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	<title>अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<description>Hindi News, Breaking News, Politics &#38; Lifestyle News</description>
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	<title>अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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		<title>CM का तंज: कहा- एक पार्टी के युवराज पंतनगर से लौट गए</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:56:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="636" height="358" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/kutiou.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/kutiou.jpg 636w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/kutiou-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 636px) 100vw, 636px" />मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धनगढ़ी पुल के लोकार्पण के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक पार्टी के युवराज पंतनगर आए और वापस लौट गए। कहा कि यदि वे अल्मोड़ा नहीं जा सकते थे तो देहरादून का दौरा क्यों रद्द कर दिया। इससे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="636" height="358" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/kutiou.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/kutiou.jpg 636w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/kutiou-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 636px) 100vw, 636px" />
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धनगढ़ी पुल के लोकार्पण के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक पार्टी के युवराज पंतनगर आए और वापस लौट गए। कहा कि यदि वे अल्मोड़ा नहीं जा सकते थे तो देहरादून का दौरा क्यों रद्द कर दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस का उत्तराखंड से कोई वास्तविक लगाव नहीं है।</p>



<p>धनगढ़ी पुल लोकार्पण कार्यक्रम में पत्रकारों से वार्ता के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जैसे रामनगर में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के चलते पर्यटन सीजन आता है, वैसे ही कांग्रेस के लिए केवल चुनाव के समय चुनाव पर्यटन का सीजन आता है। इसी दौरान कांग्रेसी नेताओं को उत्तराखंड की जनता की परेशानियां याद आती हैं। कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री 28 बार उत्तराखंड के दौरे पर आ चुके हैं और आगामी दौरों को लेकर भी उनकी तैयारियां पूरी हैं।</p>



<p><strong>चुनाव अपने समय पर ही होंगे : सीएम</strong><br>पत्रकारों के सवाल के जवाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव अपने ही समय पर होंगे। चुनाव आयोग की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। चुनाव आयोग के निर्देश के तहत ही चुनाव होंगे।</p>
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		<title>चारधाम यात्रा: मानसून की तैयारी अधूरी, जोखिम भरी आवाजही</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172007</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:01:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="652" height="358" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/7oiuh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" />मानसून सीजन शुरू होते ही पहाड़ की सड़कों ने वाहन चालकों सहित स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रियों की परीक्षा लेना शुरू कर दिया है। बीती रविवार देर रात्रि&#160;हुई बारिश के कारण नेताला के समीप मलबा आने के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई। इस कारण वहां पर छोटे चोपहिया और दोपहिया फंसने के कारण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="652" height="358" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/7oiuh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>मानसून सीजन शुरू होते ही पहाड़ की सड़कों ने वाहन चालकों सहित स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रियों की परीक्षा लेना शुरू कर दिया है। बीती रविवार देर रात्रि&nbsp;हुई बारिश के कारण नेताला के समीप मलबा आने के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई। इस कारण वहां पर छोटे चोपहिया और दोपहिया फंसने के कारण करीब एक घंटे वाहन फंसे रहे।</p>



<p>किसी प्रकार वाहनों को निकालकर आवाजाही शुरू करवाई गई। वहीं, अभी भी वहां पर आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है। दूसरी ओर सोमवार सुबह डबरानी के समीप मलबा बोल्डर आने के कारण आवाजाही आधे घंटे बंद रही। मानसून सीजन को लेकर शासन प्रशासन की ओर से भूस्खलन जोन पर मशीनरी और पुलिस सहित होमगार्ड जवान तैनात करने के दावे किए गए थे।</p>



<p>लेकिन धरातल पर मानसून की तैयारियां अभी भी आधी अधूरी है। नेताला के समीप एक भी मशीन व सुरक्षा व्यवस्था नहीं देखने को मिली। दूसरी ओर यमुनोत्री हाईवे पर भी पिछले कुछ दिनों से हाईवे बंद और खुलने का सिलसिला जारी है।</p>



<p><strong>राज्य में भूस्खलन से 38 सड़कें बंद</strong></p>



<p>राज्य में रविवार को भी यातायात प्रभावित रहा। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में भूस्खलन के चलते 38 मार्ग बंद हैं, जिनमें स्टेट हाईवे से लेकर मुख्य जिला मार्ग और ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। सबसे अधिक प्रभावित पिथौरागढ़ जिका है। यहां पर13 सड़कें बंद हैं।</p>



