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	<title>Uncategorized &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<description>Hindi News, Breaking News, Politics &#38; Lifestyle News</description>
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	<title>Uncategorized &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<item>
		<title>फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद ने काशी में लगाया आरोप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Sep 2025 10:11:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा है कि वोट चोरी की शुरुआत फैजाबाद जनपद के मिल्कीपुर उपचुनाव से हुई। उन्होंने बताया कि इस सीट पर वह लगातार जीतते आ रहे थे। जब वह सांसद बने, तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके बेटे को प्रत्याशी बनाया, लेकिन सरकार ने वोट चोरी &#8230;]]></description>
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<p>समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा है कि वोट चोरी की शुरुआत फैजाबाद जनपद के मिल्कीपुर उपचुनाव से हुई। उन्होंने बताया कि इस सीट पर वह लगातार जीतते आ रहे थे। जब वह सांसद बने, तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके बेटे को प्रत्याशी बनाया, लेकिन सरकार ने वोट चोरी नहीं बल्&#x200d;क&#x200d;ि डकैती कर उन्हें हरवा दिया। कहा क&#x200d;ि अयोध्&#x200d;या में भगवान राम की नगरी से यह कृत्&#x200d;य क&#x200d;िया गया है।</p>



<p>अवधेश प्रसाद सोमवार को पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म के लिए काशी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की। जब उनसे पूछा गया कि वोट चोरी के बावजूद अयोध्या में आप जीत गए, तो उन्होंने कहा कि यह राम जी की कृपा थी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग कहते थे कि हम राम को लाए हैं और राम हमें ले आए। उन्&#x200d;होंने रामभद्राचार्य द्वारा मुसलमानों को लेकर की गई टिप्पणी पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि हम ऐसे बयानों की निंदा करते हैं।</p>



<p>मोदी की मां को गाली देने के मामले पर उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि किसने गाली दी। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।</p>



<p>अवधेश प्रसाद ने आगे कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है और किसी भी प्रकार की धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>



<p>उन्होंने यह भी बताया कि समाजवादी पार्टी हमेशा से जनता के हक की लड़ाई लड़ती आई है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहेंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाएंगे।</p>



<p>अवधेश प्रसाद ने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे चुनावी प्रक्रिया को स्वच्छ और निष्पक्ष बनाने के लिए मिलकर काम करें।</p>



<p>इस बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की नीति हमेशा से विकास और समृद्धि की रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनावों में पार्टी को जनता का समर्थन मिलेगा और वे फिर से सत्ता में आएंगे।</p>



<p>अवधेश प्रसाद ने अंत में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा और किसी भी प्रकार की धांधली को रोकने के लिए सजग रहना होगा। इस प्रकार, अवधेश प्रसाद ने वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी से सहयोग की अपील की।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>यूपी: सीएम का जनता दर्शन, रायबरेली से पहुंचे मरीजों को तुरंत भर्ती कराने के दिए निर्देश</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/155304</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Sep 2025 07:02:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="656" height="363" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/09/aa.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को &#8216;जनता दर्शन&#8217; किया। इस दौरान प्रदेश भर से आये हर पीड़ित के पास पहुंचे, शिकायतें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। &#8216;जनता दर्शन&#8217; में 50 से अधिक लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। रायबरेली से आये किडनी व हर्ट के मरीज को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="656" height="363" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/09/aa.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" />
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को &#8216;जनता दर्शन&#8217; किया। इस दौरान प्रदेश भर से आये हर पीड़ित के पास पहुंचे, शिकायतें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। &#8216;जनता दर्शन&#8217; में 50 से अधिक लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। रायबरेली से आये किडनी व हर्ट के मरीज को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश दिए।</p>



<p><strong>किडनी, हृदय के मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश</strong></p>



<p>&#8216;जनता दर्शन&#8217; में रायबरेली के थाना खीरो के ग्राम बरवलिया के एक युवक भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उनके पिता किडनी-हृदय व यूरिन की बीमारी से पीड़ित हैं। प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने में अब आर्थिक दिक्कत आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए अस्पताल से एस्टीमेट भी मंगवाने को कहा।</p>



<p><strong>हर जरूरतमंद को इलाज में निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है सरकार</strong></p>



<p>&#8216;जनता दर्शन&#8217; में इलाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए कई फरियादियों ने प्रार्थना पत्र दिया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद मरीज को इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। आप भी अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाएं। आपके इलाज के खर्च की चिंता सरकार करेगी। सरकार विगत 8 वर्ष से हर जरूरतमंद को निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।</p>



