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	<title>व्यापार &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<description>Hindi News, Breaking News, Politics &#38; Lifestyle News</description>
	<lastBuildDate>Mon, 04 May 2026 08:45:43 +0000</lastBuildDate>
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	<title>व्यापार &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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		<title>तमिलनाडु में &#8216;थलपति&#8217; विजय की आंधी, धड़ाम से गिरा Sun TV का शेयर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 08:45:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="800" height="512" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/45-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/45-1.jpg 800w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/45-1-768x492.jpg 768w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" />सोमवार को सन टीवी (SUN TV Share Price Today) के शेयर में भारी गिरावट आई। कंपनी का शेयर 1 बजे BSE पर 6.90 फीसदी की गिरावट के साथ 563.25 रुपये पर है। वैसे इसमें करीब 10 फीसदी तक की गिरावट आई है। बता दें कि तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों के रुझानों में दिख रहा है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="800" height="512" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/45-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/45-1.jpg 800w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/45-1-768x492.jpg 768w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" />
<p>सोमवार को सन टीवी (SUN TV Share Price Today) के शेयर में भारी गिरावट आई। कंपनी का शेयर 1 बजे BSE पर 6.90 फीसदी की गिरावट के साथ 563.25 रुपये पर है। वैसे इसमें करीब 10 फीसदी तक की गिरावट आई है। बता दें कि तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों के रुझानों में दिख रहा है कि एक्टर से राजनेता बने विजय की पार्टी TVK चुनावी मैदान में शानदार शुरुआत करने जा रही है। मगर इससे सन टीवी का शेयर क्यों गिरा? आइए बताते हैं।</p>



<p><strong>ये है सन टीवी के शेयर में गिरावट की वजह<br></strong>सी. जोसेफ विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ तमिलनाडु की चुनावी राजनीति में लंबे समय से चले आ रहे द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (AIADMK) के दबदबे को बड़ी चुनौती देने जा रही है।</p>



<p>Sun TV, Sun Group का हिस्सा है, जिसे मीडिया दिग्गज कलानिधि मारन कंट्रोल करते हैं। कलानिधि मारन, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के पोते और मौजूदा मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के भतीजे हैं। स्टालिन ही DMK के प्रमुख भी हैं। डीएमके की हार विरोधी पार्टी टीवीके की जीत से सन टीवी को लेकर निवेशकों में निगेटिव रुझान बना है।</p>



<p><strong>तमिलनाडु के चुनाव नतीजे<br></strong>भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 1 बजे के आस-पास 234 सीटों में से TVK 108 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं DMK 56 सीटों पर आगे है। AIADMK गठबंधन 69 सीटों पर आगे है, जिसके बाद पट्टाली मक्कल काची (PMK) 6 सीटों पर आगे है। इस बीच, CPI (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) 2 विधानसभा क्षेत्रों में आगे चल रही है।</p>



<p><strong>1967 के बाद पहली बार बड़ा बदलाव<br></strong>तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर को दो द्रविड़ पार्टियों ने आकार दिया है—DMK, जिसकी स्थापना 1949 में सी. एन. अन्नादुराई ने की थी, और AIADMK, जिसे 1972 में एम. जी. रामचंद्रन ने DMK से अलग होकर बनी थी। 1967 से, राज्य का हर मुख्यमंत्री इन्हीं दोनों पार्टियों में से किसी एक का रहा है। मगर अब इस समीकरण में बदलाव होता दिख रहा है।</p>
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		<item>
		<title> सोना-चांदी हुआ सस्ता, 3 हजार तक गिर गए दाम; चेक करें अब कितनी हुई कीमत</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/169817</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 May 2026 10:38:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="723" height="359" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/88.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" />सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः एक हजार रुपये और 3 हजार रुपये से अधिक सस्ते हो गए हैं। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम (Gold Rate Today) इस हफ्ते 1,216 रुपये कम होकर 1,50,263 रुपये प्रति 10 ग्राम हो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="723" height="359" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/88.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः एक हजार रुपये और 3 हजार रुपये से अधिक सस्ते हो गए हैं।</p>



<p>इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम (Gold Rate Today) इस हफ्ते 1,216 रुपये कम होकर 1,50,263 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,51,479 रुपये पर था।</p>



<p>22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,37,641 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,38,755 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,12,697 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,13,609 रुपये प्रति 10 ग्राम था।</p>



<h2 class="wp-block-heading">29 अप्रैल को सबसे कम थी सोने की कीमत</h2>



<p>इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 29 अप्रैल को 1,47,973 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 27 अप्रैल को 1,51,186 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया।</p>



<p>सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">चांदी की कीमत भी टूटी</h2>



