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	<title>उत्तराखंड &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<description>Hindi News, Breaking News, Politics &#38; Lifestyle News</description>
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	<title>उत्तराखंड &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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		<title>किच्छा-खटीमा नई रेल लाइन को मंजूरी, 350.85 करोड़ से बिछेगी लाइन</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168965</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 07:09:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="780" height="437" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-5.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-5-768x430.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-5-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 780px) 100vw, 780px" />उत्तर पूर्वी रेलवे की मंजूरी के बाद किच्छा-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना को हरी झंडी मिल गई है जिसकी स्वीकृत लागत 350.85 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। उत्तर पूर्वी रेलवे ने किच्छा-खटीमा नई रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 57.7 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी जिसकी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="780" height="437" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-5.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-5-768x430.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-5-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 780px) 100vw, 780px" />
<p>उत्तर पूर्वी रेलवे की मंजूरी के बाद किच्छा-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना को हरी झंडी मिल गई है जिसकी स्वीकृत लागत 350.85 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।</p>



<p>उत्तर पूर्वी रेलवे ने किच्छा-खटीमा नई रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 57.7 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी जिसकी स्वीकृत लागत 350.85 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।</p>



<p>रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक सूची के अनुसार परियोजना में 122.45 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय (कैपिटल), 20 करोड़ रुपये विशेष निधि (स्पेशल फंड) और 208.40 करोड़ रुपये डिपॉजिट मद के अंतर्गत खर्च किए जाएंगे। यह रेल लाइन जिले के किच्छा और सीमांत क्षेत्र खटीमा को सीधे और बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।</p>



<p>इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुविधाएं मजबूत होंगी जिससे स्थानीय लोगों और कारोबारियों को राहत मिलेगी। साथ ही औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक गतिविधियों और कृषि क्षेत्र को भी गति मिलने की संभावना है। खटीमा जैसे सीमांत क्षेत्र तक रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलेगा।</p>



<p>रेलवे अधिकारियों के मुताबिक परियोजना को चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तकनीकी सर्वे, भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक औपचारिकताओं की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि सभी आवश्यक मंजूरियां पूरी होते ही निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा।</p>



<p>किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति मिलना क्षेत्र के विकास के लिए अहम कदम है। 57.7 किमी लंबी इस लाइन से सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से जल्द शुरू करने की प्रक्रिया जारी है।&nbsp;<strong>– संजीव शर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, इज्जतनगर मंडल</strong></p>
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		<title>चारधाम यात्रा: श्रद्धालुओं की सेहत के लिए मिलेगा स्वास्थ्य सेवाओं का सुरक्षा कवच</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168956</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 07:06:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="780" height="447" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/4-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/4-2.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/4-2-768x440.jpg 768w" sizes="(max-width: 780px) 100vw, 780px" />चारधाम यात्रा के लिए 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकल अधिकारी और 414 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किया गया है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 57 केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच होगी। पांच दिन बाद शुरू हो रही चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सेहत के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का सुरक्षा कवच मिलेगा। इसके &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="780" height="447" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/4-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/4-2.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/4-2-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px" />
<p>चारधाम यात्रा के लिए 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकल अधिकारी और 414 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किया गया है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 57 केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच होगी।</p>



<p>पांच दिन बाद शुरू हो रही चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सेहत के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का सुरक्षा कवच मिलेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा सेवाओं का खाका तैयार कर 25 विशेषज्ञ डॉक्टरों, 178 मेडिकल अधिकारी व 414 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात कर दिए हैं।</p>



<p>उत्तराखंड के चारधामों बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री उच्च हिमालयी क्षेत्रों में है। यात्रा के दौरान कई बार श्रद्धालुओं को ठंड के साथ ऑक्सीजन की कमी से स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें आती है। यात्रा में आने वाले हर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्लान तैयार किया है। पहली बाद केदारनाथ में 17 व बदरीनाथ धाम में 45 बेड का अस्पताल संचालित किया जाएगा। रुद्रप्रयाग, चमोली व उत्तरकाशी में पहले से 47 स्थायी स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सक्षम बनाया गया है, जबकि 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।</p>



<p>सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे ने बताया कि चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सूक्ष्म स्तर पर योजना बनाई गई है। मेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और रोस्टर के अनुसार अतिरिक्त तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।</p>