<p><strong>नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट</strong></p>



<p>&#8216;जनता दर्शन&#8217; में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वनडे में रचा नया इतिहास</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/149309</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Jul 2025 06:13:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="763" height="428" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/07/Screenshot-2025-07-03-114140.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/07/Screenshot-2025-07-03-114140.png 763w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/07/Screenshot-2025-07-03-114140-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 763px) 100vw, 763px" />वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को नॉर्थम्प्टन में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे यूथ वनडे के दौरान अंडर-19 वनडे में इतिहास रच दिया। वैभव ने किसी भारतीय द्वारा दूसरा सबसे तेज अर्धशतक जड़कर सुर्खियां बटोरीं। 14 वर्षीय इस खिलाड़ी ने जेम्स मिंटो की गेंद पर एक लंबा छक्का लगाकर सिर्फ 20 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="763" height="428" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/07/Screenshot-2025-07-03-114140.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/07/Screenshot-2025-07-03-114140.png 763w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/07/Screenshot-2025-07-03-114140-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 763px) 100vw, 763px" />
<p>वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को नॉर्थम्प्टन में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे यूथ वनडे के दौरान अंडर-19 वनडे में इतिहास रच दिया। वैभव ने किसी भारतीय द्वारा दूसरा सबसे तेज अर्धशतक जड़कर सुर्खियां बटोरीं। 14 वर्षीय इस खिलाड़ी ने जेम्स मिंटो की गेंद पर एक लंबा छक्का लगाकर सिर्फ 20 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया और सिर्फ 31 गेंद पर 86 रन ठोक दिए।</p>



<p>बारिस से प्रभावित इस मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 40 ओवर 268 रन बनाए। 269 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने भारत को तेज शुरुआत दिलाई। स्टैंड-इन कप्तान अभिज्ञान कुंडू के जल्दी आउट होने के बावजूद बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी पहली 13 गेंद में दो चौके लगाकर अपने इरादे का संकेत दिया।</p>



<p><strong>20 गेंद पर जड़ा अर्धशतक</strong><br>इसके बाद उन्होंने साफ-सुथरी निडर बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उनके बल्ले से नौ छक्के और छह चौके निकले और उन्होंने इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस करते हुए 20 गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा किया। इस अर्धशतक की बदौलत उन्होंने नया इतिहास रच दिया। वह अंडर-19 क्रिकेट में भारत की तरफ से दूसरा सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले खिलाड़ी बने गए।</p>



<p><strong>टूटने से बचा पंत का रिकॉर्ड</strong><br>इससे पहले अंडर-19 क्रिकेट में भारत के लिए केवल ऋषभ पंत ने ही सबसे तेज अर्धशतक बनाया है। उन्होंने 2016 अंडर-19 विश्व कप के दौरान नेपाल के खिलाफ 18 गेंद पर यह कमाल किया था। वैभव सूर्यवंशी ने न केवल तेज अर्धशतक जड़ा बल्कि मनदीप सिंह के 16 साल पुराने रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।</p>



