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	<title>पर्यटन &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<title>पर्यटन &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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		<title>सुकून वाली ट्रिप चाहिए, तो एक बार जरूर जाएं भारत की &#8216;साइलेंट सिटी&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Aug 2026 10:28:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="1056" height="561" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/08/23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/08/23.jpg 1056w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/08/23-768x408.jpg 768w" sizes="(max-width: 1056px) 100vw, 1056px" />महानगरों की भागदौड़, दिल्ली-मुंबई और बेंगलुरु का घंटों लंबा ट्रैफिक जाम और लगातार बजते हॉर्न… अगर ये सब आपकी छुट्टियों का मजा भी किरकिरा कर देते हैं, तो अब आपको अपनी अगली ट्रिप मिजोरम की राजधानी आइजोल की प्लान करनी चाहिए। यह जगह उन लोगों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है, जो सच में शांति &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1056" height="561" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/08/23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/08/23.jpg 1056w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/08/23-768x408.jpg 768w" sizes="(max-width: 1056px) 100vw, 1056px" />
<p>महानगरों की भागदौड़, दिल्ली-मुंबई और बेंगलुरु का घंटों लंबा ट्रैफिक जाम और लगातार बजते हॉर्न… अगर ये सब आपकी छुट्टियों का मजा भी किरकिरा कर देते हैं, तो अब आपको अपनी अगली ट्रिप मिजोरम की राजधानी आइजोल की प्लान करनी चाहिए।</p>



<p>यह जगह उन लोगों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है, जो सच में शांति की तलाश में हैं और अपने दिमाग को रिलैक्स करना चाहते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों इस शहर का ट्रैफिक मैनेजमेंट पूरे देश के लिए एक मिसाल है।</p>



<p><strong>भारत की ‘साइलेंट सिटी’ कहलाता है आइजोल<br></strong>आइजोल को भारत की ‘साइलेंट सिटी’ कहा जाता है। इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि यहां सन्नाटा पसरा रहता है या लोग बात नहीं करते, बल्कि यह टैग इसे यहां के बेहतरीन ‘ट्रैफिक शिष्टाचार’ की वजह से मिला है। भारी भीड़ या पीक ऑवर्स में भी यहां के लोग अपना धैर्य नहीं खोते। बड़े शहरों की तरह यहां किसी को आगे निकलने की होड़ नहीं होती, जिससे सड़कों पर गाड़ियों का शोर न के बराबर होता है।</p>



<p><strong>सड़कों पर हॉर्न नहीं बजाते लोग<br></strong>आपको जानकर हैरानी होगी कि आइजोल की सड़कों पर ट्रैफिक लाइट की जरूरत ही नहीं पड़ती। बिना किसी सिग्नल के भी लोग बेहद अनुशासित और सुरक्षित तरीके से वाहन चलाते हैं। इस शहर के लोगों से हमें कुछ बातें जरूर सीखनी चाहिए:</p>



<p>यहां सभी गाड़ियां अपनी तय लेन में चलती हैं। तेजी से गाड़ी निकालकर किसी को ओवरटेक करना यहां असभ्यता माना जाता है।<br>आइजोल में बेवजह हॉर्न बजाना एक शर्मनाक हरकत मानी जाती है।<br>अगर कोई सच में बहुत जल्दी में है, तो वह बस एक हल्की-सी ‘बीप’ देता है और आगे वाला वाहन खुशी-खुशी उसे रास्ता दे देता है।</p>



<p><strong>सफेद पट्टी से बंटी हैं लेन<br></strong>बाकी शहरों की तरह आइजोल में भी बाईं तरफ चलने का नियम है, लेकिन यहां की व्यवस्था इसे सबसे अलग बनाती है। यहां सड़क के बाईं ओर टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर के लिए अलग-अलग लेन बनी हैं। सबसे खास बात यह है कि इन लेनों को अलग करने के लिए कोई सीमेंट का डिवाइडर नहीं है, बल्कि सिर्फ एक सफेद रंग की पट्टी खींची गई है, जिसका हर कोई ईमानदारी से पालन करता है।</p>



<p><strong>‘लैंड ऑफ हाइलैंडर्स’ का प्राकृतिक सौंदर्य<br></strong>प्रदूषण मुक्त और खूबसूरत आइजोल 1132 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। ऊंची पहाड़ियों और गहरी घाटियों से घिरे होने के कारण इसे ‘लैंड ऑफ हाइलैंडर्स’ भी कहा जाता है। यहां के शानदार नजारों को आप कहीं भी खड़े होकर घंटों निहार सकते हैं।</p>



<p><strong>आइजोल में क्या-क्या देखें?<br></strong>पर्यटन के लिहाज से यह शहर बेहद समृद्ध है। आप यहां इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं:</p>



<p>सोलोमन मंदिर<br>मिजोरम स्टेट म्यूजियम<br>बारा बाजार<br>रीक गांव: आइजोल से मात्र 10 किमी दूर स्थित यह छोटा सा गांव अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है। इसे देखने हर साल हजारों टूरिस्ट आते हैं।</p>



<p><strong>कैसे पहुंचें इस खूबसूरत शहर तक?<br></strong>अगर आपने यहां जाने का मन बना लिया है, तो पहुंचने के दो मुख्य विकल्प हैं:</p>



<p>हवाई मार्ग: आइजोल का अपना ‘लेंगपुई एयरपोर्ट’ है, जहां के लिए आप देश के बड़े शहरों से सीधी फ्लाइट ले सकते हैं।<br>रेल मार्ग: आइजोल तक कोई सीधी ट्रेन नहीं जाती है। इसके लिए आपको असम के सिल्चर रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा। वहां से आप कैब या टैक्सी के जरिए सड़क मार्ग से आइजोल पहुंच सकते हैं।</p>
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		<title>साउथ इंडिया का कश्मीर है आंध्र प्रदेश का यह हिल स्टेशन</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/173094</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:11:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="686" height="508" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/7-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" />हम जब भी साउथ इंडिया में घूमने का मन बनाते हैं तो हमारा मकसद वहां के हरे-भरे जंगल, पहाड़ों, नदियों और झरनों का लुत्फ उठाना होता है। पर क्या हो अगर हम कहें कि इस बार दक्षिण भारत ठंड का मजा लेने के लिए जाया जाए। जी हां, दक्षिण भारत में ही एक ऐसी जगह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="686" height="508" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/7-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>हम जब भी साउथ इंडिया में घूमने का मन बनाते हैं तो हमारा मकसद वहां के हरे-भरे जंगल, पहाड़ों, नदियों और झरनों का लुत्फ उठाना होता है। पर क्या हो अगर हम कहें कि इस बार दक्षिण भारत ठंड का मजा लेने के लिए जाया जाए। जी हां, दक्षिण भारत में ही एक ऐसी जगह है जो वहां का कश्मीर कहलाती है। यहां बात आंध्र प्रदेश के लांबासिंगी की हो रही है।</p>