<p>देहरादून जिले में सात और चमोली में छह मार्ग बंद हैं। बागेश्वर और टिहरी जिले में पांच-पांच सड़कें बंद हैं। रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जिले में एक एक मार्ग बंद है। सड़क खोलने को लेकर लोक निर्माण विभाग की टीम प्रयास कर रही है।<br><br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>गुरमीत सिंह ने स्थापित किया कीर्तिमान, सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बने</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172004</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 09:41:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="594" height="358" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/yiujhk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />उत्तराखंड में आज सोमवार का दिन एक और इतिहास रचने वाला है। प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल का कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के 1,755 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 1,756 दिनों के सेवाकाल के साथ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="594" height="358" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/yiujhk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>उत्तराखंड में आज सोमवार का दिन एक और इतिहास रचने वाला है। प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल का कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के 1,755 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 1,756 दिनों के सेवाकाल के साथ यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।</p>



<p>15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का व्यक्तित्व सैन्य कठोरता और मानवीय संवेदनाओं का एक दुर्लभ उदाहरण है। एक फरवरी 1956 को पंजाब के अमृतसर जिले के जलाल उस्मान गांव में जन्मे लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने अपनी प्राथमिक शिक्षा सैनिक स्कूल कपूरथला से की। उनके पिता मोहिंद्र सिंह और उनके बड़े भाई भी भारतीय सेना और वायुसेना के माध्यम से देश की सेवा कर चुके हैं, जिससे उन्हें देशभक्ति का संस्कार विरासत में मिला।</p>



<p>लगभग 40 वर्षों के अपने गौरवशाली सैन्य कॅरिअर में उन्होंने भारतीय सेना के डिप्टी आर्मी चीफ जैसे प्रतिष्ठित पदों पर सेवा दी। चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा वार्ता, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद विरोधी अभियानों का उनका अनुभव उनके व्यापक रणनीतिक ज्ञान को दर्शाता है। उनके साहस और नेतृत्व के लिए उन्हें चार राष्ट्रपति पुरस्कारों परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>फ्रांस के म्यूजियम से 40 लाख यूरो की ज्वेलरी चोरी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172001</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 08:48:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="728" height="405" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/6yui.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />&#160;फ्रांस के लालिक म्यूजियम में रविवार सुबह चोरों ने बड़ी चोरी को अंजाम दिया। जहां हाई सिक्योरिटी के बावजूद दरवाजा तोड़कर घुसे चोरों ने म्यूजियम से करीब 20 आभूषण चोरी कर ले गए। चोरी की गई आभूषणों की कीमत करीब 40 यूरो (करीब 40 करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। समाचार एजेंसी एएफपी ने सूत्रों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="728" height="405" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/6yui.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>&nbsp;फ्रांस के लालिक म्यूजियम में रविवार सुबह चोरों ने बड़ी चोरी को अंजाम दिया। जहां हाई सिक्योरिटी के बावजूद दरवाजा तोड़कर घुसे चोरों ने म्यूजियम से करीब 20 आभूषण चोरी कर ले गए। चोरी की गई आभूषणों की कीमत करीब 40 यूरो (करीब 40 करोड़ रुपए) आंकी जा रही है।</p>



<p>समाचार एजेंसी एएफपी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नकाबपोश चोरों ने पूर्वोत्तर फ्रांस के विंगेन-सुर-मोडर स्थित प्रसिद्ध &#8216;ललिक&#8217; म्यूजियम स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह करीब 5:30 बजे दरवाजा तोड़कर घुसे और सीधे आभूषण कक्ष में पहंच गए।</p>



<p>इसके बाद चोरों ने करीब 20 क्रिस्टल आभूषण लेकर फरार हो गए। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है और चोरों को पकड़ने के लिए जांच जारी है। चोरी की घटना के बाद म्यूजियम ने घोषणा की है कि वह कई दिनों तक बंद रहेगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अलार्म बजते ही भाग गए चोर</h2>



<p>एएफपी के सूत्रों के अनुसार, &#8220;अलार्म बजने के बाद सुरक्षा कंपनी जांच कर रही थी, लेकिन उससे पहले एक सफाईकर्मी महिला घटनास्थल पर पहुंची और तुरंत पुलिस को सूचना दी।&#8221; लेकिन अलार्म बजने के बावजूद चोर पुलिस के पहुंचने से पहले ही भागने में कामयाब रहे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">2011 में हुई थी इस म्यूजियम की शुरुआत</h2>



<p>बता दें कि लालिक म्यूजियम की शुरुआत 2011 में हुई थी। यह म्यूजियम प्रसिद्ध फ्रांसीसी ज्वेलर और ग्लास कलाकार रेने लालिक तथा उनके उत्तराधिकारियों की कला को समर्पित है। इस म्यूजियम में 650 से अधिक आर्ट नोवो, आर्ट डेको और आधुनिक क्रिस्टल कला की कलाकृतियां प्रदर्शित हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खामेनेई की अंतिम यात्रा में शामिल होने पर ईरान ने जताया भारत का आभार</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/171998</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 08:34:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="713" height="389" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/7yif.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने पर ईरान ने भारत सरकार और वहां के लोगों के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है। भारत में ईरानी दूतावास ने इसे दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान की एक मजबूत अभिव्यक्ति बताया और कहा कि यह दोनों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="713" height="389" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/7yif.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने पर ईरान ने भारत सरकार और वहां के लोगों के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है।</p>