<p><strong>मनदीप सिंह को छोड़ा पीछे</strong><br>वह अंडर-19 की एक पारी में सर्वाधिक सिक्स लगाने के मामले में मनदीप से आगे निकल गए। मनदीप सिंह ने साल 2009 में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ 151 रन की पारी के दौरान 8 सिक्स लगाए गए थे। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी 86 रन की पारी के दौरान 8 सिक्स लगाकर रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>केरल के मुनरो आइलैंड की खूबसूरती देखकर झूम उठेंगे आप</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/138152</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 May 2025 16:09:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="501" height="293" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/05/39-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />जब भी केरल घूमने की बात होती है, तो लोग सबसे पहले एलेप्पी, कुमारकोम, मुन्नार, वायनाड, वागामों और त्रिशूर जैसी फेमस जगहों पर जाना चाहते हैं। लेकिन मुनरो द्वीप के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। दक्षिण भारत में जब किसी खूबसूरत राज्य में घूमने की बात होती है, तो बहुत सारे लोग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="501" height="293" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/05/39-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p>जब भी केरल घूमने की बात होती है, तो लोग सबसे पहले एलेप्पी, कुमारकोम, मुन्नार, वायनाड, वागामों और त्रिशूर जैसी फेमस जगहों पर जाना चाहते हैं। लेकिन मुनरो द्वीप के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है।<br />
दक्षिण भारत में जब किसी खूबसूरत राज्य में घूमने की बात होती है, तो बहुत सारे लोग केरल का नाम सबसे पहले लेते हैं। केरल दक्षिण भारत का पर्यटन हब माना जाता है। केरल की खूबसूरती हर दिन हजारों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां पर स्थित लैगून और बैकवॉटर देखने के लिए लोग केरल पहुंचते हैं। जब भी केरल घूमने की बात होती है, तो लोग सबसे पहले एलेप्पी, कुमारकोम, मुन्नार, वायनाड, वागामों और त्रिशूर जैसी फेमस जगहों पर जाना चाहते हैं। लेकिन मुनरो द्वीप के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मुनरो द्वीप की खूबसूरती, खासियत और यहां पर मौजूद कुछ शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।<br />
मुनरो द्वीप</p>
<p>केरल के कोल्लम जिले में स्थित मुनरो द्वीप एक अद्भुत और अनोखी जगह है। यह कोल्लम शहर के कुछ किमी की दूरी है। इस द्वीप को कई लोग मुंद्रोथुरुथु के नाम से भी जानते हैं। केरल में अष्टमुडी झील और कल्लदा नदी के संगम पर यह द्वीप स्थित है। मुनरो द्वीप राजधानी तिरुवनंतपुरम से करीब 90 किमी की दूरी पर है। यह द्वीप एलेप्पी से करीब 87 किमी दूर और कोट्टयम से महज 84 किमी दूर है।</p>
<p>मुनरो द्वीप का इतिहास</p>
<p>मुनरो द्वीप का इतिहास काफी रोचक है। इस आइलैंड के बारे में बताया जाता है कि इसका नाम पूर्व ब्रिटिश निवासी कर्नल मुनरो के नाम पर रखा गया है। बताया जाता है कि जब कर्नल मुनरो ने देखा कि सिंचाई के लिए आसपास के इलाकों में बहुत समस्या हो रही है, तब इस द्वीप का निर्माण करवाया गया था।</p>
<p>मुनरो द्वीप की खासियत</p>
<p>केरल के साथ-साथ दक्षिण भारत का भी यह एक ऐसा आइलैंड है, जो नदी और झील के किनारे स्थित है। मुनरो द्वीप अष्टमुडी झील और कल्लदा नदी के संगम पर स्थित है। जोकि अपने आप में अनोखा है।</p>
<p>इस द्वीप के बारे में कहा जाता है कि यह केरल का छिपा हुआ मोती है, जो करीब 8 द्वीपों से बना हुआ है। यहां पर स्थित बैकवाटर और लैगून पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।</p>
<p>सैलानियों के लिए है खास</p>
<p>मुनरो द्वीप अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है और यहां पर हर दिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। खासकर जो सैलानी बैकवाटर और लैगून से प्रेम करते हैं, उनके लिए मुनरो द्वीप किसी स्वर्ग से कम नहीं है। वहीं प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह खास जगह है।</p>
<p>मुनरो द्वीर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ शांत और शुद्ध वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां पर कई पर्यटक बोटिंग का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते हैं। मानसून में इस द्वीप की खूबसूरती चरम पर होती है।</p>
<p>आसपास घूमने की जगहें</p>
<p>मुनरो द्वीप के आसपास कई शानदार और मनमोहक जगहें हैं। ऐसे में आप इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। आप यहां पर अष्टमुडी झील, वेस्ट एंड ईस्ट कल्लाडा और थेवलक्करा गांव को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं।</p>
<p>कैसे पहुंचे मुनरो द्वीप</p>
<p>बता दें कि मुनरो द्वीप पहुंचना आसान है। इसके पास में कोल्लम रेलवे स्टेशन है, जोकि यहां से 27 किमी दूर है। वहीं अगर आप हवाई मार्ग से जाना चाहते हैं, तो यहां पर सबसे पास त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट जोकि 80 किमी दूर है। ऐसे में आप एयरपोर्ट से कैब या टैक्सी करके मुनरो द्वीप जा सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चार धाम यात्रा की ऑनलाइन बुकिंग के दौरान आपके साथ हो सकता है फ्रॉड</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/138149</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 May 2025 16:03:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="511" height="302" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/05/38.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />अनन्या मिश्रा अगर आप भी चार धाम यात्रा की बुकिंग कराने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन ठगों से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं। चार धाम यात्रा पर निकलने के लिए श्रद्धालु बेसब्री से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="511" height="302" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/05/38.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p>अनन्या मिश्रा<br />