<p><strong>लांबासिंगी: दक्षिण भारत का कश्मीर<br></strong>ठंडे और बर्फीले पहाड़ों का नाम सुनकर मन में गुलमर्ग, शिमला, मनाली और नैनीताल जैसी जगहें ही आती हैं। लेकिन आंध्र प्रदेश का लांबासिंगी भी इससे कम नहीं, तभी तो इसे दक्षिण भारत का कश्मीर नाम दिया गया है। जबकि यहां की स्थानीय भाषा में लांबासिंगी गांव को ‘कोर्रा बयालु’ भी कहा जाता है, जिसका मतलब है कि अगर कोई रात के समय बाहर सोता है तो वह लकड़ी की तरह जम सकता है।</p>



<p>यह जगह आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले की पूर्वी घाट की पहाड़ियों पर स्थित है। यह छोटा सा गांव कोंडा रेड्डी और खोंड जनजातियों का घर है जो काली मिर्च और कॉफी की बागवानी का काम करता है। इस क्षेत्र में बर्फबारी तो नहीं होती लेकिन ओस ही बर्फीले मौसम का एहसास कराती है।</p>



<p><strong>लांबासिंगी में घूमने लायक जगहें<br></strong>अगर आप लांबासिंगी घूमने का मन बना रहे हैं तो इन जगहों का रुख कर सकते हैं:</p>



<p><strong>कोठापल्ली झरना<br></strong>लांबासिंगी से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित कोठापल्ली झरना प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं। जिंदगी की भागदौड़ से दूर अगर आप सुकून चाहते हैं और वो रील का व्यू भी तो यहां जरूर जाएं।</p>



<p><strong>लांबासिंगी व्यूप्वाइंट<br></strong>सुबह के उगते हुए सूरज के नजारे के साथ ही खूबसूरत को बादलों को देखना का मन हो तो यह व्यूप्वाइंट बेस्ट है।</p>



<p><strong>थाजांगी जलाशय<br></strong>फोटोग्राफी लवर्स इस जगह को अनदेखा कर ही नहीं सकते, ऊंचे और गहने पहाड़, हरे-भरे जंगल और जलाशयों के नजारों के साथ ठंडी हवाएं ट्रिप का मजा डबल कर देंगी।</p>



<p><strong>कॉफी और काली मिर्च के बागान<br></strong>इतिहास में जिस मसाले के लिए इतनी लड़ाइयां हुईं उसके बागान एक बार तो देखना बनता है। वहीं, कॉफी के बागान भी कुछ कम सुंदर नहीं हैं।</p>



<p><strong>लांबासिंगी जाने का सबसे सही समय<br></strong>अगर दक्षिण भारत में ठंड का मजा लेना चाहते हैं तो यहां जाने का सबसे सही समय नवंबर से फरवरी के बीच है, जब उत्तर भारत में भयंकर ठंड पड़ती है।</p>
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		<title>बोरिंग रूटीन से चाहिए ब्रेक? तो घूमें नॉर्थ-ईस्ट की हसीन वादियां</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/173058</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:49:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="1090" height="522" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-18.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-18.jpg 1090w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-18-768x368.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1090px) 100vw, 1090px" />रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर अगर आप पहाड़ों के बीच सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो नॉर्थ-ईस्ट की हसीन वादियों से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती है। टूरिस्ट्स की इसी पसंद को ध्यान में रखते हुए, IRCTC ने एक बेहद शानदार फ्लाइट पैकेज पेश किया है। इस खास टूर का नाम ‘अरुणोदय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1090" height="522" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-18.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-18.jpg 1090w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-18-768x368.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1090px) 100vw, 1090px" />
<p>रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर अगर आप पहाड़ों के बीच सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो नॉर्थ-ईस्ट की हसीन वादियों से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती है।</p>



<p>टूरिस्ट्स की इसी पसंद को ध्यान में रखते हुए, IRCTC ने एक बेहद शानदार फ्लाइट पैकेज पेश किया है। इस खास टूर का नाम ‘अरुणोदय अरुणाचल’ है। आइए, बिना देर किए जान लीजिए इस ट्रिप से जुड़ी सभी जरूरी डिटेल्स।</p>



<p><strong>किन खूबसूरत जगहों की होगी सैर?<br></strong>इस हवाई यात्रा को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि आपको असम और अरुणाचल प्रदेश की सबसे बेहतरीन और अछूती जगहों का दीदार हो सके। इस सफर में आपको मुख्य रूप से इन शहरों की सैर कराई जाएगी:</p>



<p>गुवाहाटी: असम का सबसे बड़ा शहर।<br>तेजपुर: ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा एक बेहद शांत और ऐतिहासिक शहर।<br>दिरांग: अरुणाचल प्रदेश की एक खूबसूरत और मनमोहक घाटी।<br>तवांग: अपनी बेपनाह प्राकृतिक सुंदरता और ऊंचाई के लिए मशहूर अरुणाचल का सबसे खास हिस्सा।</p>



<p><strong>क्या है इस ट्रिप की सबसे बड़ी खासियत?<br></strong>अगर आप प्रकृति की गोद में शांति और एडवेंचर दोनों की तलाश कर रहे हैं, तो यह ट्रिप आपके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। ‘अरुणोदय अरुणाचल’ पैकेज सिर्फ एक सफर नहीं है, बल्कि कई बेहतरीन यादों का खजाना हो सकता है:</p>



