उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश : भू-उपयोग के परिवर्तन में देरी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पर पड़ रही भारी

 
 
आगरा में राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने शुक्रवार को फतेहाबाद रोड स्थित होटल में उद्यमियों और रियल एस्टेट कारोबारियों से संवाद किया। बिल्डर्स और उद्यमियों ने भूमि और राजस्व की समस्याएं बताई। कहा कि सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन कराने और दाखिल-खारिज में विलंब से प्रभावित हो रहे हैं।

राजस्व परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार ने उद्यमियों और रियल एस्टेट कारोबारियों से कहा कि तहसीलों में राजस्व अभिलेख, भूमि से जुड़े सभी कार्य और प्रक्रियाएं डिजिटल होंगी। हर अभिलेख कंप्यूटर की नजर में रहेगा। खतौनी से नक्शा तक सब डिजिटल होने से को जनता को पारदर्शी राजस्व तंत्र मिलेगा। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन, खतौनी, नामांतरण, चकबंदी आदि प्रक्रियाओं के लिए नए सॉफ्टवेयर विकसित किए जा रहे हैं।

गांवों की सैटेलाइट इमेज अपलोड की जाएंगी, जिससे सर्किल रेट निर्धारण में किसी प्रकार की विसंगति नहीं रहेगी। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भू-राजस्व सुधार की मुहिम शुरू की है, जिससे साकारात्मक परिणाम जल्द सामने आएंगे।

रजिस्ट्री दफ्तर की बदलेगी सूरत
सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री दफ्तरों की सूरत बदलेगी। लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल रावी ने राजस्व परिषद अध्यक्ष से रजिस्ट्री दफ्तर की समस्याएं बताईं। कहा कि दफ्तर में जगह नहीं है। भीड़ रहती है। सीढि़यों से लोग फिसलते हैं। सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले विभाग की स्थिति सबसे खराब है। बुजुर्गों, दिव्यांग और बीमार लोगों को बैनामा में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अध्यक्ष ने मंडलायुक्त और डीएम को रजिस्ट्री दफ्तर का मुआयना करने और व्यवस्थाएं ठीक कराने के निर्देश दिए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button