अगर आप भी चार धाम यात्रा की बुकिंग कराने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन ठगों से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं। चार धाम यात्रा पर निकलने के लिए श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्राप्त रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक करीब 19 लाख लोगों ने चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यात्रा के पहले दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही हैं। लेकिन इस दौरान यात्रियों के साथ ठगी होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। दरअसल, श्रद्धा की आड़ में कुछ लोग श्रद्धालुओं के साथ ठगी कर रहे हैं। ऐसे में कहीं आपके साथ भी फ्रॉड न हो जाए, इसके लिए आपको कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। ठगी करने वाले लोग होटल से लेकर हेलिकॉप्टर बुकिंग जैसी सुविधाओं पर लोगों से पैसे लूट रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी चार धाम यात्रा की बुकिंग कराने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन ठगों से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं।<br />
आपके साथ भी न हो जाए ठगी</p>
<p>बता दें कि ठगी करने वाले लोगों ने ऑनलाइन वेबसाइट और एप्स बनाए हैं। जहां पर बजट में बस, होटल और हेलिकॉप्टर की सुविधाएं देते हैं। यह एप्स और वेबसाइट असली मालूम होते हैं और लोग इससे बुकिंग कर लेते हैं। जिसके कारण उनके पैसे डूब जाते हैं। ऐसे में अगर आप बुकिंग करने जा रहे हैं, तो आपको फेक वेबसाइट और ऐप से सावधान और सतर्क रहना चाहिए।<br />
आजकल लोगों ने चारधाम यात्रा को धंधा बना दिया है। वहीं सोशल मीडिया पर भी कई तरह से इस ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। हाल ही में एक व्यक्ति से फेसबुक पर हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर 3,600 रुपए लूटे गए। ठग करने वाले खुद को ट्रैवल एजेंसी का बताते हैं, जिससे यात्रियों का नुकसान होता है। इसलिए किसी भी ऑनलाइन वेबसाइट पर भरोसा न करें।</p>
<p>इस समय चार धाम यात्रा की पूरी बुकिंग नकली एजेंट करवा रहे हैं। इस दौरान वह चारधाम दर्शन के साथ रहने, खाने और बस-कैब की सुविधा भी दे रहे हैं। इसलिए एजेंट से बुकिंग कराने से पहले उसकी पूरी सत्यता जान लें।</p>
<p>चारधाम यात्रा की बुकिंग के समय आपके साथ किसी भी तरह का फ्रॉड न हो, इसके लिए आपको उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से पैकेज बुक करना चाहिए। वहीं आप ट्रैवल एजेंसियों से भी टिकट बुक कर सकते हैं। वहीं ऑफिशियल वेबसाइट से बुकिंग करने पर आपको किसी भी तरह की ठगी की चिंता नहीं रहेगी।</p>
<p>इसलिए सस्ते के चक्कर में अपना नुकसान नहीं करवाना चाहिए। अगर आप चार धाम यात्रा की बुकिंग कराना चाहते हैं, तो आपको उत्तराखंड में स्थित पैकेज कर्ता से बुकिंग करानी चाहिए। इससे आपको अपने साथ ठगी की चिंता नहीं रहेगी। आप चाहें तो खुद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यह हर यात्रियों के लिए फ्री है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ऐतिहासिक महत्व और मनोरंजन का अद्भुत संगम है जुबिली पार्क</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/137645</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 May 2025 17:32:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="571" height="352" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/05/6.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />झारखंड के जमशेदपुर शहर के हृदय में स्थित जुबिली पार्क, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और मनोरंजन का अद्भुत संगम है। यह पार्क टाटा स्टील द्वारा १९५८ में कंपनी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर शहरवासियों को उपहार स्वरूप दिया गया था । लगभग २२५ एकड़ में फैला यह पार्क, हर आयु वर्ग के लोगों के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="571" height="352" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/05/6.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p>झारखंड के जमशेदपुर शहर के हृदय में स्थित जुबिली पार्क, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और मनोरंजन का अद्भुत संगम है। यह पार्क टाटा स्टील द्वारा १९५८ में कंपनी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर शहरवासियों को उपहार स्वरूप दिया गया था । लगभग २२५ एकड़ में फैला यह पार्क, हर आयु वर्ग के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है ।<br />
प्रमुख आकर्षण</p>
<p>टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क: यह चिड़ियाघर बाघ, शेर, हाथी, बंदर और सरीसृपों सहित २०० से अधिक प्रजातियों का घर है ।</p>
<p>रोज़ गार्डन: यहाँ विभिन्न रंगों और आकारों के हजारों गुलाबों की प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं, जो ब्रिंदावन गार्डन, मैसूर से प्रेरित हैं ।<br />
जयन्ती सरोवर: यह सुंदर झील नौका विहार और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।</p>