<p>बौद्ध मठों का सुकून: पहाड़ों की ऊंचाइयों पर बसे प्राचीन और बेहद शांत बौद्ध मठों में आपको ध्यान और एक अलग ही तरह की मानसिक शांति का अहसास होगा।<br>हिमालय की भव्यता: बर्फ की सफेद चादर ओढ़े हिमालय के ऊंचे पहाड़ और यहां की गहरी घाटियां आपकी आंखों को एक अलग ही ठंडक देंगी। इन नजारों को आप कैमरे से ज्यादा अपनी यादों में कैद करना चाहेंगे।<br>पहाड़ी दर्रों का रोमांच: ऊंचे और घुमावदार पहाड़ी दर्रों से होकर गुजरना अपने आप में एक बेहद रोमांचक और दिल की धड़कनें बढ़ा देने वाला अनुभव होने वाला है।<br>अनदेखी और अनछुई प्रकृति: पूर्वोत्तर भारत के इन हिस्सों में कुदरत अपने सबसे शुद्ध और अनछुए रूप में मौजूद है। यहां की ताजी हवा, हरियाली और सन्नाटा आपको पूरी तरह से तरोताजा कर देगा।</p>



<p><strong>कितना आएगा ट्रिप का खर्च?<br></strong>अब बात करते हैं इस ट्रिप के बजट की। IRCTC ने इस ‘अरुणोदय अरुणाचल’ टूर पैकेज को इस तरह से तैयार किया है कि आपको एक ही झटके में फ्लाइट की यात्रा और पहाड़ों की सैर दोनों का शानदार कॉम्बो मिल सके।</p>



<p>इस पूरे हवाई पैकेज की शुरुआती कीमत 53,500 रुपये प्रति व्यक्ति तय की गई है। अगर आप भी अपनी बोरिंग रूटीन लाइफ से ब्रेक लेकर अपनी छुट्टियों को यादगार बनाना चाहते हैं, तो IRCTC का यह बेहतरीन टूर पैकेज आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>थाईलैंड का बड़ा फैसला! भारतीयों के लिए फिर शुरू हुई वीजा-फ्री एंट्री</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172852</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 11:56:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="700" height="397" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/2-14.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/2-14.jpg 700w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/2-14-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" />अगर आप थाईलैंड घूमने जाना चाह रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। थाईलैंड ने भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स के लिए एक बार फिर से वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा शुरू कर दी है। दरअसल, कुछ समय पहले थाईलैंड ने अपनी 60-दिनों की वीजा-फ्री एंट्री भारतीयों के लिए बंद कर दिया था और ऑन अराइवल वीजा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="700" height="397" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/2-14.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/2-14.jpg 700w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/2-14-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" />
<p>अगर आप थाईलैंड घूमने जाना चाह रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। थाईलैंड ने भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स के लिए एक बार फिर से वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा शुरू कर दी है।</p>



<p>दरअसल, कुछ समय पहले थाईलैंड ने अपनी 60-दिनों की वीजा-फ्री एंट्री भारतीयों के लिए बंद कर दिया था और ऑन अराइवल वीजा ऑन अराइवल की सुविधा शुरू की थी। हालांकि, इसमें भी नियम था कि आप 15 दिन से ज्यादा दिन तक नहीं रुक सकते हैं।</p>



<p>थाईलैंड के इस फैसले के बाद भारतीय टूरिस्ट्स की संख्या में काफी कमी आ गई थी, जिसके बाद थाईलैंड सरकार ने ये नया कदम उठाया। इस फैसले से भारतीय नागरिकों के लिए थाईलैंड की यात्रा आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।</p>



<p><strong>इस नए नियम से क्या बदलाव होंगे?<br></strong>इस नए नियम के अंदर अब भारत समेत 59 देशों के लोग 30 दिनों तक बिना वीजा के थाईलैंड में प्रवेश कर सकते हैं और रुक सकते हैं। इस नए नियम के कारण भारत भी अब बुल्गारिया, क्रोएशिया, माल्टा और मालदीव जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिन्हें वीजा पर खास छूट मिली गुई है। यानी अब भारतीयों को थाईलैंड पहुंचकर वीजा ऑन अराइवल नहीं लेना पड़ेगा। इन देशों के अलावा, यूरोपीय यूनियन के सभी 27 देशों को भी 30 दिनों की वीजा फ्री एंट्री मिलती है।</p>



<p><strong>कब से लागू होंगे ये नए नियम?<br></strong>ये वीजा नियम थाईलैंड के रॉयल गैजेट में पब्लिश होने के 15 दिनों के बाद से ही प्रभावी हो जाएंगे। वहीं, जो इस नियम के लागू होने से पहले थाईलैंड पहुंच चुके हैं, उन्हें पुराने नियम को ही मानना होगा और सिर्फ 15 दिन रुकने की ही अनुमति दी जाएगी।</p>



<p><strong>60 की जगह 30 दिन की ही छूट क्यों?<br></strong>आमतौर पर भारतीय पर्यटक थाईलैंड में 7-8 दिन बिताते हैं। इसलिए इस अवधि को ध्यान में रखते हुए थाईलैंड सरकार ने 60 दिन की वीजा फ्री एंट्री की जगह 30 दिनों की वीजा फ्री एंट्री की सुविधा शुरू की है। इससे भारतीय आराम से अपनी ट्रिप प्लान कर पाएंगे और बिना वीजा की टेंशन के आराम से घूम भी सकते हैं।</p>



<p><strong>वीजा-फ्री एंट्री क्यों हटाई गई थी?<br></strong>थाईलैंड सरकार ने मई 2026 में भारत सहित 93 देशों के लिए 60 दिनों की वीजा-फ्री एंट्री को बंद कर दिया था। इसके कारण भारतीयों को थाईलैंड पहुंचने के बाद वीजा लेना जरूरी था। इस नए नियम के लागू होने के बाद थाईलैंड में भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या कम हो गई थी, जिसका असर उनकी टूरिज्म इंडस्ट्री पर पड़ रहा था। आपको बता दें कि थाईलैंड में सबसे तीसके नंबर पर सबसे ज्यादा भारतीय टूरिस्ट ही जाते हैं, लेकिन इस नियम के कारण इस संख्या में गिरावट आ गई थी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने किया सिल्वर जुबली ट्रैवल पोर्टल का शुभारंभ, पर्यटन को मिलेगा डिजिटल बढ़ावा</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172590</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 23:27:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="1250" height="1000" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-154.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-154.png 1250w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-154-768x614.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1250px) 100vw, 1250px" />तमिलनाडु सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए &#8216;सिल्वर जुबली ट्रैवल पोर्टल&#8217; का शुभारंभ किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य राज्य के पर्यटन स्थलों, होटल बुकिंग, यात्रा संबंधी जानकारी और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। यह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1250" height="1000" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-154.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-154.png 1250w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-154-768x614.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1250px) 100vw, 1250px" />
<p>तमिलनाडु सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए <strong>&#8216;सिल्वर जुबली ट्रैवल पोर्टल&#8217;</strong> का शुभारंभ किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य राज्य के पर्यटन स्थलों, होटल बुकिंग, यात्रा संबंधी जानकारी और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="900" height="450" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-153.png" alt="" class="wp-image-172591" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-153.png 900w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-153-768x384.png 768w" sizes="auto, (max-width: 900px) 100vw, 900px" /></figure>