<p>भारत में ईरानी दूतावास ने इसे दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान की एक मजबूत अभिव्यक्ति बताया और कहा कि यह दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>ईरान पहुंचकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दी थी श्रद्धांजलि</strong></h3>



<p>दरअसल, बीते शुक्रवार को भारत के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान पहुंचकर दिवंगत ईरानी नेता को श्रद्धांजलि दी थी। इस दल में बिहार के राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा शामिल थे। बता दें कि फरवरी में तेहरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों में अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु हो गई थी।</p>



<p>इसके अलावा, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के साथ-साथ भारत के सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धर्म के प्रमुख गुरुओं ने भी ईरान के दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ईरान ने क्या कहा?</h3>



<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट शेयर करते हुए ईरानी दूतावास ने भारत की इस भागीदारी के लिए शुक्रिया अदा किया। ईरान ने कहा कि तेहरान इस दोस्ती, सहानुभूति और सम्मान के इस कदम को कभी नहीं भूलेगा।</p>



<p>ईरानी दूतावास ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ईरानी दूतावास भारत सरकार और वहां की जनता, खासकर उस आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का दिल से आभार व्यक्त करता है जो भारत की ओर से अंतिम संस्कार में शामिल हुए।</p>



<p>दूतावास ने कहा कि भारत के राजनीतिक नेताओं, सांसदों, विद्वानों और अलग-अलग धर्मों के गुरुओं की मौजूदगी दोनों देशों के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को दिखाती है। ईरान ने आगे कहा कि दुख की इस घड़ी में भारत की यह एकजुटता दोनों देशों की दोस्ती की नींव को और मजबूत करेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कैसा था अंतिम संस्कार का नजारा?</h3>



<p>ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अयातुल्ला खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार सुबह तेहरान की सड़कों पर शुरू हुई। इस अंतिम यात्रा को देश के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी जनसभा बताया जा रहा है, जिसमें लाखों लोग सड़कों पर उमड़ पड़े। खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के ताबूतों को ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर एक बड़े ट्रक पर रखा गया था। इस ट्रक को एक पवित्र दरगाह की तरह सजाया गया था।</p>



<p>काले कपड़े पहने लाखों की भीड़ इस ट्रक को छूने के लिए बेताब दिखी। लोग अपने स्कार्फ और अन्य चीजें ताबूत से छुआने के लिए सुरक्षाकर्मियों की तरफ फेंक रहे थे। गर्मी को देखते हुए भीड़ पर पानी की बौछारें भी की जा रही थीं। इतनी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से धीरे चलने और धक्का-मुक्की न करने की अपील की।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मश्हद में सुपुर्द-ए-खाक किए जाएंगे खामेनेई</h3>



<p>इसके अलावा रिवॉल्यूशनरी गार्ड के जनरल हसन हसनजादेह ने बताया कि इन ताबूतों को लगभग 12 घंटे की लंबी यात्रा के बाद तेहरान की सड़कों से होते हुए मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ले जाया जाएगा।</p>



<p>गौरतलब है कि ईरान में शनिवार से शुरू हुआ राष्ट्रीय शोक गुरुवार तक चलेगा, जिसके बाद 86 वर्षीय खामेनेई को उनके जन्मस्थान मश्हद में स्थित &#8216;इमाम रजा दरगाह&#8217; में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान ईरान में सड़कों से लेकर हवाई क्षेत्र तक सब कुछ बंद रखा गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Gold Silver Price Today: 6 जुलाई को सोना-चांदी खरीदने से पहले जान लें ताजा भाव, 10 ग्राम गोल्ड के लिए कितना करना होगा खर्च?</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/171995</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 07:58:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[Business News]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="1200" height="687" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-33.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-33.png 1200w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-33-768x440.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" />अगर आप आज 6 जुलाई 2026 को सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा बाजार भाव जान लेना आपके लिए जरूरी है। पिछले कुछ दिनों में तेज़ी देखने के बाद आज सर्राफा बाजार में कीमतों में हल्की नरमी और स्थिरता देखने को मिली है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1200" height="687" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-33.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-33.png 1200w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-33-768x440.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" />
<p>अगर आप आज <strong>6 जुलाई 2026</strong> को सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा बाजार भाव जान लेना आपके लिए जरूरी है। पिछले कुछ दिनों में तेज़ी देखने के बाद आज सर्राफा बाजार में कीमतों में <strong>हल्की नरमी और स्थिरता</strong> देखने को मिली है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1200" height="687" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-33.png" alt="" class="wp-image-171996" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-33.png 1200w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-33-768x440.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<h2 class="wp-block-heading">आज कितना है 10 ग्राम सोने का भाव?</h2>



