भगवान के तिलक के लिए।

रंग पंचमी पूजा विधि (Rang Panchami 2026 Puja Vidhi)
स्नान के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
सबसे पहले अपने ईष्ट देव के चरणों में गुलाल अर्पित करें। ध्यान रहे, गुलाल सीधे चेहरे पर न लगाकर चरणों में लगाना चाहिए।
इसके बाद पंचामृत और जल से भगवान का अभिषेक करें और उन्हें साफ वस्त्र पहनाएं।
भगवान को उनकी प्रिय मिठाई और ऋतु फलों का भोग लगाएं।
घी का दीपक जलाकर आरती करें और घर की खुशहाली के लिए प्रार्थना करें।
पूजा के अंत में घर के आंगन या छत में खड़े होकर आकाश की ओर गुलाल उड़ाएं। माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान की कृपा आपके घर पर बरसती है।

पूजन मंत्र (Rang Panchami 2026 Puja Mantra)
श्री कृष्णाय नमः।।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः।।

रंग पंचमी का धार्मिक महत्व (Rang Panchami 2026 Significance)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रंग पंचमी के दिन सात्विक रंगों का प्रयोग करने से कुंडली में बृहस्पति और शुक्र की स्थिति मजबूत होती है, जिससे आर्थिक तंगी दूर होती है। वहीं, इस दिन किसी के प्रति बुरा भाव मन में नहीं रखना चाहिए, बल्कि प्यार से त्योहार मनाना चाहिए। साथ ही भगवान कृष्ण की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए।

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