<p>यह पहल पर्यटन सेवाओं को अधिक पारदर्शी, आसान और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">क्या है सिल्वर जुबली ट्रैवल पोर्टल?</h2>



<p>सिल्वर जुबली ट्रैवल पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां पर्यटक तमिलनाडु के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक धरोहरों, समुद्री तटों, हिल स्टेशनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके माध्यम से यात्रा की योजना बनाना और विभिन्न सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सरल बनाने का लक्ष्य है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं</h2>



<ul class="wp-block-list">
<li>पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी।</li>



<li>यात्रा कार्यक्रम (Itinerary) बनाने की सुविधा।</li>



<li>होटल एवं अन्य पर्यटन सेवाओं की जानकारी।</li>



<li>सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन की जानकारी।</li>



<li>डिजिटल माध्यम से पर्यटकों को सहायता।</li>
</ul>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">पर्यटन क्षेत्र को कैसे होगा फायदा?</h2>



<p>इस पहल से राज्य के पर्यटन उद्योग को कई लाभ मिलने की उम्मीद है—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।</li>



<li>स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।</li>



<li>छोटे पर्यटन व्यवसायों को डिजिटल मंच मिलेगा।</li>



<li>पर्यटन सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।</li>



<li>राज्य की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर बेहतर पहचान मिलेगी।</li>
</ul>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">तमिलनाडु क्यों है खास पर्यटन स्थल?</h2>



<p>तमिलनाडु भारत के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल है। यहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं।</p>



<p>मुख्य आकर्षण—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>महाबलीपुरम</li>



<li>मदुरै मीनाक्षी मंदिर</li>



<li>रामेश्वरम</li>



<li>ऊटी</li>



<li>कोडाईकनाल</li>



<li>कन्याकुमारी</li>



<li>चिदंबरम</li>



<li>तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर</li>
</ul>



<p>धार्मिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन के कारण तमिलनाडु देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1250" height="1000" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-154.png" alt="" class="wp-image-172592" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-154.png 1250w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-154-768x614.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1250px) 100vw, 1250px" /></figure>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">डिजिटल पर्यटन पर सरकार का फोकस</h2>



<p>पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राज्य सरकारें पर्यटन सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दे रही हैं। ऑनलाइन जानकारी, यात्रा योजना और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से पर्यटकों का अनुभव बेहतर बनाने की दिशा में कई पहल की जा रही हैं।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ</h2>



<p>विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ट्रैवल पोर्टल के माध्यम से—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>होटल उद्योग</li>



<li>ट्रैवल एजेंसियां</li>



<li>स्थानीय गाइड</li>



<li>हस्तशिल्प व्यवसाय</li>



<li>परिवहन सेवाएं</li>
</ul>



<p>को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h2>



<p>सिल्वर जुबली ट्रैवल पोर्टल तमिलनाडु के पर्यटन क्षेत्र को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे पर्यटकों को बेहतर सेवाएं मिलने के साथ-साथ राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिल सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत की मेजबानी में हैदराबाद में शुरू हुई 12वीं BRICS श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य के रोजगार पर मंथन</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172546</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 21:19:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[AI and Employment]]></category>
		<category><![CDATA[BRICS 2026]]></category>
		<category><![CDATA[BRICS India]]></category>
		<category><![CDATA[BRICS Labour Ministers Meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Digital Public Infrastructure]]></category>
		<category><![CDATA[Employment News]]></category>
		<category><![CDATA[Gig Workers]]></category>
		<category><![CDATA[Global Labour Market]]></category>
		<category><![CDATA[Hyderabad]]></category>
		<category><![CDATA[Labour Ministry India]]></category>
		<category><![CDATA[Mansukh Mandaviya]]></category>
		<category><![CDATA[Skills Development]]></category>
		<category><![CDATA[Social Security]]></category>
		<category><![CDATA[Women Workforce]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="1536" height="864" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137.png 1536w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1536px) 100vw, 1536px" />हैदराबाद। भारत की अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 12वीं BRICS श्रम एवं रोजगार मंत्रियों (Labour and Employment Ministers&#8217; Meeting &#8211; LEMM) की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के श्रम मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि तथा श्रम नीति विशेषज्ञ भविष्य &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1536" height="864" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137.png 1536w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1536px) 100vw, 1536px" />
<p><strong>हैदराबाद।</strong> भारत की अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में <strong>12वीं BRICS श्रम एवं रोजगार मंत्रियों (Labour and Employment Ministers&#8217; Meeting &#8211; LEMM)</strong> की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के श्रम मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि तथा श्रम नीति विशेषज्ञ भविष्य की कार्य व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1536" height="864" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137.png" alt="" class="wp-image-172547" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137.png 1536w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-137-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1536px) 100vw, 1536px" /></figure>



<p>बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री <strong>डॉ. मनसुख मांडविया</strong> ने की। उनके साथ केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री <strong>शोभा करंदलाजे</strong> भी मौजूद रहीं। भारत ने इस सम्मेलन को &#8220;समावेशी, लचीले और भविष्य के लिए तैयार श्रम बाजार&#8221; की दिशा में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का अवसर बताया।</p>



<p>इस वर्ष की बैठक का मुख्य एजेंडा <strong>सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा (Universal Social Protection)</strong>, <strong>महिलाओं की श्रमबल में भागीदारी बढ़ाना</strong>, <strong>वैश्विक कौशल मानचित्रण (Global Skills Mapping)</strong> तथा <strong>गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग</strong> है। सदस्य देशों के प्रतिनिधि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी परिवर्तन के बीच श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा रोजगार के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा कर रहे हैं।</p>