<p>देश के प्रमुख शहरों में आज 24 कैरेट सोने का औसत खुदरा भाव लगभग <strong>₹1.47 लाख से ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम</strong> के बीच दर्ज किया गया है, जबकि 22 कैरेट सोना करीब <strong>₹1.34 लाख से ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम</strong> बिक रहा है। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के अनुसार कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का अनुमानित भाव (10 ग्राम)</h3>



<figure class="wp-block-table"><table class="has-fixed-layout"><thead><tr><th>शहर</th><th>24K सोना</th></tr></thead><tbody><tr><td>दिल्ली</td><td>₹1,49,300</td></tr><tr><td>मुंबई</td><td>₹1,49,150</td></tr><tr><td>कोलकाता</td><td>₹1,49,200</td></tr><tr><td>चेन्नई</td><td>₹1,49,800</td></tr><tr><td>लखनऊ</td><td>₹1,49,300</td></tr><tr><td>अहमदाबाद</td><td>₹1,49,350</td></tr></tbody></table></figure>



<h2 class="wp-block-heading">आज चांदी का क्या है रेट?</h2>



<p>आज चांदी की कीमतों में भी हल्की नरमी देखने को मिली। अधिकांश शहरों में चांदी का भाव लगभग <strong>₹2.26 लाख प्रति किलोग्राम</strong> के आसपास रहा, जबकि कुछ शहरों में यह थोड़ा अधिक दर्ज किया गया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्यों बदलते रहते हैं सोने-चांदी के दाम?</h2>



<p>सोने और चांदी की कीमतें कई घरेलू और वैश्विक कारणों से रोज बदलती हैं, जैसे—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव</li>



<li>डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति</li>



<li>अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदें</li>



<li>भू-राजनीतिक तनाव</li>



<li>घरेलू मांग और शादी-विवाह का सीजन</li>



<li>आयात शुल्क और टैक्स नीति</li>
</ul>



<p>विशेषज्ञों के अनुसार हाल के कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने सोने को समर्थन दिया, लेकिन मुनाफावसूली के कारण कीमतों में सीमित गिरावट भी देखी गई।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?</h2>



<p>यदि आप—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>शादी के लिए आभूषण खरीद रहे हैं,</li>



<li>लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं,</li>



<li>या त्योहारों से पहले खरीदारी की योजना बना रहे हैं,</li>
</ul>



<p>तो खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांच लें। निवेशकों को विशेषज्ञ बाजार की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान</h2>



<ul class="wp-block-list">
<li>हमेशा <strong>BIS हॉलमार्क</strong> वाला आभूषण ही खरीदें।</li>



<li>बिल लेना न भूलें।</li>



<li>22K और 24K सोने का अंतर समझकर खरीदारी करें।</li>



<li>मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी पहले लें।</li>



<li>निवेश के लिए डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">क्या आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं भाव?</h2>



<p>कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर इंडेक्स और केंद्रीय बैंकों की नीतियां आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो कीमती धातुओं में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h2>



<p>6 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ सत्रों की तेजी के बाद हल्की स्थिरता और मामूली नरमी देखने को मिली है। अगर आप आज 10 ग्राम सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको लगभग <strong>₹1.47 लाख से ₹1.49 लाख</strong> तक खर्च करना पड़ सकता है। खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट और हॉलमार्क की जांच अवश्य करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अरुणाचल प्रदेश में धूमधाम से मनाया गया ड्री फेस्टिवल, पारंपरिक संस्कृति और लोक विरासत का दिखा भव्य नजारा</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/171992</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 07:56:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Apatani Tribe]]></category>
		<category><![CDATA[Arunachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Culture News]]></category>
		<category><![CDATA[Dree Festival]]></category>
		<category><![CDATA[North East India]]></category>
		<category><![CDATA[Ziro Valley]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="750" height="450" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-32.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />अरुणाचल प्रदेश के प्रसिद्ध जीरो वैली (Ziro Valley) में अपातानी (Apatani) समुदाय ने पारंपरिक उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ ड्री (Dree) फेस्टिवल 2026 मनाया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, लोकनृत्य, धार्मिक अनुष्ठानों और सामुदायिक आयोजनों के बीच हजारों लोगों ने इस ऐतिहासिक कृषि पर्व में भाग लिया। इस वर्ष का आयोजन पहले की तुलना में और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="750" height="450" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-32.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>अरुणाचल प्रदेश के प्रसिद्ध <strong>जीरो वैली (Ziro Valley)</strong> में अपातानी (Apatani) समुदाय ने पारंपरिक उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ <strong>ड्री (Dree) फेस्टिवल 2026</strong> मनाया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, लोकनृत्य, धार्मिक अनुष्ठानों और सामुदायिक आयोजनों के बीच हजारों लोगों ने इस ऐतिहासिक कृषि पर्व में भाग लिया। इस वर्ष का आयोजन पहले की तुलना में और अधिक भव्य रहा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेल प्रतियोगिताएं, फैशन शो और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="750" height="450" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-32.png" alt="" class="wp-image-171993" style="width:840px;height:auto" /></figure>