<p><strong>स्क्रीनिंग से ही सुरक्षा की शुरुआत<br></strong>चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए इस बार यात्रा की शुरुआत से पहले ही सतर्कता बरती जा रही है। देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 57 स्क्रीनिंग कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जहां यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इन कियोस्क के माध्यम से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, शुगर और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त यात्रियों की पहचान कर उन्हें समय रहते सलाह और सहायता दी जाएगी।</p>



<p><strong>हर मोर्चे पर प्रशिक्षित टीम तैनात<br></strong>चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस बार सरकार ने इस मोर्चे पर कोई कमी नहीं छोड़ी है। विशेषज्ञ डॉक्टरों से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तक, हर स्तर पर मजबूत टीम तैयार की गई है। 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकल अधिकारी और 414 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों में फिजिशियन, ऑर्थोपेडिशियन, एनेस्थेटिस्ट और गाइनकोलॉजिस्ट शामिल हैं, जो हर तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। यात्रा मार्ग पर 177 एंबुलेंस तैनात की जा रही हैं। आपात स्थिति में हेलिकॉप्टर से मरीजों को बड़े अस्पतालों में पहुंचाया जाएगा।</p>



<p><strong>हेल्पलाइन से हर पल नजर<br></strong>श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 112, 108 व 104 हेल्पलाइन नंबर चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। खास बात यह है कि 104 हेल्पलाइन के जरिए हाई रिस्क यात्रियों की लगातार निगरानी भी की जाएगी। यह व्यवस्था किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराएगी।</p>



<p><strong>सरकार सुरक्षित और सफल यात्रा को पूरी तरह तैयार : सुबोध उनियाल<br></strong>स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा चारधाम यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा दायित्व है। इस वर्ष हमने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पूरी तरह नए स्तर पर ले जाने का प्रयास किया है। हर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है और यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट की संख्या बढ़ाई गई है। कोई भी श्रद्धालु इलाज के अभाव में परेशान न हो। इसके लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>गोमुख ट्रैक का निरीक्षण करने निकले गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168891</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 06:54:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="810" height="468" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6-8.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6-8.jpg 810w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6-8-768x444.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 810px) 100vw, 810px" />गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों और गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटनियरिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गोमुख ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 11 किमी के पैदल ट्रैक पर भोजगढ़ी नाले में अधिक बर्फ होने के कारण टीम को लौटना पड़ा। पार्क के अधिकारियों का कहना है कि अगर इस सप्ताह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="810" height="468" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6-8.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6-8.jpg 810w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6-8-768x444.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 810px) 100vw, 810px" />
<p>गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों और गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटनियरिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गोमुख ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 11 किमी के पैदल ट्रैक पर भोजगढ़ी नाले में अधिक बर्फ होने के कारण टीम को लौटना पड़ा। पार्क के अधिकारियों का कहना है कि अगर इस सप्ताह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं होती है। तो पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक खोल दिया जाएगा। लेकिन आम यात्रियों के लिए अभी गोमुख जाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।</p>



<p>गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट एक अप्रैल को खोल दिए गए हैं। लेकिन गोमुख ट्रैक पर अधिक बर्फबारी और क्षतिग्रस्त मार्ग के कारण तेरह दिन बाद भी उस पर ट्रैकर्स और यात्रियों के लिए आवाजाही प्रतिबंधित किया गया है। बीते शनिवार को पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी सहित गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा के नेतृत्व में वन विभाग और ट्रैकिंग से जुड़े लोगों ने गोमुख ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दल ने कनखू बैरियर से लेकर भोजगढ़ी तक 11 किमी का ट्रैक का निरीक्षण किया। लेकिन भोजगढ़ी नाले में अधिक बर्फ होने और बर्फबारी शुरू होने के कारण इन्हें वापस लौटना पड़ा।</p>