<p>निक्को जुबिली एम्यूज़मेंट पार्क: बच्चों और परिवारों के लिए रोमांचक झूलों और जल क्रीड़ा का आनंद लेने का स्थान ।</p>
<p>स्मृति उद्यान: यह उद्यान टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा की स्मृति में बनाया गया है, जहाँ उनकी प्रतिमा भी स्थित है।</p>
<p>विशेष आयोजन</p>
<p>हर वर्ष ३ मार्च को टाटा फाउंडर डे के अवसर पर पार्क को भव्य रूप से सजाया जाता है। इस दिन पार्क में लाइट और साउंड शो, लेज़र फाउंटेन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं।</p>
<p>समय और प्रवेश शुल्क</p>
<p>समय: प्रत्येक दिन सुबह ७:०० बजे से शाम ७:०० बजे तक खुला रहता है।</p>
<p>प्रवेश शुल्क: पार्क में प्रवेश निःशुल्क है।</p>
<p>कैसे पहुँचें</p>
<p>रेल द्वारा: नजदीकी रेलवे स्टेशन टाटानगर जंक्शन है, जो देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।</p>
<p>सड़क मार्ग से: जमशेदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग ३३ से जुड़ा हुआ है, जिससे रांची, पटना, कोलकाता आदि शहरों से बस सेवाएं उपलब्ध हैं।</p>
<p>वायु मार्ग से: निकटतम हवाई अड्डा बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची है, जो लगभग १४० किमी दूर स्थित है ।</p>
<p>यात्रा सुझाव</p>
<p>आरामदायक जूते पहनें और पानी की बोतल साथ रखें।</p>
<p>सुबह या शाम के समय भ्रमण करें ताकि गर्मी से बचा जा सके।</p>
<p>पार्क की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और कचरा निर्धारित स्थानों पर ही फेंकें।</p>
<p>जुबिली पार्क न केवल जमशेदपुर की शान है, बल्कि यह झारखंड के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और विविध मनोरंजन के अवसरों के कारण यह पार्क पर्यटकों के लिए एक आदर्श गंतव्य है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिल्ली में यहां है पूल कैफे, गर्मी के लिए सबसे बेस्ट, अपने फ्रेंड्स और फैमिली</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/136275</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Jun 2024 16:39:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="643" height="343" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2024/06/Here-is-a-pool-cafe-in-Delhi-best-for-summers-with-your-friends-and-family.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />दिल्ली में घूमने के लिए कई अच्छी जगह हैं, लेकिन इतनी भीषण गर्मी में कोई भी घूमने जाने का मन नहीं बना सकता है. हीटवेव को ध्यान में रखते हुए आप ऐसी जगह चुन सकते हैं जो आपके मौज-मस्ती को दोगुना कर सकती है. आप दिल्ली के पुल कैफे में जा सकते हैं. दिल्ली का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="643" height="343" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2024/06/Here-is-a-pool-cafe-in-Delhi-best-for-summers-with-your-friends-and-family.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p style="text-align: justify;">दिल्ली में घूमने के लिए कई अच्छी जगह हैं, लेकिन इतनी भीषण गर्मी में कोई भी घूमने जाने का मन नहीं बना<span id="more-136275"></span> सकता है. हीटवेव को ध्यान में रखते हुए आप ऐसी जगह चुन सकते हैं जो आपके मौज-मस्ती को दोगुना कर सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">आप दिल्ली के पुल कैफे में जा सकते हैं. दिल्ली का पुल कैफे भी एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है, क्योंकि यहां आपको गर्मी नहीं तंग करने वाली. आइए जानते हैं कि यह कैफे कहां है…</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली की फेमस तिब्बत कॉलोनी मजनू का टीला में आपको पूल कैफे का मजा मिल सकता है. यह आपको गोवा का फील दिलाएगा. इस कैफे का बाहरी हिस्सा भी गोवा बीच के आइडिया को लेकर बनाया गया है. इस कैफे का सीटिंग अरेंजमेंट भी बेहतरीन है, जिसमें एक हिस्सा ग्राउंड फ्लोर है तो दूसरा फर्स्ट फ्लोर है. अगर आप यहां शाम को आते हैं तो यह पूरी तरह से जगमगाता हुआ दिखाई देगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>खाने</strong> <strong>के</strong> <strong>लिए</strong> <strong>क्या</strong> <strong>फेमस</strong><br />
अगर इस कैफे के फूड की बात करें तो यहां आपको चाइनीज, तिब्बतियन और इंडियन मिल जाएगा. यहां आपको वेज और नॉन वेज में कई प्रकार की डिश मिल जाएंगी. लोगों का कहना है कि इस कैफे कैफे का मटन रोगन जोश और चिकन टिक्का जरूर ट्राई करना चाहिए. इस कैफे का सबसे बेहतरीन चाइनीज डिश है. इसके अलावा आपको यहां कॉकटेल और मॉकटेल का भी आनंद लेना चाहिए. माइंड को रिफ्रेश करने के लिए आप इसे जरूर ट्राई करें. आप यहां लाइव म्यूजिक का भी आनंद ले सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कितना</strong> <strong>आएगा</strong> <strong>खर्च</strong><br />
अगर आप यहां जाने का प्लान कर रहें हैं तो दो लोगों का खर्च 1000 तक पहुंच सकता है. यह दोपहर के 12 बजे से रात के 10 बजे तक खुला रहता है. यहां पहुंचने के लिए आपको विधान सभा मेट्रो स्टेशन पर उतरना होगा. यहां से आप मजनू का टीला जाने के लिए ऑटो या रिक्शॉ ले सकते हैं. आपको एंट्री के बाद हाउस नंबर 85-B पर जाना होगा. यहीं आपको पूल कैफे का आनंद मिल सकता है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्यों पैसा फूंकेंगे जब भारत में ही हैं एक नहीं छह मिनी स्विट्जरलैंड</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/136269</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Jun 2024 16:36:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://uknews360.com/?p=136269</guid>