<h2 class="wp-block-heading">क्या है ड्री फेस्टिवल?</h2>



<p>ड्री फेस्टिवल अरुणाचल प्रदेश के <strong>अपातानी जनजाति</strong> का सबसे प्रमुख कृषि और सांस्कृतिक पर्व है। यह हर वर्ष <strong>5 जुलाई</strong> को मनाया जाता है और अच्छी फसल, समय पर वर्षा, भूमि की उर्वरता तथा समाज की खुशहाली के लिए देवी-देवताओं से प्रार्थना की जाती है। यह पर्व अपातानी समुदाय की प्रकृति और खेती से गहरे जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">जीरो वैली में दिखी सांस्कृतिक झलक</h2>



<p>इस वर्ष ड्री फेस्टिवल का सबसे बड़ा आयोजन <strong>जीरो वैली</strong> में हुआ, जहां हजारों स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने हिस्सा लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, लोकगीत, सामूहिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे क्षेत्र को उत्सव के रंग में रंग दिया।</p>



<p>महिलाएं और पुरुष पारंपरिक अपातानी पोशाक में नजर आए, जबकि युवाओं ने भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को उत्साह के साथ प्रस्तुत किया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व</h2>



<p>ड्री फेस्टिवल के दौरान अपातानी समुदाय विशेष पूजा-अर्चना करता है। इस अवसर पर अच्छी फसल, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा, कीटों से बचाव और पूरे समाज की समृद्धि के लिए पारंपरिक अनुष्ठान किए जाते हैं।</p>



<p>मान्यता है कि इन धार्मिक अनुष्ठानों से खेती में समृद्धि आती है और समुदाय का कल्याण होता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं</h2>



<p>अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री <strong>पेमा खांडू</strong> ने ड्री फेस्टिवल के अवसर पर राज्यवासियों, विशेषकर अपातानी समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल कृषि से जुड़ा उत्सव नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">संस्कृति और आधुनिकता का संगम</h2>



<p>इस बार ड्री फेस्टिवल में पारंपरिक आयोजनों के साथ-साथ कई आधुनिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>लोक नृत्य प्रतियोगिता</li>



<li>सांस्कृतिक संध्या</li>



<li>खेल प्रतियोगिताएं</li>



<li>फैशन शो</li>



<li>छात्रों का सम्मान समारोह</li>



<li>स्थानीय हस्तशिल्प और व्यंजनों की प्रदर्शनी</li>
</ul>



<p>शामिल रहे। इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और स्थानीय कला को बढ़ावा देना था।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पर्यटन को भी मिला बढ़ावा</h2>



<p>ड्री फेस्टिवल के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक जीरो वैली पहुंचे। प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को करीब से देखने का अवसर मिलने के कारण यह पर्व पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>



<p>राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की थीं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्यों खास है ड्री फेस्टिवल?</h2>



<p>ड्री फेस्टिवल की विशेषताएं—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>अपातानी जनजाति का सबसे बड़ा कृषि पर्व।</li>



<li>अच्छी फसल और समृद्धि की कामना।</li>



<li>प्रकृति संरक्षण और पारंपरिक खेती का संदेश।</li>



<li>लोक संस्कृति और जनजातीय विरासत का प्रदर्शन।</li>



<li>पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h2>



<p>अरुणाचल प्रदेश का <strong>ड्री फेस्टिवल</strong> केवल एक धार्मिक या कृषि पर्व नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। जीरो वैली में आयोजित इस वर्ष के भव्य समारोह ने एक बार फिर पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता और विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पंडवानी की अमर आवाज़ हुई खामोश, पद्म विभूषण तीजन बाई का निधन; भारतीय लोककला जगत को बड़ी क्षति</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/171989</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 07:53:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Chhattisgarh]]></category>
		<category><![CDATA[Culture News]]></category>
		<category><![CDATA[Folk Singer]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[India News]]></category>
		<category><![CDATA[Obituary]]></category>
		<category><![CDATA[Padma Vibhushan]]></category>
		<category><![CDATA[Pandavani]]></category>
		<category><![CDATA[Teejan Bai]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="799" height="1200" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-31.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-31.png 799w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-31-768x1153.png 768w" sizes="auto, (max-width: 799px) 100vw, 799px" />भारतीय लोककला की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में शामिल पद्म विभूषण सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने रायपुर के एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। तीजन बाई ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="799" height="1200" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-31.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-31.png 799w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-31-768x1153.png 768w" sizes="auto, (max-width: 799px) 100vw, 799px" />
<p>भारतीय लोककला की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में शामिल <strong>पद्म विभूषण सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई</strong> का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने रायपुर के एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="799" height="1200" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-31.png" alt="" class="wp-image-171990" style="width:577px;height:auto" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-31.png 799w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-31-768x1153.png 768w" sizes="auto, (max-width: 799px) 100vw, 799px" /></figure>