<p>जयेंद्र राणा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि पर्वतारोहण से जुड़े लोगों के लिए मार्ग मेें कोई समस्या नहीं है। इसलिए पर्वतारोहियों को ट्रैकिंग और आरोहण के लिए जाने की अनुमति दी जाए। उपनिदेशक हरीश नेगी ने कहा कि अगर गोमुख क्षेत्र में इस सप्ताह बर्फबारी नहीं होती है। तो एक सप्ताह बाद पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक खोल दिया जाएगा। हालांकि अभी गोमुख तक जाने वाले यात्रियों को इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि आम लोगों के जाने के लिए रास्ता सही नहीं है। साथ ही ट्रैक पर अभी आश्रम और जीएमवीएन के गेस्ट हाउस भी नहीं खुले हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>देहरादून: दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे कल जनता को समर्पित करेंगे पीएम मोदी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168888</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 06:47:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="821" height="463" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-9.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-9.jpg 821w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-9-768x433.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-9-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 821px) 100vw, 821px" />दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए दून के आशारोड़ी को जोड़ता है। खास है कि एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई है। वर्षों का इंतजार खत्म होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल मंगलवार को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस का लोकार्पण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="821" height="463" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-9.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-9.jpg 821w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-9-768x433.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-9-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 821px) 100vw, 821px" />
<p>दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए दून के आशारोड़ी को जोड़ता है। खास है कि एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई है।</p>



<p>वर्षों का इंतजार खत्म होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल मंगलवार को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस का लोकार्पण कर जनता को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही दून से दिल्ली की दूरी मात्र ढाई से तीन घंटे की रह जाएगी।</p>



<p>11,963 करोड़ की लागत से बना 210 किमी लंबा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर कई मायनों में खास है। दिसंबर 2021 में एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हुआ था, जो पूरा होने के बाद अब उद्घाटन के लिए तैयार है। दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए दून के आशारोड़ी को जोड़ता है। खास है कि एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई है।</p>



<p>काफी समय से एक्सप्रेसवे के शुरू होने का लोगों को खासा इंतजार था। इस बीच कई बार उद्घाटन की तिथि की चर्चाएं भी चलीं लेकिन लोगों का इंतजार बढ़ता गया। अब 14 अप्रैल का दिन इस लिहाज से खास होने जा रहा है जब एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित होगा। इसके साथ ही दून-दिल्ली का सफर भी सुगम हो जाएगा।</p>



<p><strong>12 किमी के वाइल्डलाइफ कॉरिडोर ने बनाया बेहद खास<br></strong>एक्सप्रेसवे पर सबसे खास और अहम शिवालिक की पहाड़ियों यानी मोहंड में बना 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर माना जा रहा है। इस कॉरिडोर को इस तरह बनाया गया कि वाहन भी फर्राटा भरेंगे और वन्यजीवों की आवाजाही भी प्रभावित नहीं होगी, वन्यजीवों को वाहनों की आवाज भी सुनाई नहीं देगी। इसके लिए बाकायदा साउंड प्रूफ शीट लगाई गई हैं।</p>



<p><strong>पीएम बनने के बाद 28वीं बार उत्तराखंड आ रहे मोदी<br></strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए उत्तराखंड तैयार है। पीएम बनने के बाद मोदी मंगलवार को 28वीं बार उत्तराखंड आएंगे। वह 11,963 करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे दून-दिल्ली ऐलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की सौगात देंगे। इसके अलावा एक हजार मेगावाट क्षमता के देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। प्रदेश सरकार लोकार्पण समारोह को यादगार बनाने की तैयारियों में जुटी है। बता दें कि मोदी, प्रधानमंत्री बनने के बाद पांच बार केदारनाथ आ चुके हैं, साथ ही बदरीनाथ व मुखबा का भी दौरा कर चुके हैं। बीते वर्ष मार्च में उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीतकालीन यात्रा का संदेश दिया था।</p>



<p><strong>उत्तराखंड से प्रधानमंत्री मोदी का कर्म और मर्म का रिश्ता<br></strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से कर्म और मर्म का रिश्ता रहा है। उत्तराखंड उनके हृदय में बसता है। उनके दौरे को लेकर देवभूमि वासियों में भारी उत्साह है। उनके मार्गदर्शन में दो लाख करोड़ से अधिक की विकास योजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में क्रांति आई है। चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ एवं हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना, देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड रोड जैसी बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति दी है।<strong>पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री</strong></p>