<p>चांदी का दाम 3,494 रुपये कम होकर 2,40,331 रुपये (Silver Price Today) प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,43,828 रुपये प्रति किलो था। इस हफ्ते चांदी में सबसे न्यूनतम दाम 29 अप्रैल को 2,36,300 रुपये प्रति किलो देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 27 अप्रैल को 2,43,720 रुपये प्रति किलो देखा गया।</p>



<p>वैश्विक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर (Gold Rate on International Level) पर सोने का दाम कम होकर 4,585 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 74 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में गिरावट की वजह फेड की ओर महंगाई बढ़ने के संकेत देना और सख्त टिप्पणी करना है, जिससे इस साल ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है।</p>



<p>इसके अलावा उन्होंने कहा कि कच्चे तेल (Crude Price Hike) की कीमतों के लगातार ऊपरी स्तर पर बने रहने के कारण सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।</p>
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		<item>
		<title>इन राज्यों में बढ़ी दूध की कीमत, ₹20 लीटर फैट तो कहीं हुई ₹4 की बढ़ोतरी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/169761</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 May 2026 11:45:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="603" height="380" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/1-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />दूध का इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना किया जाता है। अधिकांश घरों के सुबह की शुरुआत का सबसे पहला काम ही होता है दूध लेने जाना। आपको बता दें कि 1 मई से देश के 3 राज्यों में दूध की कीमत में बढ़ोतरी हो गई है। अलग-अलग राज्यों में पशुपालकों को फायदा पहुंचाने के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="603" height="380" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/1-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>दूध का इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना किया जाता है। अधिकांश घरों के सुबह की शुरुआत का सबसे पहला काम ही होता है दूध लेने जाना। आपको बता दें कि 1 मई से देश के 3 राज्यों में दूध की कीमत में बढ़ोतरी हो गई है। अलग-अलग राज्यों में पशुपालकों को फायदा पहुंचाने के लिए सहकारी दुग्ध संघों और राज्य सरकारों ने दूध के दाम बढ़ाने (Milk prices increased) का फैसला लिया है।</p>



<p><strong>इन राज्यों में बढ़ी दूध कीमत<br></strong>दूध की कीमत बढ़ाने वाले राज्यों में ओडिशा, केरल और पंजाब का नाम शामिल है। ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ (OMFED) ने दूध की खरीद कीमत में 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। OMFED ने दूध की सप्लाई करने वाले किसानों को ₹38.05 प्रति लीटर को बढ़ाकर ₹39.05 प्रति लीटर का भुगतान करेगी।</p>



<p>केरल में सहकारी दुग्ध संघ मिल्मा (Milma) ने भी दूध की कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। हालांकि, मिल्मा की बढ़ी हुई कीमतें 1 मई से लागू नहीं हुई हैं संभावना है कि 20 मई के बाद बढ़ी हुई दरें लागू होंगी।</p>



<p><strong>पंजाब में बढ़ीं दूध की कीमत<br></strong>उत्तर भारत के सबसे बड़ी दुग्ध सहकारी संस्थाओं में शामिल मिल्कफेड वेरका ने दूध की खरीद कीमत में 20 रुपये प्रति किलो फैट के हिसाब से बढ़ोतरी की है। साफ शब्दों में कहें तो जितने लीटर दूध में एक किलो फैट आता है उसकी कीमतों में 20 रूपये की बढ़ोतरी की गई है। अधिकांश दुग्ध कंपनियां किसानों से फैट के हिसाब से ही दूध खरीदती हैं और उसका भुगतान करती हैं। पंजाब में 1 मई से कीमतें लागू हो गई हैं।</p>



<p><strong>पशुपालकों के लिए बढ़ाई कीमत<br></strong>दरअसल पशुओं का फीड और दवाइयां महंगी होने के कारण पशुपालकों की ओर से लगातार दूध की कीमतें बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। अब राज्य सरकारें और सहकारी दुग्ध संघों की ओर दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की भी संभावना जताई गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अनिल अग्रवाल की वेदांता के तिमाही नतीजे जारी, मुनाफा 89% बढ़कर हुआ ₹9352 करोड़</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/169674</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 11:29:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="717" height="398" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड ने बुधवार को तिमाही नतीजे जारी कर दिए। वेदांता को जनवरी-मार्च तिमाही में जबरदस्त मुनाफा हुआ। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्राफिट साल-दर-साल लगभग 89 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 9,352 करोड़ रुपये हो गया। यह स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर रहा। जनवरी-मार्च &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="717" height="398" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/45-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड ने बुधवार को तिमाही नतीजे जारी कर दिए। वेदांता को जनवरी-मार्च तिमाही में जबरदस्त मुनाफा हुआ। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्राफिट साल-दर-साल लगभग 89 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 9,352 करोड़ रुपये हो गया। यह स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर रहा। जनवरी-मार्च तिमाही के लिए, इस ग्रुप का ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू 47.5 प्रतिशत बढ़कर 24,609 करोड़ रुपये हो गया।</p>