<p>तीजन बाई ने अपनी दमदार आवाज़, अनूठी प्रस्तुति और अभिनय शैली के दम पर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला <strong>पंडवानी</strong> को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उन्हें भारत की लोक संस्कृति का जीवंत प्रतीक माना जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राष्ट्रीय नेताओं और कलाकारों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे भारतीय कला जगत की अपूरणीय क्षति बताया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कौन थीं तीजन बाई?</h2>



<p>तीजन बाई का जन्म छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के गनियारी गांव में हुआ था। बचपन से ही उन्हें महाभारत की कथाओं और पंडवानी गायन में गहरी रुचि थी। उन्होंने महज 13 वर्ष की उम्र में पहली सार्वजनिक प्रस्तुति दी और उस समय की सामाजिक परंपराओं को चुनौती देते हुए पुरुष प्रधान मानी जाने वाली <strong>कपालिक शैली</strong> में पंडवानी प्रस्तुत की। यही उनकी पहचान बन गई।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पंडवानी को दिलाई वैश्विक पहचान</h2>



<p>पंडवानी छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला है, जिसमें महाभारत की कथाओं को गायन, अभिनय और संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।</p>



<p>तीजन बाई ने इस लोककला को गांवों की चौपाल से निकालकर देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों तक पहुंचाया। उन्होंने यूरोप, अमेरिका और एशिया के कई देशों में प्रस्तुतियां दीं और भारतीय लोक संस्कृति का गौरव बढ़ाया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">संघर्षों से भरा रहा जीवन</h2>



<p>तीजन बाई का जीवन आसान नहीं था। कम उम्र में उनका विवाह हो गया, लेकिन पंडवानी गाने के कारण उन्हें सामाजिक विरोध का सामना करना पड़ा। कई कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी कला नहीं छोड़ी और लगातार आगे बढ़ती रहीं।</p>



<p>उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और प्रतिभा ने उन्हें देश की सबसे सम्मानित लोक कलाकारों में शामिल कर दिया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मिले देश के सर्वोच्च सम्मान</h2>



<p>भारतीय लोककला में असाधारण योगदान के लिए तीजन बाई को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख हैं—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>पद्म श्री</strong></li>



<li><strong>संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार</strong></li>



<li><strong>पद्म भूषण</strong></li>



<li><strong>पद्म विभूषण</strong> (भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान)</li>
</ul>



<p>इन सम्मानों ने उनके दशकों लंबे सांस्कृतिक योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाई।</p>



<h2 class="wp-block-heading">नेताओं और कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि</h2>



<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि तीजन बाई ने अपनी भव्य प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ की पंडवानी लोककला को पूरी दुनिया में अलग पहचान दिलाई। उन्होंने उनके निधन को कला और संस्कृति जगत की अपूरणीय क्षति बताया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कई नेताओं और सांस्कृतिक हस्तियों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब</h2>



<p>रायपुर और दुर्ग में उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान कलाकारों और प्रशंसकों ने पारंपरिक गीत गाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरा माहौल भावुक हो गया और लोगों ने उन्हें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा बताया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारतीय संस्कृति के लिए क्यों बड़ी क्षति?</h2>



<p>तीजन बाई केवल एक लोकगायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय लोक परंपरा की जीवंत पहचान थीं। उन्होंने नई पीढ़ी को पंडवानी से जोड़ा और यह साबित किया कि लोककला भी विश्व मंच पर सम्मान प्राप्त कर सकती है। उनका निधन भारतीय लोक संगीत और सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h2>