<p>बैठक के दौरान भारत ने अपने <strong>ई-श्रम पोर्टल</strong>, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास कार्यक्रमों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अनुभव अन्य BRICS देशों के साथ साझा किया। भारत का उद्देश्य डिजिटल नवाचार के माध्यम से श्रमिकों तक सरकारी सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ तेज़ी से पहुंचाना है।</p>



<p>सम्मेलन में यह भी स्वीकार किया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऑटोमेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से रोजगार की प्रकृति तेजी से बदल रही है। ऐसे में श्रमिकों के पुनः कौशल विकास (Reskilling), नए कौशल (Upskilling) और सामाजिक सुरक्षा के मजबूत ढांचे की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। विभिन्न सदस्य देशों ने अनुभव साझा करते हुए श्रमिक-केंद्रित नीतियों को प्राथमिकता देने पर बल दिया।</p>



<p>BRICS ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि <strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग श्रमिकों की सहायता के लिए होना चाहिए, न कि उनकी जगह लेने के लिए।</strong> उन्होंने सरकारों से ऐसी नीतियां बनाने का आग्रह किया जो रोजगार सुरक्षा, समान अवसर और तकनीकी बदलाव के बीच श्रमिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करें।</p>



<p>भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत आयोजित यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि BRICS समूह अब विस्तार के बाद पहले से अधिक व्यापक हो चुका है। वर्तमान में BRICS में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। ऐसे में श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में साझा नीतियों का महत्व और बढ़ गया है।</p>



<p>बैठक के समापन पर एक संयुक्त घोषणा-पत्र (Joint Declaration) जारी किए जाने की संभावना है, जिसमें सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, कौशल विकास, डिजिटल सहयोग और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ICMR ने हिमाचल प्रदेश में हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन के लिए भारत के पहले केंद्र की रखी आधारशिला, पर्वतीय स्वास्थ्य अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172526</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 12:12:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[AFMS]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="1140" height="760" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/dXMd-1xUOm-VwG4t68_-6tJpLCYTSNxrYKTTfcp9h_DY4mdZVW4m_HYsqKNnBAur-Kt-ZUoPSOO5PHRqAydD6VVfIab5c42F5rIj-0hOFDzc8BKKzh593W8OOTjKtuuYVvIFuTAC5GRsLSUa6ZXSwlW55v_TOycyqsUWNDp8R0I.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/dXMd-1xUOm-VwG4t68_-6tJpLCYTSNxrYKTTfcp9h_DY4mdZVW4m_HYsqKNnBAur-Kt-ZUoPSOO5PHRqAydD6VVfIab5c42F5rIj-0hOFDzc8BKKzh593W8OOTjKtuuYVvIFuTAC5GRsLSUa6ZXSwlW55v_TOycyqsUWNDp8R0I.jpeg 1140w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/dXMd-1xUOm-VwG4t68_-6tJpLCYTSNxrYKTTfcp9h_DY4mdZVW4m_HYsqKNnBAur-Kt-ZUoPSOO5PHRqAydD6VVfIab5c42F5rIj-0hOFDzc8BKKzh593W8OOTjKtuuYVvIFuTAC5GRsLSUa6ZXSwlW55v_TOycyqsUWNDp8R0I-768x512.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 1140px) 100vw, 1140px" />5 हिमालयी क्षेत्रों के लिए भारत का पहला समर्पित हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन केंद्र भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के केलांग (Keylong) में हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ रिसर्च सेंटर की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह भारत का पहला समर्पित केंद्र होगा, जो उच्च हिमालयी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1140" height="760" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/dXMd-1xUOm-VwG4t68_-6tJpLCYTSNxrYKTTfcp9h_DY4mdZVW4m_HYsqKNnBAur-Kt-ZUoPSOO5PHRqAydD6VVfIab5c42F5rIj-0hOFDzc8BKKzh593W8OOTjKtuuYVvIFuTAC5GRsLSUa6ZXSwlW55v_TOycyqsUWNDp8R0I.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/dXMd-1xUOm-VwG4t68_-6tJpLCYTSNxrYKTTfcp9h_DY4mdZVW4m_HYsqKNnBAur-Kt-ZUoPSOO5PHRqAydD6VVfIab5c42F5rIj-0hOFDzc8BKKzh593W8OOTjKtuuYVvIFuTAC5GRsLSUa6ZXSwlW55v_TOycyqsUWNDp8R0I.jpeg 1140w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/dXMd-1xUOm-VwG4t68_-6tJpLCYTSNxrYKTTfcp9h_DY4mdZVW4m_HYsqKNnBAur-Kt-ZUoPSOO5PHRqAydD6VVfIab5c42F5rIj-0hOFDzc8BKKzh593W8OOTjKtuuYVvIFuTAC5GRsLSUa6ZXSwlW55v_TOycyqsUWNDp8R0I-768x512.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 1140px) 100vw, 1140px" />
<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://images.openai.com/static-rsc-4/FSAABSgTpQswlZDLbr5FEO6iYiCuesejCCOyPNIxMvHb6gS-0fKOCf7D9xKv1KYWcg3_d4YafOwMeUdlM3XiUKtN4veHKPKqinjaBqSLFVFnuv8RXBltYbJST132jbCU5JoayeNq66ZxRhLuc2y7aA55Tzz5LapNWiqYaI6oXgNSnKbDrlNTUXclhR3U-hga?purpose=inline" alt="https://images.openai.com/static-rsc-4/S1sn16N0tbdlpxiMq7tY1m1wHiwcnFtursGkrO7xDKqR315lz1v7mkj0QCOJdU4cQaew8ghG0J4JFNOefy3dYTR45p832z_xFMt71sb8IymJ4eJf_DVIFj_y1q_rHJbJJl3xqMxIUemSLYq31Y2z_DOe1G7-L11zinjfbOIePJUbhqePw4Jyr0CcKUbvg2gm?purpose=fullsize" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://images.openai.com/static-rsc-4/F7fHVpFxyTEA8Jlz4GNdUnHfbbjoLnYQ2tjfl-V0YAS3ZMjBPkxZxtZLVJnK6mGmd86J-JTAn9KPcO5uMAC82g-2J0MdpDV4Q9m1U35qYdDsCUyAg8oaAkaHM8utIiZXCL4thy_uGbdskyiJBI6SEDPuDhx77mXIdyIf5vtxky4?purpose=inline" alt="https://images.openai.com/static-rsc-4/yQMxK_VBUdtvM_ns_YVua-7k9tfcLekoUmkDpfhNTZvRJK2ghIJffLgdqdy7ZWnv9Z9F6uiR5AsFyZkDgGQeBKVWmqVhU1BpXWFY2Rg08pqTn7nwTthmnqePgB7PP1AWcP7M8URlQ3XAvE3O9gEQNSdI-p1ftEJWpAg_ZBq76vxV5oEJx-uz1mEDvYfgF6Bj?purpose=fullsize" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://images.openai.com/static-rsc-4/dXMd-1xUOm-VwG4t68_-6tJpLCYTSNxrYKTTfcp9h_DY4mdZVW4m_HYsqKNnBAur-Kt-ZUoPSOO5PHRqAydD6VVfIab5c42F5rIj-0hOFDzc8BKKzh593W8OOTjKtuuYVvIFuTAC5GRsLSUa6ZXSwlW55v_TOycyqsUWNDp8R0I?purpose=inline" alt="https://images.openai.com/static-rsc-4/4aJmoSLTAcVHiHMmDzHDItZz2uiH_D1hF6gAv2jNQhtOBFKrSaMXXfc3MPs5Q_dHsV3Z_43uLRWZInj5GwDK2Bdw9ZjH9LhLbUh2LKY7TqI9F9POicSoFlwWXOgDLK4C3WoHPeOr7McpFD1pr33qK51fgJm2wPx3-s4lQlq3Tq6bAvSHrR0s2Q1f9NjxeRxm?purpose=fullsize" /></figure>