<p><strong>नाम से जुड़ा इतिहास, मां डाट काली मंदिर है खास<br></strong>उत्तराखंड में प्रवेश करते ही शिवालिक की तलहटी में स्थित मां डाट काली मंदिर पीएम मोदी के प्रस्तावित पूजन कार्यक्रम के चलते इन दिनों मंदिर चर्चाओं में है। खास बात यह है कि मंदिर का एक हिस्सा उत्तर प्रदेश तो दूसरा उत्तराखंड में आता है। मान्यता है कि जब देहरादून-सहारनपुर राजमार्ग पर अंग्रेज टनल का निर्माण कर रहे थे तो बार-बार बाधा आ रही थी। एक रात निर्माण में लगे इंजीनियर के सपने में मां काली आईं और उनके कहने पर 1804 में पिंडी को स्थापित किया गया। इसके बाद ही मंदिर का नाम मां डाट काली रखा गया। माना जाता है कि नया वाहन लेने पर चुनरी बंधवाने पर माता रानी स्वयं भक्त और वाहन की रक्षा करती हैं। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मां डाट काली मंदिर में दर्शन-पूजन कर ही करेंगे।</p>



<p><strong>कॉरिडोर से मंदिर जाने के लिए विशेष निर्माण<br></strong>एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार और भक्तों की सुविधा को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर से मां डाट काली मंदिर जाने के लिए विशेष मार्ग का निर्माण किया गया है। एनएचएआई ने कॉरिडोर से ही मंदिर जाने के लिए वायाडक्ट बनाया। अब सहारनपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालु मंदिर जाने के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करेंगे।</p>
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		<item>
		<title>सीएम धामी ने लगाया झाड़ू, मंत्री-विधायकों से साथ मिलकर बल्लूपुर चौक पर चलाया स्वच्छता अभियान</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168885</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 06:24:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="783" height="452" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/8.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/8.jpg 783w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/8-768x443.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 783px) 100vw, 783px" />देहरादून:&#160;सीएम धामी ने बल्लूपुर चौक में नगर निगम द्वारा आयोजित स्वेच्छा से स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेते हुए लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="783" height="452" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/8.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/8.jpg 783w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/8-768x443.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 783px) 100vw, 783px" />
<p><strong>देहरादून:</strong>&nbsp;सीएम धामी ने बल्लूपुर चौक में नगर निगम द्वारा आयोजित स्वेच्छा से स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेते हुए लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।</p>



<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून के बल्लूपुर चौक पर स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए।</p>



<p>जब तक प्रत्येक नागरिक स्वेच्छा से इस दिशा में योगदान नहीं देगा, तब तक स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है। हमें अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने नगर निगम के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं, ताकि स्वच्छता के प्रति जागरूकता निरंतर बनी रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड: पंचायतों की खाली सैकड़ों सीटों से आरक्षण होगा खत्म</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168865</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 07:47:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="816" height="455" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76-2.jpg 816w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76-2-768x428.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 816px) 100vw, 816px" />विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों की ओर से एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षित कई सीटों को सामान्य किए जाने का प्रस्ताव पंचायती राज निदेशालय को भेजा गया है। अब यहां खाली सैकड़ों सीटों से आरक्षण करने की तैयारी है। प्रदेश में ग्राम पंचायत सदस्यों की एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षित सैकड़ों सीटों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="816" height="455" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76-2.jpg 816w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76-2-768x428.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 816px) 100vw, 816px" />
<p>विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों की ओर से एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षित कई सीटों को सामान्य किए जाने का प्रस्ताव पंचायती राज निदेशालय को भेजा गया है। अब यहां खाली सैकड़ों सीटों से आरक्षण करने की तैयारी है।</p>



<p>प्रदेश में ग्राम पंचायत सदस्यों की एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षित सैकड़ों सीटों से आरक्षण खत्म होगा। दो बार चुनाव के बाद भी इनके 3846 पद खाली हैं। जिसमें महिलाओं के लिए आरक्षित पदों को छोड़कर अन्य में अधिकतर को सामान्य सीट घोषित कर इन पदों पर चुनाव की तैयारी है। पंचायतीराज निदेशालय ने शासन को इसका प्रस्ताव भेजा है।</p>



<p>प्रदेश में पिछले साल जुलाई में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुए थे, चुनाव में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान की अधिकतर सीटों पर नव निर्वाचित प्रत्याशी चुनाव जीतकर आए, लेकिन ग्राम पंचायत सदस्यों की हजारों सीटें खाली रह गई। विभाग की ओर से बताया गया कि इन सीटों के लिए किसी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया।</p>