<p>तीजन बाई का जाना भारतीय लोककला के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत है। उन्होंने अपनी अद्भुत कला, संघर्ष और समर्पण से पंडवानी को वैश्विक पहचान दिलाई और करोड़ों लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया। उनकी आवाज़ भले ही अब खामोश हो गई हो, लेकिन उनकी कला और विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बड़ी उपलब्धि, भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन से सुरंग निर्माण शुरू</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/171986</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 07:48:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Bullet Train Project]]></category>
		<category><![CDATA[High Speed Rail]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Railways]]></category>
		<category><![CDATA[Infrastructure News]]></category>
		<category><![CDATA[Mumbai Ahmedabad Bullet Train]]></category>
		<category><![CDATA[TBM]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="1600" height="900" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30.png 1600w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30-1536x864.png 1536w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल कर लिया है। परियोजना के तहत भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन (Tunnel Boring Machine-TBM) ने मुंबई के विक्रोली (Vikhroli) से भूमिगत सुरंग की खुदाई का काम शुरू कर दिया है। यह मशीन देश की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1600" height="900" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30.png 1600w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30-1536x864.png 1536w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />
<p>भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना <strong>मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट</strong> ने एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल कर लिया है। परियोजना के तहत <strong>भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन (Tunnel Boring Machine-TBM)</strong> ने मुंबई के विक्रोली (Vikhroli) से भूमिगत सुरंग की खुदाई का काम शुरू कर दिया है। यह मशीन देश की सबसे आधुनिक और विशाल रेल टनल बोरिंग मशीन मानी जा रही है और इसके जरिए परियोजना के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्से का निर्माण तेज़ी से आगे बढ़ेगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1600" height="900" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30.png" alt="" class="wp-image-171987" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30.png 1600w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30-1536x864.png 1536w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-30-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></figure>



<h2 class="wp-block-heading">क्या है यह बड़ी उपलब्धि?</h2>



<p>मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत मुंबई में लगभग <strong>21 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग</strong> बनाई जा रही है। इसमें से <strong>16 किलोमीटर हिस्से की खुदाई विशाल TBM मशीनों से</strong> की जाएगी, जबकि शेष भाग का निर्माण पहले ही न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) से पूरा किया जा चुका है। अब पहली TBM ने विक्रोली शाफ्ट से अपनी खुदाई शुरू कर दी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कितनी बड़ी है यह TBM?</h2>



<p>यह मशीन भारत में रेलवे परियोजना के लिए इस्तेमाल की जा रही अब तक की सबसे बड़ी टनल बोरिंग मशीन है।</p>



<p>इसकी प्रमुख विशेषताएं—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>विशाल व्यास वाली हाई-टेक मशीन।</li>



<li>भूमिगत 6 किलोमीटर लंबे सिंगल-ट्यूब टनल का निर्माण करेगी।</li>



<li>एक ही सुरंग में अप और डाउन दोनों बुलेट ट्रेन ट्रैक बनाए जाएंगे।</li>



<li>आधुनिक ऑटोमेशन और सुरक्षा तकनीक से लैस।</li>



<li>कठिन चट्टानी और शहरी भूभाग में भी लगातार खुदाई करने में सक्षम।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">क्यों खास है यह सुरंग?</h2>



<p>यह सुरंग केवल लंबाई के कारण ही नहीं बल्कि इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी बेहद चुनौतीपूर्ण है।</p>



<p>इसकी खास बातें—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>कुल भूमिगत सेक्शन लगभग 21 किमी।</li>



<li>इसमें भारत की पहली अंडरसी (समुद्र के नीचे) हाई-स्पीड रेल सुरंग का हिस्सा भी शामिल है।</li>



<li>मुंबई जैसे घनी आबादी वाले इलाके में सुरक्षित खुदाई।</li>



<li>अत्याधुनिक जापानी हाई-स्पीड रेल तकनीक का उपयोग।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">बुलेट ट्रेन परियोजना कितनी बड़ी है?</h2>



<p>मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है।</p>



<p>परियोजना की प्रमुख बातें—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>कुल लंबाई: <strong>508 किलोमीटर</strong></li>



<li>प्रस्तावित अधिकतम परिचालन गति: <strong>320 किमी/घंटा</strong></li>



<li>महाराष्ट्र, दादरा एवं नगर हवेली, गुजरात से होकर गुजरेगी।</li>



<li>कई प्रमुख शहरों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">परियोजना से क्या होंगे फायदे?</h2>



<p>इस परियोजना के पूरा होने के बाद—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा।</li>



<li>हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की शुरुआत होगी।</li>



<li>रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।</li>



<li>निर्माण, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।</li>



<li>भारत में आधुनिक रेलवे तकनीक का विस्तार होगा।</li>



<li>लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">कब तक शुरू हो सकती है बुलेट ट्रेन?</h2>



<p>रेल मंत्रालय के अनुसार, परियोजना का बड़ा हिस्सा तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्राथमिक सेक्शन को <strong>2027</strong> तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पूरे कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">रेलवे मंत्री ने क्या कहा?</h2>



