धर्म/अध्यात्म

इस आरती के बिना अधूरी है होलिका माता की पूजा

हिंदू धर्म में फाल्गुन माह की पूर्णिमा का विशेष महत्व है। क्योंकि, इसी दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में होलिका दहन किया जाता है। साल 2026 में पूर्णिमा तिथि और चंद्र ग्रहण के योग के कारण दहन के समय को लेकर थोड़ी चर्चा है।

भद्रा काल में कोई भी मांगलिक कार्य करने से काम बिगड़ने की आशंका रहती है। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, जिससे सुबह से ही सूतक काल शुरू हो जाएगा। ऐसे में ग्रहण और भद्रा दोनों के दोष से बचने के लिए 3 मार्च की शाम का समय ही सबसे उत्तम और फलदायी है।

होलिका दहन कब करें?
वहीं, द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 3 मार्च शाम 06 बजकर 22 मिनट से 08 बजकर 50 मिनट तक होलिका दहन का सटीक शुभ मुहूर्त है।

पूजा और आरती का महत्व
होलिका दहन केवल अग्नि प्रज्वलित करना नहीं है, बल्कि यह एक पवित्र पूजा पद्धति है। दहन से पहले लोग होलिका माता की विधि-विधान से पूजा करते हैं और अग्नि की परिक्रमा करते हैं।

मान्यता है कि होलिका माता की पूजा उनकी आरती के बिना पूरी नहीं मानी जाती। इसलिए सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना के साथ दहन से पहले आरती अवश्य करनी चाहिए।

होलिका माता की आरती
ॐ जय होलिका माता मैया जय होलिका माता

जो जन तुझको पूजे सुख सारे पाता ॐ जय होलिका माता

ॐ जय होलिका माता मैया जय होलिका माता

जो जन तुझको पूजे सुख सारे पाता ॐ जय होलिका माता

महाऋषि कश्यप की पुत्री तुम माता

मैया पुत्री तुम माता और दिति है माता

और दिति है माता हिरण्य कश्यप भ्राता

ॐ जय होलिका माता ||

शिव भक्ति से तुमने ऐसा वर पाया

मैया ऐसा वर पाया अग्नि जला न पाए

अग्नि जला न पाए तेरी ये काया

ॐ जय होलिका माता ||

वरदानी ये दुशाला शीश पे जब ओढ़े

मैया शीश पे जब ओढ़े शिवजी की कृपा से

शिवजी की कृपा से अग्नि भी मुख मोड़े

ॐ जय होलिका माता ||

ऋषि श्राप के बंधन सारे सत्य हुए

मैया सारे सत्य हुए अग्नि बिच में जल के

अग्नि बिच में जल के दोषी वो भस्म हुए

ॐ जय होलिका माता ||

पान सुपारी नारियल जो तुझे दान करे

मैया जो तुझे दान करे धन वैभव सुख सारे

धन वैभव सुख सारे तू प्रदान करे

ॐ जय होलिका माता ||

गेंहू चने की बाली चढ़े सरसो के फूल

मैया चढ़े सरसो के फूल उस जन के दुःख हारती

उस जन के दुःख हारती ग्रह रहे अनुकूल

ॐ जय होलिका माता ||

होली दहन के समय जो परिक्रमा करते

मैया परिक्रमा करते होलिका माँ की कृपा से

होलिका माँ की कृपा से काज सफल होते

ॐ जय होलिका माता ||

बड़ गुल्ले गोबर के होली में दहन करे

मैया होली में दहन करे अन्न धन से भंडारे

अन्न धन से भंडारे होलिका मात भरे

ॐ जय होलिका माता ||

होलिका माई की आरती जो भी जन गावे

मैया जो भी जन गावे सुख संतान की खुशियां

सुख संतान की खुशियां मैया से पाए

ॐ जय होलिका माता ||

ॐ जय होलिका माता मैया जय होलिका माता

वैरागी माँ तेरे नित नित गुण गाता ॐ जय होलिका माता

ॐ जय होलिका माता मैया जय होलिका माता

जो जन तुझको पूजे सुख सारे पाता ॐ जय होलिका माता ||

नरसिंह भगवान की आरती
ओम जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।

स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे, स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे, जनका ताप हरे॥

ओम जय नरसिंह हरे

तुम हो दिन दयाला, भक्तन हितकारी, प्रभु भक्तन हितकारी।

अद्भुत रूप बनाकर, अद्भुत रूप बनाकर, प्रकटे भय हारी॥

ओम जय नरसिंह हरे

सबके ह्रदय विदारण, दुस्यु जियो मारी, प्रभु दुस्यु जियो मारी।

दास जान आपनायो, दास जान आपनायो, जनपर कृपा करी॥

ओम जय नरसिंह हरे

ब्रह्मा करत आरती, माला पहिनावे, प्रभु माला पहिनावे।

शिवजी जय जय कहकर, पुष्पन बरसावे॥

ओम जय नरसिंह हरे

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