<p>इसके बाद उप चुनाव हुए, लेकिन राज्य में ग्राम पंचायत सदस्यों की 3846, ग्राम प्रधान की 16 और क्षेत्र पंचायत सदस्य की तीन सीट अब भी खाली है। इब पंचायती राज निदेशालय इस प्रस्ताव को शासन को भेज चुका है। विभिन्न सीटों के सामान्य होने पर इन पदों के लिए तीसरी बार चुनाव कराया जाएगा।</p>



<p><strong>33 ग्राम पंचायत निर्वाचित हुए पर नहीं ले पाए शपथ<br></strong>देहरादून। प्रदेश में 33 ग्राम प्रधान ऐसे हैं, जो इस पद के लिए निर्वाचित होने के आठ महीने बाद भी शपथ नहीं ले पाए हैं। इसकी मुख्य वजह ग्राम पंचायत सदस्यों (वार्ड सदस्यों) का कोरम (न्यूनतम आवश्यक संख्या) पूरा न होना है। इस कारण ग्राम पंचायत का गठन नहीं हो पा रहा है।</p>



<p><strong>राज्य में यह है पंचायतों की स्थिति<br></strong>ज्य में 7817 ग्राम पंचायतें हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य 3195 और जिला पंचायत सदस्य की 402 पद हैं। इसमें से ग्राम प्रधान की 16 सीटें खाली और 33 असंगठित हैं। जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्यों की तीन पद खाली हैं।</p>



<p>पंचायत के कई खाली पदों को सामान्य किए जाने के लिए विभिन्न जिलों के डीएम की ओर से सिफारिश की गई है। जिसे शासन को भेजा गया है। इन पदों पर अब तीसरी बार चुनाव होंगे।<strong>&nbsp;– निधि यादव, निदेशक पंचायतीराज</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड: तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक पर खराब मौसम के बीच फंसे 30 ट्रैकर्स</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168862</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 07:37:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="823" height="459" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/87.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/87.jpg 823w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/87-768x428.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 823px) 100vw, 823px" />तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक पर खराब मौसम के बीच फंसे सभी 30 ट्रैकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। सभी को चोपता लाकर उनके गन्तव्य के लिए भेज दिया गया है। बता दें कि देर शाम डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि करीब 25-30 ट्रैकर्स चंद्रशिला मार्ग पर अचानक आए तेज तूफान और बर्फबारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="823" height="459" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/87.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/87.jpg 823w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/87-768x428.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 823px) 100vw, 823px" />
<p>तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक पर खराब मौसम के बीच फंसे सभी 30 ट्रैकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। सभी को चोपता लाकर उनके गन्तव्य के लिए भेज दिया गया है।</p>



<p>बता दें कि देर शाम डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि करीब 25-30 ट्रैकर्स चंद्रशिला मार्ग पर अचानक आए तेज तूफान और बर्फबारी जैसी परिस्थितियों के कारण फंस गए हैं।</p>



<p>मौसम की गंभीरता को देखते हुए यात्रियों की जान को खतरा बना हुआ था। पुलिस और वन विभाग की टीम तुरंत रवाना हुई और ट्रैकर्स की लोकेशन ट्रैक की। टीम ने भारी तूफान के बीच सभी ट्रैकर्स को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सीएम धामी ने रन फॉर अवेयरनेस रैली को दिखाई हरी झंडी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168859</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 07:32:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="818" height="467" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-8.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-8.jpg 818w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-8-768x438.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 818px) 100vw, 818px" />मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान से नशामुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत आयोजित रन फॉर अवेयरनेस रैली का शुभारंभ किया। रैली से पहले सभा में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह दौड़ मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध और नशे से मुक्त उत्तराखंड के संकल्प &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="818" height="467" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-8.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-8.jpg 818w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-8-768x438.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 818px) 100vw, 818px" />
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान से नशामुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत आयोजित रन फॉर अवेयरनेस रैली का शुभारंभ किया।</p>



<p>रैली से पहले सभा में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह दौड़ मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध और नशे से मुक्त उत्तराखंड के संकल्प की दौड़ है। आप सभी यहां से कदम आगे बढ़ाएंगे, तो यह संदेश पूरे प्रदेश में जाना चाहिए कि उत्तराखंड का युवा अब नशे को ‘ना’ कह रहा है और जीवन को हां कह रहा है।</p>