<p>रेल मंत्रालय के अनुसार, सबसे बड़ी TBM के शुरू होने से परियोजना के सबसे जटिल हिस्से में तेजी आएगी। यह भारत की हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है और इससे निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने में मदद मिलेगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्यों अहम है यह कदम?</h2>



<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक सुरंग निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है। इस परियोजना के जरिए देश में हाई-स्पीड रेल तकनीक, उन्नत टनल निर्माण और बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलेगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h2>



<p>मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन का काम शुरू होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे न केवल देश की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना को गति मिलेगी, बल्कि भारत आधुनिक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्वस्तरीय इंजियरिंग तकनीक की दिशा में भी एक बड़ा कदम आगे बढ़ाएगा।</p>
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		<title>वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/171983</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 07:43:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[Cricket News]]></category>
		<category><![CDATA[India vs England]]></category>
		<category><![CDATA[Sports News]]></category>
		<category><![CDATA[Team India]]></category>
		<category><![CDATA[Vaibhav Suryavanshi]]></category>
		<category><![CDATA[Youngest Indian Cricketer]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="676" height="900" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-29.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल गया है। महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू कर इतिहास रच दिया। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मैदान पर उतरते ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 35 साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया और भारत के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="676" height="900" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-29.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल गया है। महज <strong>15 साल की उम्र</strong> में <strong>वैभव सूर्यवंशी</strong> ने टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू कर इतिहास रच दिया। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मैदान पर उतरते ही उन्होंने <strong>सचिन तेंदुलकर का 35 साल पुराना रिकॉर्ड</strong> पीछे छोड़ दिया और भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="676" height="900" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-29.png" alt="" class="wp-image-171984" /></figure>



<p>यह उपलब्धि सिर्फ वैभव के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह युवा बल्लेबाज भारतीय टीम का अहम हिस्सा बन सकता है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">15 साल की उम्र में बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड</h2>



<p>वैभव सूर्यवंशी ने <strong>15 वर्ष 99 दिन</strong> की उम्र में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। इसके साथ ही उन्होंने <strong>सचिन तेंदुलकर</strong> का सबसे कम उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में 16 वर्ष 205 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">डेब्यू मैच में दिखा बेखौफ अंदाज</h2>



<p>इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले ही मुकाबले में वैभव ने बिना किसी दबाव के बल्लेबाजी की। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। उन्होंने 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो शानदार छक्के शामिल थे। हालांकि उनकी पारी लंबी नहीं चली, लेकिन उनके आत्मविश्वास ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">कौन हैं वैभव सूर्यवंशी?</h2>



<p>बिहार के समस्तीपुर जिले से आने वाले वैभव सूर्यवंशी बचपन से ही क्रिकेट में असाधारण प्रतिभा के लिए पहचाने जाते रहे हैं।</p>



<p>उन्होंने बेहद कम उम्र में—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया।</li>



<li>आईपीएल में सबसे युवा खिलाड़ी के रूप में खेला।</li>



<li>अंडर-19 क्रिकेट में कई रिकॉर्ड बनाए।</li>



<li>भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई।</li>
</ul>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">IPL से टीम इंडिया तक का सफर</h2>



<p>वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली।</p>



<p>चयनकर्ताओं ने उनकी प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए इंग्लैंड दौरे के लिए उन्हें टीम में शामिल किया, जहां उन्होंने इतिहास रच दिया।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">क्रिकेट जगत ने की तारीफ</h2>



<p>वैभव के डेब्यू के बाद कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने उनकी सराहना की। हालांकि कुछ ने उनकी छोटी पारी का विश्लेषण भी किया, लेकिन अधिकांश का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है और उन्हें लगातार मौके मिलने चाहिए।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">भारतीय क्रिकेट के लिए क्यों खास है यह रिकॉर्ड?</h2>



<p>वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है।</p>



<p>इस रिकॉर्ड के कई मायने हैं—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा स्टार मिला।</li>



<li>बीसीसीआई की युवा खिलाड़ियों पर भरोसे की नीति मजबूत हुई।</li>



<li>भविष्य की टीम इंडिया के लिए एक बड़ा विकल्प तैयार हुआ।</li>



<li>युवा खिलाड़ियों को मेहनत और प्रदर्शन के दम पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।</li>
</ul>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">आगे क्या होगी चुनौती?</h2>



<p>इतिहास रचने के बाद अब वैभव सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार साबित करने की होगी।</p>



<p>क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें नियमित मौके मिलते रहे और वह घरेलू व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय बल्लेबाजी की नई पहचान बन सकते हैं।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h2>



<p>महज 15 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू कर वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ना उनके करियर की शानदार शुरुआत है। अब पूरे देश की नजर इस युवा बल्लेबाज पर होगी कि वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को कितनी नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं।</p>
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