<p>5</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>हिमालयी क्षेत्रों के लिए भारत का पहला समर्पित हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन केंद्र</strong></h3>



<p>भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (<strong>ICMR</strong>) ने हिमाचल प्रदेश के <strong>लाहौल-स्पीति जिले के केलांग (Keylong)</strong> में <strong>हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ रिसर्च सेंटर</strong> की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह भारत का पहला समर्पित केंद्र होगा, जो उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विशेष शोध करेगा। यह केंद्र ICMR के मौजूदा फील्ड स्टेशन को एक अत्याधुनिक बहु-विषयक अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र में विकसित करेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>केंद्र का उद्देश्य क्या होगा?</strong></h3>



<p>हिमालयी क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड, कठिन भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य संबंधी कई विशेष चुनौतियां सामने आती हैं। नया केंद्र इन विषयों पर वैज्ञानिक अनुसंधान करेगा—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>हाई एल्टीट्यूड फिजियोलॉजी और शरीर का अनुकूलन (Acclimatisation)</li>



<li>माउंटेन मेडिसिन</li>



<li>जलवायु परिवर्तन से जुड़ी बीमारियां</li>



<li>संक्रामक एवं गैर-संचारी रोग</li>



<li>मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य</li>



<li>पोषण और मानसिक स्वास्थ्य</li>



<li>पर्यावरण एवं व्यावसायिक स्वास्थ्य</li>



<li>आपदा चिकित्सा (Disaster Medicine)</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>डिजिटल हेल्थ और आधुनिक तकनीक पर रहेगा जोर</strong></h3>



<p>यह केंद्र दूर-दराज के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए <strong>टेलीमेडिसिन</strong>, <strong>ड्रोन आधारित स्वास्थ्य आपूर्ति</strong>, <strong>रियल-टाइम पब्लिक हेल्थ सर्विलांस</strong> और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगा। इससे दुर्गम इलाकों तक चिकित्सा सुविधाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकेंगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रक्षा और शोध संस्थानों के साथ होगा सहयोग</strong></h3>



<p>ICMR का यह केंद्र <strong>Armed Forces Medical Services (AFMS)</strong>, <strong>DRDO</strong>, हिमाचल प्रदेश सरकार तथा देश-विदेश के प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करेगा। इससे पर्वतीय क्षेत्रों के लिए साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य नीतियां विकसित करने में मदद मिलेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>स्वास्थ्य अनुसंधान में आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बल</strong></h3>



<p>यह पहल <strong>आत्मनिर्भर भारत</strong> के तहत स्वास्थ्य अनुसंधान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह केंद्र न केवल हिमालयी क्षेत्रों के निवासियों बल्कि सैनिकों, पर्वतारोहियों, पर्यटकों और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों के स्वास्थ्य संबंधी शोध को भी नई दिशा देगा।</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p><strong>महत्वपूर्ण अपडेट:</strong> स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले 11 जुलाई 2026 को प्रस्तावित आधारशिला समारोह की घोषणा की थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम और भूस्खलन के कारण इस कार्यक्रम को बाद में स्थगित कर दिया गया। संशोधित तिथि अलग से घोषित की जाएगी।</p>
</blockquote>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सस्ता दिखने वाला ट्रैवल पैकेज आखिर में क्यों पड़ जाता है महंगा?</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170811</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:08:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="830" height="448" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/7-21.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/7-21.jpg 830w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/7-21-768x415.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 830px) 100vw, 830px" />जब भी हम सोशल मीडिया या इंटरनेट पर स्क्रॉल करते हैं, तो अक्सर हमें ऐसे विज्ञापन दिखते हैं – “मात्र ₹9,999 में मनाली की शानदार ट्रिप!” या “दुबई का सबसे सस्ता टूर पैकेज!”। ये ऑफर देखकर किसी का भी मन ललचा सकता है और हम तुरंत बुकिंग करने का मन बना लेते हैं। हालांकि, क्या &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="830" height="448" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/7-21.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/7-21.jpg 830w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/7-21-768x415.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 830px) 100vw, 830px" />
<p>जब भी हम सोशल मीडिया या इंटरनेट पर स्क्रॉल करते हैं, तो अक्सर हमें ऐसे विज्ञापन दिखते हैं – “मात्र ₹9,999 में मनाली की शानदार ट्रिप!” या “दुबई का सबसे सस्ता टूर पैकेज!”। ये ऑफर देखकर किसी का भी मन ललचा सकता है और हम तुरंत बुकिंग करने का मन बना लेते हैं।</p>



<p>हालांकि, क्या सच में ये पैकेज इतने सस्ते होते हैं? असल जिंदगी में जब आप ट्रिप पर जाते हैं, तो आपको एहसास होता है कि आपने अपनी तय की गई बजट से कहीं ज्यादा पैसा खर्च कर दिया है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इन सस्ते पैकेजों के पीछे का असली खेल क्या है।</p>