					<description><![CDATA[<img width="643" height="343" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2024/06/Why-waste-money-when-there-are-not-one-but-six-mini-Switzerlands-in-India-itself.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />स्विट्जरलैंड की खुशनुमा वादियां, चारों तरफ बर्फ से ढंकी चोटियां, घनी हरियाली, स्कि रिसॉर्ट, शांत और स्वच्छ पानी वाले झील और शानदार परिदृश्य&#8230;इसे सोचना ही किसी सपने जैसा लगता है न। इस सपने को साकार करने के लिए लोग अक्सर स्विट्जलैंड जाने के सपने देखते हैं। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि बिना वीजा और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="643" height="343" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2024/06/Why-waste-money-when-there-are-not-one-but-six-mini-Switzerlands-in-India-itself.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p style="text-align: justify;">स्विट्जरलैंड की खुशनुमा वादियां, चारों तरफ बर्फ से ढंकी चोटियां, घनी हरियाली, स्कि रिसॉर्ट, शांत और स्वच्छ<span id="more-136269"></span> पानी वाले झील और शानदार परिदृश्य&#8230;इसे सोचना ही किसी सपने जैसा लगता है न।</p>
<p style="text-align: justify;">इस सपने को साकार करने के लिए लोग अक्सर स्विट्जलैंड जाने के सपने देखते हैं। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि बिना वीजा और पासपोर्ट के ही आपको हम स्विट्जलैंड के पहाड़ों वाले नजारें, बर्फ, हरियाली और शानदार खुबसूरती दिखा देंगे&#8230;तो।</p>
<p style="text-align: justify;">जी हां, अगर आप भी बिना किसी परेशानी के स्विट्जरलैंड की सैर पर जाना चाहते हैं तो इसके लिए बस जरूरी होता है आपका बैग पैक करने की और निकल पड़िए यहां बताएं 6 जगहों में से किसी भी एक जगह है। यकीन किजीए&#8230;हम आपको विदेश नहीं बल्कि भारत के ही 6 ऐसे लोकेशन के बारे में बता रहे हैं जिन्हें मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है।</p>
<ol style="text-align: justify;">
<li><strong>उत्तराखंड</strong> <strong>का</strong> <strong>औली</strong></li>
</ol>
<p style="text-align: justify;">उत्तराखंड के चमोली जिले का एक छोटा सा हिल स्टेशन औली, जिसे भारत के प्रमुख स्की डेस्टिनेशन में से एक माना जाता है। यहां आपको बर्फिली पहाड़ की चोटियां और हरियाली एक साथ अनुभव करने को मिलेगी। प्रकृति प्रेमियों के लिए तो औली एक शानदार जगह है ही, लेकिन आप अगर एडवेंचर के शौकिन हैं, तो सर्दियों के मौसम में औली आपके लिए जन्नत से कम नहीं होगी।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कब</strong> <strong>जाएं</strong><strong> :</strong> औली जाने के लिए साल में किसी खास समय का इंतजार करने की जरूरत नहीं। पूरे साल जा सकते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे</strong> <strong>पहुंचे</strong><strong> :</strong><strong>नजदीकी</strong> <strong>एयरपोर्ट</strong> &#8211; जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादुन (180 किमी)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नजदीकी</strong> <strong>रेलवे</strong> <strong>स्टेशन</strong> &#8211; देहरादुन (150 किमी)</p>
<ol style="text-align: justify;" start="2">
<li><strong>मणिपुर</strong></li>
</ol>
<p style="text-align: justify;">मणिपुर यानी जेवरों वाली जमीन। पूर्वोत्तर भारत का मणिपुर वास्तव में प्राकृतिक सुन्दरता का खजाना है। अंडाकार इस घाटी में पहाड़, झीलों के बीच तैरते द्वीप, हरियाली और शानदार वन्य जीवों का बसेरा है, जो इसे भारत का मिनी स्विट्जरलैंड बनाता है। मणिपुर आने की एक प्रमुख वजह सिर्फ इसकी प्राकृतिक सुन्दरता ही नहीं बल्कि यहां की सांस्कृतिक धरोहर भी है।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कब</strong> <strong>जाएं</strong><strong> :</strong> अक्तूबर से मार्च के बीच।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे</strong> <strong>पहुंचे</strong><strong> :</strong><strong>नजदीकी</strong> <strong>एयरपोर्ट</strong> &#8211; इम्फाल एयरपोर्ट</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नजदीकी</strong> <strong>रेलवे</strong> <strong>स्टेशन</strong> &#8211; दीमापुर (203 किमी)</p>
<ol style="text-align: justify;" start="3">
<li><strong>हिमाचल</strong> <strong>प्रदेश</strong> <strong>का</strong> <strong>खज्जियार</strong></li>
</ol>
<p style="text-align: justify;">हिमाचल प्रदेश का खज्जियार मिनी स्विट्जरलैंड जैसा इतना दिखता है कि लोग यहां अक्सर स्विट्जरलैंड जैसे बैकग्राउंड में फोटोशूट करने या वीडियो बनाने के लिए आते रहते हैं। खासतौर पर खज्जियार को प्री-वेडिंग फोटोशूट या फिर हनीमून फोटोशूट के लिए खूब पसंद किया जाता है। इस जगह को देखकर ऐसा लगता है, मानों यह घाटी पहाड़ों की गोद में बसा हुआ है।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कब</strong> <strong>जाएं</strong><strong> :</strong> पूरे साल में कभी भी</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे</strong> <strong>पहुंचे</strong><strong> : </strong><strong>नजदीकी</strong> <strong>एयरपोर्ट</strong> &#8211; कांगड़ा एयरपोर्ट, गग्गल (115 किमी)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नजदीकी</strong> <strong>स्टेशन</strong><strong> &#8211;</strong> पठानकोट (115 किमी)</p>
<ol style="text-align: justify;" start="4">
<li><strong>उत्तराखंड</strong> <strong>का</strong> <strong>कौशानी</strong></li>
</ol>
<p style="text-align: justify;">उत्तराखंड का एक और हिल स्टेशन, कौशानी, जिसकी तुलना लोग अक्सर स्विट्जरलैंड के साथ करते हैं। कौशानी बागेश्वर जिले का एक छोटा सा गांव है, जो नंदा देवी, पंचचुल्ली और हिमालय की दूसरी चोटियों के अपने बहुत ही शानदार परिदृश्यों की वजह से पर्यटकों में बहुत लोकप्रिय है। कौशानी की प्राकृतिक छटा को देखकर महात्मा गांधी ने ही इसे स्विट्जलैंड के साथ तुलना की थी।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कब</strong> <strong>जाएं</strong><strong> :</strong> अप्रैल-जून, सितंबर-नवंबर</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे</strong> <strong>जाएं</strong><strong> : </strong><strong>नजदीकी</strong> <strong>एयरपोर्ट</strong> &#8211; पंतनगर एयरपोर्ट (160 किमी)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नजदीकी</strong> <strong>रेलवे</strong> <strong>स्टेशन</strong> &#8211; काठगोदाम (130 किमी)</p>
<ol style="text-align: justify;" start="5">
<li><strong>हिमाचल</strong> <strong>प्रदेश</strong> <strong>का</strong> <strong>बरोट</strong> <strong>घाटी</strong></li>
</ol>
<p style="text-align: justify;">हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित बरोट घाटी ऐसी जगह है, जिसे देखते ही पहले झलक में ही लोग इसे स्विट्जरलैंड कह जाते हैं। हरियाली से भरे पहाड़ियों और देवदार के ऊंचे-ऊंचे पेड़ों से घिरी यह घाटी हर पर्यटकों के लिए एक Must Visit जगह है। इस घाटी में फिशिंग का भी मौका है, तो अगर आप मछली पकड़ने में अपने हाथ आजमाने के बारे में सोचते हैं तो ऐसा भी कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कब</strong> <strong>जाएं</strong><strong> :</strong> अप्रैल-जून, नवंबर-फरवरी</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे</strong> <strong>पहुंचे</strong><strong> : </strong><strong>नजदीकी</strong> <strong>एयरपोर्ट</strong> &#8211; कुल्लु-मनाली एयरपोर्ट, भुंटार (80 किमी)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नजदीकी</strong> <strong>रेलवे</strong> <strong>स्टेशन</strong> &#8211; जोगींदर नगर (30 किमी)</p>
<ol style="text-align: justify;" start="6">
<li><strong>कश्मीर</strong></li>
</ol>
<p style="text-align: justify;">कश्मीर को &#8216;धरती का स्वर्ग&#8217; कहा जाता है, वह यूं ही नहीं कहा जाता है। झील, नदियां, हरियाली और बर्फीले पहाड़&#8230;कश्मीर की यह पहचान है जिसे देखने के लिए सिर्फ देश के दूर-दराज के इलाके से ही नहीं बल्कि दूसरे देशों से भी हजारों की संख्या में पर्यटक आते रहते हैं। सर्दियों में अगर आप कश्मीर की ट्रिप पर जाते हैं तो यह आपको स्विट्जरलैंड से किसी भी सूरत में जरा भी कम नहीं लगता है।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कब</strong> <strong>जाएं</strong><strong> :</strong> मार्च-अगस्त</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे</strong> <strong>पहुंचे</strong><strong> : </strong><strong>नजदीकी</strong> <strong>एयरपोर्ट</strong> &#8211; श्रीनगर एयरपोर्ट</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नजदीकी</strong> <strong>रेलवे</strong> <strong>स्टेशन</strong> &#8211; श्रीनगर और जम्मू तवी</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजसी ठाट-बाट के लिए उम्मेद भवन की करें यात्रा</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/12024</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Aug 2018 06:46:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://uknews360.com/?p=12024</guid>