<p><strong>नशा साइलेंट वार, निशाना है युवा शक्ति<br></strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा एक साइलेंट वार की तरह फैल रहा है। इसका सबसे बड़ा निशाना हमारी युवा शक्ति है। मजाक-मजाक में युवा नशे की चपेट में आ जाते हैं और वहां से लौटना बहुत मुश्किल हो जाता है। यह न सिर्फ व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को संकट में डाल देता है।</p>



<p><strong>प्रधानमंत्री की प्रेरणा से मिशन मोड पर राज्य सरकार<br></strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2020 में शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार इस दिशा में मिशन मोड पर काम कर रही है।</p>



<p><strong>एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने की है गिरफ्तारी<br></strong>वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा हजारों आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी की गई है। साथ ही एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) केंद्रों का संचालन किया जा रहा है और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी एटीएफ केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।</p>



<p><strong>दगड़िया क्लब बनाया<br></strong>उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए ‘दगड़िया क्लब’ बनाए गए हैं, जो युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।</p>



<p><strong>युवाओं को संकल्प लेने की जरूरत<br></strong>मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि नशे के विरुद्ध यह लड़ाई केवल कानून बनाने से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज की जागरूकता और युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। हम सभी संकल्प लें कि स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने मित्रों व समाज को भी जागरूक करेंगे। औपचारिकता से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प से ही हम ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।</p>



<p><strong>उर्जावान युवा शक्ति के लिए जाना जाता है उत्तराखंड<br></strong>सीएम ने कहा कि उत्तराखंड अपनी आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और ऊर्जावान युवा शक्ति के लिए जाना जाता है। यदि युवा शक्ति सही दिशा में बढ़े, तो वह पूरे भारतवर्ष के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।</p>



<p><strong>नशामुक्ति की ली शपथ<br></strong>मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में डॉ. स्वामी रामेश्वरम हरि, आरएसएस संपर्क प्रमुख उत्तर क्षेत्र जसवीर, श्याम अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट सहित सैकड़ों युवाओं ने शपथ ली।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड: प्रदेश में जनगणना का पहला चरण, राज्यपाल ने स्व-गणना कर किया शुभारंभ</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168806</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 08:02:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="545" height="430" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />उत्तराखंड में जनगणना का शुभारंभ हो गया है। लोक भवन देहरादून में राज्यपाल द्वारा स्व-गणना से शुभारंभ हुआ। स्व गणना में आपको 33 सवालों का जवाब देना होगा। घर बैठे एंट्री भरने के बाद आपको एक एसई आईडी मिलेगी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने स्व-गणना की शुरुआत की। शाम पांच बजे मुख्यमंत्री पुष्कर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="545" height="430" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>उत्तराखंड में जनगणना का शुभारंभ हो गया है। लोक भवन देहरादून में राज्यपाल द्वारा स्व-गणना से शुभारंभ हुआ। स्व गणना में आपको 33 सवालों का जवाब देना होगा। घर बैठे एंट्री भरने के बाद आपको एक एसई आईडी मिलेगी।</p>



<p>राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने स्व-गणना की शुरुआत की। शाम पांच बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वगणना करेंगे।</p>



<p>जनगणना निदेशालय की ओर से प्रदेश में 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक भवन स्व गणना का मौका मिलेगा। यह काम जनगणना के पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से होगी। भवन स्व गणना में आपको 33 सवालों का जवाब देना होगा। घर बैठे एंट्री भरने के बाद आपको एक एसई आईडी मिलेगी। जब जनगणना निदेशालय की ओर से प्रगणक आपके घर पहुंचेंगे तो आपको उन्हें वह एसई आईडी देनी है।</p>



<p>इस आईडी से वह आपका पूरा डाटा अपने सॉफ्टवेयर में ले लेंगे। इसे अपने स्तर से वहीं खड़े होकर सत्यापित करेंगे और अंतिम एंट्री कर देंगे। निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रगणक 25 अप्रैल से 24 मई के बीच घर-घर जाएंगे।</p>