<p><strong>‘हिडेन’ खर्चे का जाल<br></strong>सस्ते पैकेज की सबसे बड़ी चालाकी यही होती है कि वे आपको सिर्फ बेस प्राइस दिखाते हैं। जैसे ही आप बुकिंग के आखिरी पेज पर पहुंचते हैं, उसमें कई तरह के टैक्स, सर्विस चार्ज, और कन्वीनियंस फीस जुड़ जाती है। अंतरराष्ट्रीय ट्रिप के मामले में, वीजा और ट्रैवल इंश्योरेंस का खर्च अक्सर पैकेज में शामिल नहीं होता, जो बाद में आपकी जेब ढीली करता है।</p>



<p><strong>फ्लाइट और सामान का चक्कर<br></strong>कई बार सस्ते पैकेज में ऐसी एयरलाइन्स की टिकट दी जाती है, जिनका समय बहुत अजीब होता है (जैसे रात के 2 बजे या सुबह 4 बजे)। इसके अलावा, सबसे बड़ा धोखा सामान को लेकर होता है। आपको सिर्फ केबिन बैग ले जाने की अनुमति होती है। जैसे ही आप बड़ा बैग लेकर एयरपोर्ट पहुंचते हैं, आपको भारी भरकम एक्स्ट्रा फीस चुकानी पड़ती है।</p>



<p><strong>शहर से बहुत दूर वाले होटल<br></strong>पैकेज को सस्ता रखने के लिए ट्रैवल एजेंसियां अक्सर ऐसे होटल बुक करती हैं, जो शहर के मुख्य बाज़ार या घूमने वाली जगहों से बहुत दूर होते हैं। ऐसे में होटल सस्ता तो मिल जाता है, लेकिन आप हर दिन कैब या टैक्सी में इतना पैसा खर्च कर देते हैं कि वह किसी महंगे होटल के बराबर ही पड़ जाता है। इसके अलावा आपका कीमती समय भी सफर में ही बर्बाद हो जाता है।</p>



<p><strong>फूड और साइटसीन की आधी-अधूरी सच्चाई<br></strong>“Breakfast Included” यानी नाश्ता मुफ्त- यह लाइन हर सस्ते पैकेज में होती है, लेकिन दोपहर और रात के खाने का क्या? आपको वह अपनी जेब से देना होता है। इसके अलावा, घूमने के नाम पर आपको कई जगहों को सिर्फ बाहर से दिखा दिया जाता है। म्यूजियम, किले या किसी भी खास जगह के अंदर जाने का टिकट आपको खुद खरीदना पड़ता है। कई बार तो गाइड का खर्चा भी पैकेज में नहीं होता।</p>



<p><strong>एयरपोर्ट से होटल तक जाने का खर्च<br></strong>सस्ते पैकेज में ‘एयरपोर्ट ट्रांसफर’ शामिल नहीं होता। किसी अनजान शहर या देश में एयरपोर्ट से उतरकर प्राइवेट टैक्सी लेने में आपको एक मोटी रकम चुकानी पड़ सकती है, जो पहले से आपके बजट का हिस्सा नहीं थी।</p>



<p><strong>कैसे बचें इस धोखे से?<br></strong>सस्ते ट्रैवल पैकेजों से बचना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। अगली बार कोई भी लुभावना ऑफर देखने के बाद सीधा अपना क्रेडिट कार्ड न निकालें। उस पैकेज की “Terms &amp; Conditions” और “What’s Not Included” वाला हिस्सा बहुत ध्यान से पढ़ें।</p>



<p>अगर आप इन हिडेन चार्जेस को पहले ही जोड़ लेंगे, तो आपको समझ आ जाएगा कि वह पैकेज असल में कितना सस्ता या महंगा है। एक समझदार यात्री बनें और अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह खर्च करें।</p>
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		<title>IRCTC लाया 6 दिनों का &#8216;जन्नत-ए-कश्मीर&#8217; टूर, रहना-खाना और फ्लाइट टिकट भी है शामिल</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170703</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 06:26:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="874" height="468" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/2-25.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/2-25.jpg 874w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/2-25-768x411.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 874px) 100vw, 874px" />इस भयंकर गर्मी में अगर आप कश्मीर की बर्फीली वादियों और खूबसूरत झीलों के बीच छुट्टियां बिताने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) पर्यटकों के लिए एक हवाई यात्रा पैकेज लेकर आया है, जिसका नाम है ‘जन्नत-ए-कश्मीर’। इस पैकेज के जरिए आप &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="874" height="468" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/2-25.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/2-25.jpg 874w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/2-25-768x411.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 874px) 100vw, 874px" />
<p>इस भयंकर गर्मी में अगर आप कश्मीर की बर्फीली वादियों और खूबसूरत झीलों के बीच छुट्टियां बिताने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है।</p>



<p>इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) पर्यटकों के लिए एक हवाई यात्रा पैकेज लेकर आया है, जिसका नाम है ‘जन्नत-ए-कश्मीर’। इस पैकेज के जरिए आप बिना किसी परेशानी के कश्मीर की सैर कर सकते हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़ी सभी जरूरी डिटेल्स।</p>



<p><strong>ट्रिप की तारीख और समय</strong><br>यह टूर पैकेज कुल 5 रातों और 6 दिनों का होगा। सफर की शुरुआत 20 जून 2026 को होगी और वापसी 25 जून 2026 को होगी। यात्रियों को लखनऊ से श्रीनगर तक फ्लाइट के जरिए ले जाया जाएगा, ताकि सफर आरामदायक और छोटा रहे।</p>



<p><strong>क्या-क्या सुविधाएं हैं शामिल?<br></strong>आईआरसीटीसी ने इस ट्रिप को बेहद सुविधाजनक बनाया है:</p>



<p>रहने का इंतजाम: टूरिस्ट्स को थ्री-स्टार होटलों में ठहराया जाएगा। इसके साथ ही, डल झील के खूबसूरत हाउस बोट में भी रुकने का शानदार अनुभव मिलेगा।<br>खान-पान: पूरी ट्रिप के दौरान खाने-पीने की बेहतरीन व्यवस्था पैकेज के अंदर ही शामिल की गई है।</p>



<p><strong>किन-किन जगहों पर मिलेगा घूमने का मौका?<br></strong>इस 6 दिन की ट्रिप में कश्मीर के लगभग सभी प्रमुख और लोकप्रिय पर्यटन स्थल कवर किए जाएंगे:</p>