					<description><![CDATA[जोधपुर ,जब आप किसी राजसी किले की ऊंची दीवारों, बुर्ज और उसकी जटिल बनावट से रूबरू होते हैं, उसके झरोखों से बाहर दूर तक झांकते हैं और यह सुनते हैं कि राज्य की आन-बान-शान के लिए यहां के सैनिक दुश्मन सैनिकों से लड़ते हुए अपनी जान की कुर्बानी देने में जरा भी नहीं हिचके, तो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जोधपुर ,जब आप किसी राजसी किले की ऊंची दीवारों, बुर्ज और उसकी जटिल बनावट से रूबरू होते हैं, उसके झरोखों से बाहर दूर तक झांकते हैं और यह सुनते हैं कि राज्य की आन-बान-शान के लिए यहां के सैनिक दुश्मन सैनिकों से लड़ते हुए अपनी जान की कुर्बानी देने में जरा भी नहीं हिचके, तो आप निश्चित रूप से अपनी उस विरासत से मुलाकात करते हैं जो इतिहास के पन्नों में आज भी गर्व से जीवित है। इसके अलावा, जब आपको राजा-महाराजाओं के महल में उनके समय के जैसे ठाठ-बाट के साथ लगभग उसी माहौल में रहने का अवसर मिलता है, तो एकबारगी आपको ऐसा लग सकता है जैसे आप खुद वहां के महाराजा या फिर राजपरिवार के सदस्य हों। यह एहसास आपके लिए ताउम्र न भूलने वाला हो सकता है। और अगर मन में कहीं उनकी शानो-शौकत को महसूस करने की इच्छा है, तो महलों में रात गुजारिए। भले ही अब राजा-महाराजा और उनकी शानो-शौकत बरकरार न हो, लेकिन उनके रुतबे और शाही ठाट-बाट का अनुभव आज के समय में आप भी किलों और महलों में जाकर काफी हद तक हासिल कर सकते हैं।दरअसल, राजसी गौरव के प्रतीक कई किले और महल आज लक्जरी होटलों में तब्दील हो चुके हैं, जहां आधुनिक युग की तमाम सुख-सुविधाओं के साथ हेरिटेज फील को भी काफी हद तक संजोया गया है। पर्यटन के लिहाज से इन किलों और महलों की सैर काफी रोमांचकारी साबित हो सकती है। यहां पर रुकना एक राजसी एहसास और इतिहास के उन पलों में लौटने जैसा है।<br />
वैभव का गवाह उम्मेद भवन<br />
शाही समृद्ध विरासत और संस्कृति के धनी राजस्थान में राजसी महलों की शान अद्भुत है। जोधपुर का शाही महल उम्मेद भवन पैलेस हर राजसी परंपरा से आपका परिचय कराता है। इसके मालिक हैं महाराजा गज सिंह। उनके पिता महाराजा उम्मेद सिंह ने इसे बनवाया था। इसके संग्रहालय में राजसी हवाई जहाज के मॉडलों, हथियारों, प्राचीन वस्तुओं, घडि़यों, बॉब घडि़यों, बर्तनों, कटलरी, तस्वीरों और शिकार की ट्रॉफियां तक संजोयी गई हैं। आज यह महल बड़े बिजनेस घरानों की शाही शादियों और बॉलीवुड फिल्मों के लिए रॉयल डेस्टिनेशन है।<br />
कहते हैं कि मारवाड़ में पड़े भीषण अकाल के दौरान साल 1929 में महाराजा उम्मेद सिंह ने इसका निर्माण शुरू कराया था। इसका डिजाइन ब्रिटेन के हैनरी लैंचेस्टर ने करीब पांच साल में तैयार किया था। उम्मेद भवन साल 1943 में बनकर तैयार हो गया था। इसमें कुल 347 कमरे और हॉल हैं। आजादी के बाद वर्ष 1978 में इसे होटल में बदल दिया गया। हालांकि आज भी इसके एक भाग में पूर्व नरेश का परिवार रहता है। जोधपुर के प्रसिद्ध चित्तर पत्थर से बना होने के कारण स्थानीय लोग इसे चित्तर पैलेस के नाम से भी जानते हैं। महल को तराशे गए बलुआ पत्थरों को जोड़कर बनाया गया है। मजे की बात यह है कि पत्थरों को बांधने के लिए किसी मसाले का उपयोग नहीं किया गया।<br />
कैसे पहुंचे<br />
उम्मेद भवन पैलेस जोधपुर रेलवे स्टेशन से करीब 5 किलोमीटर और मेहरान गढ़ किले से छह किलोमीटर की दूरी पर है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चार धाम में हिमपात, पारा शून्य से नीचे पहुंचा; ठिठुरा उत्तराखंड</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/7683</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Dec 2017 13:51:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://uknews360.com/?p=7683</guid>