<p><strong>इन सवालों के देने हैं जवाब<br></strong>1-भवन नंबर (प्रगणक भरेंगे)<br>2-मकान नंबर (प्रगणक भरेंगे)<br>3-मकान के फर्श में प्रयुक्त सामग्री<br>4-मकान की दीवार में प्रयुक्त सामग्री<br>5-मकान की छत में प्रयुक्त सामग्री<br>6-मकान का उपयोग<br>7-मकान की हालत<br>8-परिवार क्रमांक<br>9-परिवार के सदस्यों की संख्या<br>10-परिवार के मुखिया का नाम<br>11-परिवार के मुखिया का लिंग<br>12-अनु.जाति, अनु.जनजाति या अन्य<br>13-मकान के स्वामित्व की स्थिति<br>14-मकान में कमरों की संख्या<br>15-परिवार में विवाहित दंपती संख्या<br>16-पेयजल का मुख्य स्रोत<br>17-पेयज स्रोत की उपलब्धता<br>18-लाइट का मुख्य स्रोत<br>19-शौचालय की उपलब्धता<br>20-शौचालय का प्रकार<br>21-गंदे पानी की निकासी<br>22-स्नानघर की उपलब्धता<br>23-रसोईघर, एलपीजी या पीएनजी<br>24-खाना पकाने का मुख्य ईंधन<br>25-रेडियो या ट्रांजिस्टर<br>26-टेलीविजन<br>27-इंटरनेट सुविधा<br>28-लैपटॉप या कंप्यूटर<br>29-टेलीफोन, मोबाइल, स्मार्ट फोन<br>30-साइकिल, स्कूटर, बाइक<br>31-कार, जीप, वैन<br>32-मुख्य अनाज<br>33-मोबाइल नंबर</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धराली में कहर बरपाने वाली खीर गंगा पर बनेगा मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168803</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 07:47:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="819" height="465" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-2.jpg 819w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-2-768x436.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-2-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 819px) 100vw, 819px" />उत्तरकाशी:&#160;धराली में खीर गंगा पर मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल बनेगा। मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल का निर्माण अधिकांश नदी, नालों पर किया जाता है। गत वर्ष अगस्त माह में धराली में कहर बरपाने वाली खीर गंगा नदी पर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल का निर्माण किया जाएगा। 40 मीटर लंबे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="819" height="465" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-2.jpg 819w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-2-768x436.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-2-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 819px) 100vw, 819px" />
<p><strong>उत्तरकाशी:&nbsp;</strong>धराली में खीर गंगा पर मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल बनेगा। मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल का निर्माण अधिकांश नदी, नालों पर किया जाता है।</p>



<p>गत वर्ष अगस्त माह में धराली में कहर बरपाने वाली खीर गंगा नदी पर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल का निर्माण किया जाएगा। 40 मीटर लंबे स्पान के पुल के लिए बीआरओ 24 मीटर भूमि अधिग्रहित करेगा। इसके लिए बीआरओ ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया।</p>



<p>गत वर्ष धराली में पांच अगस्त को खीर गंगा में पानी और मलबे के साथ आई विनाशकारी आपदा में भवनों और होटलों के साथ गंगोत्री हाईवे भी करीब 25 फीट मलबे में दब गया था। उसके बाद बीआरओ की ने मलबे को काटकर कच्ची सड़क बनाकर आवाजाही शुरू करवाई थी। लेकिन बरसात में दोबारा खीर गंगा के उफान पर आने पर सड़क बहने का खतरा बना हुआ है। इसलिए वहां पर आवाजाही को सुचारू रखने के लिए मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल का निर्माण किया जाएगा।</p>



<p>इसके लिए मंगलवार को बीआरओ और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने वहां भूमि सीमांकन आदि प्रक्रिया के तहत ग्रामीणों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। बीआरओ के कमांडर राजकिशोर ने बताया कि धराली में आल वेदर रोड के तहत पहले ही 12 मीटर भूमि अधिग्रहण का सर्वे हो चुका है। अब पुल निर्माण के लिए 12 मीटर अतिरिक्त भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए जल्द ग्रामीणों के साथ बैठक की जाएगी।</p>



<p><strong>क्या होता है मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल<br></strong>मल्टी सेल बॉक्स कलवर्ट पुल का निर्माण अधिकांश नदी, नालों पर किया जाता है। इसके लिए निर्माणदायी संस्था पहले उस नदी का 15 वर्ष के इतिहास की अध्ययन करती है कि उस नदी ओर नाले का जलस्तर कितना घटता बढ़ता है। उसके बाद डिजाइन तैयार किया जाता है। इसमें नदी के बीच में मोटे-मोटे पिलर तैयार कर पुल निर्माण किया जाता है।</p>
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