<p>मुख्य शहर: श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग।<br>प्राकृतिक नजारे: डल झील, बर्फीले पहाड़, अरु घाटी, चंदनवारी, बेताब घाटी और खिलनमर्ग।<br>ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल: हजरतबल दरगाह, शंकराचार्य मंदिर, चश्मेशाही, मुगल गार्डन, शालीमार बाग और निशात बाग।<br>अगर आप मशहूर गोंडोला केबल कार की सवारी का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसका टिकट आपको अपनी तरफ से खरीदना होगा।</p>



<p><strong>कितना है पैकेज का खर्च?<br></strong>किराये को यात्रियों की संख्या के हिसाब से अलग-अलग रखा गया है:</p>



<p>अकेले यात्रा करने पर (सिंगल): ₹68,800<br>दो लोगों के साथ रहने पर (डबल): ₹52,300<br>तीन लोगों के साथ रहने पर (ट्रिपल): ₹49,950<br>बच्चे का किराया (अलग बेड के साथ): ₹41,100 (माता-पिता के साथ)<br>बच्चे का किराया (बिना बेड के): ₹36,800 (माता-पिता के साथ)</p>



<p><strong>कैसे करें बुकिंग?<br></strong>IRCTC के मुताबिक, यह बुकिंग ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के नियम पर आधारित है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके, अपनी सीट पक्की कर लें। बुकिंग के लिए आपके पास दो ऑप्शन हैं:</p>



<p>ऑनलाइन मोड: आप सीधे IRCTC की वेबसाइट www.irctctourism.com पर जाकर घर बैठे पैकेज बुक कर सकते हैं।<br>ऑफलाइन मोड: आप लखनऊ के गोमती नगर में मौजूद पर्यटन भवन स्थित आईआरसीटीसी के कार्यालय जाकर भी बुकिंग करा सकते हैं।</p>
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		<item>
		<title>बंद इंजन में भी ऊपर की तरफ खिंचने लगती है गाड़ी! क्या है लद्दाख की &#8216;मैग्नेटिक हिल&#8217; का रहस्य</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170178</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:00:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="771" height="403" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-14.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-14.jpg 771w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-14-768x401.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 771px) 100vw, 771px" />लद्दाख की ऊबड़-खाबड़ और खूबसूरत पहाड़ियों के बीच, समुद्र तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर एक ऐसा रहस्य छिपा है, जो ग्रैविटी के नियमों को भी चुनौती देता नजर आता है। लेह-कारगिल-श्रीनगर हाईवे पर स्थित इस जगह को मैग्नेटिक हिल कहते हैं। यहां का नजारा किसी जादू से कम नहीं है, इंजन बंद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="771" height="403" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-14.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-14.jpg 771w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-14-768x401.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 771px) 100vw, 771px" />
<p>लद्दाख की ऊबड़-खाबड़ और खूबसूरत पहाड़ियों के बीच, समुद्र तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर एक ऐसा रहस्य छिपा है, जो ग्रैविटी के नियमों को भी चुनौती देता नजर आता है। लेह-कारगिल-श्रीनगर हाईवे पर स्थित इस जगह को मैग्नेटिक हिल कहते हैं।</p>



<p>यहां का नजारा किसी जादू से कम नहीं है, इंजन बंद होने के बावजूद गाड़ियां अपने आप ढलान से ऊपर की ओर चढ़ने लगती हैं। यह देखकर हर किसी के मन में यही सवाल उठता है कि क्या सच में इस पहाड़ के अंदर कोई विशाल चुंबक छिपा है या फिर यह हमारी आंखों और साइंस का कोई खेल है? आइए जानते हैं इस रहस्यमयी मैग्नेटिक हिल के पीछे की असली सच्चाई।</p>



<p><strong>मैग्नेटिक हिल का जादुई अनुभव<br></strong>मैग्नेटिक हिल पर प्रशासन ने एक जगह को चिह्नित किया हुआ है। जब पर्यटक अपनी गाड़ी को उस बॉक्स के अंदर न्यूट्रल गियर में खड़ा करते हैं, तो गाड़ी धीरे-धीरे 10 से 20 किमी/घंटा की रफ्तार से ऊपर की ओर बढ़ने लगती है। यह देखकर किसी का भी हैरान होना स्वाभाविक है, क्योंकि ग्रैविटी के नियम के अनुसार चीजों को नीचे की ओर लुढ़कना चाहिए, न कि ऊपर की ओर।</p>



<p><strong>इसके पीछे का असली सच<br></strong>दरअसल यह कोई जादुई या चुंबकीय शक्ति नहीं है, बल्कि एक ऑप्टिकल इल्यूजन है। इसे दुनिया भर में ग्रेविटी हिल के नाम से भी जाना जाता है।</p>



<p><strong>यह काम कैसे करता है?<br></strong>इस सड़क के आसपास का भूगोल और ढलान कुछ इस तरह की है कि जो सड़क असल में नीचे की ओर जा रही है, वह देखने में ऊपर की ओर जाती हुई नजर आती है। आसपास की पहाड़ियों का लेआउट और होरिजन न होने के कारण हमारी आंखें भ्रमित हो जाती हैं। हमें लगता है कि गाड़ी ऊपर जा रही है, जबकि असल में वह ग्रैविटी के कारण नीचे की ओर ही लुढ़क रही होती है।</p>



<p><strong>स्थानीय मान्यताएं और लोककथाएं<br></strong>विज्ञान से परे, लद्दाख के निवासियों के पास इस जगह को लेकर अपनी पुरानी मान्यताएं हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि कभी यहां से स्वर्ग जाने का रास्ता हुआ करता था। उनके अनुसार, यह शक्ति केवल उन लोगों को ऊपर खींचती थी जो इसके योग्य होते थे, जबकि अयोग्य लोग कभी आगे नहीं बढ़ पाते थे। आज भी कई पर्यटक इसे एक आध्यात्मिक अनुभव के रूप में देखते हैं।</p>



<p><strong>घूमने का सबसे अच्छा समय<br></strong>अगर आप भी इस रहस्य को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं, तो मई से सितंबर के बीच यहां जाना सबसे अच्छा है। इस समय मौसम सुहावना होता है और सड़कें पूरी तरह खुली रहती हैं।</p>
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