					<description><![CDATA[देहरादून : उत्तराखंड में मौसम कंपकंपी छुड़ा रहा है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के साथ ही उच्च हिमालय की चोटियां बर्फ से लकदक हो गईं। चार धामों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे होने के कारण पानी भी जमने लगा है। वहीं, निचले क्षेत्रों में सुबह से हो रही बूंदाबांदी और सर्द हवाओं से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : उत्तराखंड में मौसम कंपकंपी छुड़ा रहा है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के साथ ही उच्च हिमालय की चोटियां बर्फ से लकदक हो गईं। चार धामों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे होने के कारण पानी भी जमने लगा है। वहीं, निचले क्षेत्रों में सुबह से हो रही बूंदाबांदी और सर्द हवाओं से जनजीवन प्रभावित रहा। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि शुक्रवार से मौसम राहत देगा। ज्यादातर इलाकों में धूप खिली रहेगी।</p>
<p>बीते तीन दिन से प्रदेश में बादल आंख-मिचौनी खेल रहे हैं। गुरुवार सुबह बदरीनाथ और हेमकुंड में जमकर बर्फबारी हुई तो चमोली जिले के निचले इलाकों में बारिश से क्षेत्र कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। केदारनाथ में दोपहर तक करीब एक फुट बर्फबारी के समाचार हैं। हिमपात के कारण के केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों पर भी ब्रेक लगा रहा।</p>
<p>यहां न्यूनतम तापमान शून्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। गढ़वाल मंडल में पौड़ी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और देहरादून में कई स्थानों पर रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही।</p>
<p>कुमाऊं में भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही है। पिथौरागढ़ के पंचाचूली और राजरंभा चोटियों पर हिमपात के समाचार हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा, चम्पावत और नैनीताल समेत तराई के इलाकों में बूंदाबांदी हुई।</p>
<p><strong>चाम धाम में तापमान</strong></p>
<p>स्थान&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;अधिकतम&#8212;&#8212;न्यूनतम</p>
<p>केदारनाथ&#8212;&#8212;&#8212;&#8211;02&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;(-4)</p>
<p>बदरीनाथ&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;06&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;(-2)</p>
<p>गंगोत्री&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;-07&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;(-4)</p>
<p>यमुनोत्री&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8211;05&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;(-7)</p>
<ul>
<li><strong>संपादक कविन्द्र पयाल</strong></li>
</ul>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