<p>कंपनी के शेयरों में आज 5 फीसदी (Vedanta Share Rises) तक का उछाल देखा गया। 29 अप्रैल 2026 को वेदांता के शेयर 4.61% उछलकर 773.25 रुपये के स्तर पर बंद हुए।</p>



<p>यह नतीजे ग्रुप के प्रस्तावित डीमर्जर से ठीक पहले आए हैं, जो 1 मई से लागू होने वाला है। अगर आज आपने इसके शेयर खरीद लिए तो आपको इसका फायदा होगा।</p>



<p><strong>वेदांता का रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनो बढ़ा<br></strong>वेदांता का मुनाफा लगभग 89 फीसदी बढ़ा। इसेक साथ कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में वेदांता का परिचालन राजस्व ₹24,609 करोड़ रहा, जो एक साल पहले के ₹16,686 करोड़ से 47.48% अधिक है।</p>



<p>कंपनी ने कहा कि यह उसका अब तक का सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन था, जिसमें मुनाफा, रेवेन्यू और EBITDA सभी रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंच गए। पूरे साल FY26 के लिए, Vedanta ने 25,096 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफ़ा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 22 प्रतिशत ज्यादा है, और 1.74 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो 15 प्रतिशत ज्यादा है।</p>



<p>वेदांता के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, अरुण मिश्रा ने कहा, “FY26 वेदांता के लिए मज़बूत काम करने का साल रहा, जिसमें पूरे पोर्टफोलियो में ऑपरेशनल परफॉर्मेंस का रिकॉर्ड बना। हमने 2.9 मिलियन टन एल्यूमिना, 2.46 मिलियन टन एल्यूमीनियम, Zinc India में 1.1 मिलियन टन माइन्ड मेटल, 895 kt पिग आयरन और 101 kt फेरोक्रोम का उत्पादन किया; यह नई क्षमताओं के विस्तार के साथ-साथ बेहतर ऑपरेशनल क्षमता को दिखाता है। इस साल, हमने ग्रोथ के लिए लगभग ₹15,000 करोड़ का पूंजीगत खर्च (capex) किया, और लांजीगढ़ ट्रेन II, नया BALCO स्मेल्टर, झारसुगुड़ा में डाउनस्ट्रीम विस्तार, Zinc India में देबारी रोस्टर, और 1.3 GW बिजली क्षमता जैसे अहम प्रोजेक्ट शुरू किए।”</p>



<p><strong>Vedanta के किस बिजनेस का कैसा रहा प्रदर्शन?<br></strong>एल्युमीनियम: रिकॉर्ड वार्षिक एल्युमीनियम उत्पादन 2,456 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 1% ज़्यादा है; यह मुख्य रूप से परिचालन दक्षता के जरिए हासिल किया गया।</p>



<p>लांजीगढ़ रिफाइनरी में रिकॉर्ड वार्षिक एल्यूमिना उत्पादन 2,916 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 48% ज़्यादा है, और इसकी एग्जिट रन रेट 4 MTPA रही।<br>5 सालों में एल्युमीनियम की सबसे कम COP $1,752/t रही, जो पिछले साल की तुलना में 5% कम है।</p>



<p>जिंक इंडिया: अब तक का सबसे बेहतरीन वार्षिक खनित धातु उत्पादन 1,114 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 2% ज्यादा है। रिकॉर्ड वार्षिक रिफाइंड जिंक धातु उत्पादन 851 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 3% ज्यादा है। 5 सालों में सबसे कम COP 959 $/t रही, जो पिछले साल की तुलना में 9% कम है।</p>



<p>ऑयल और गैस: पूरे साल के लिए औसत सकल संचालित उत्पादन 87.2 kboepd रहा। पश्चिमी तट क्षेत्र में अम्बे ब्लॉक में गैस की खोज हुई, जिससे R&amp;R में 13 mmboe की बढ़ोतरी हुई।</p>



<p>पावर: TSPL प्लांट की उपलब्धता 83% रही। मीनाक्षी और एथेना के लिए 5 साल का, 500MW का PPA हासिल किया।</p>



<p>आयरन ओर, स्टील: रिकॉर्ड वार्षिक IOB पिग आयरन उत्पादन 895 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 10% ज्यादा है। रिकॉर्ड वार्षिक फेरो क्रोम उत्पादन 101 kt रहा, जो पिछले साल की तुलना में 21% ज्यादा है। रिकॉर्ड वार्षिक कैथोड उत्पादन 170 KT रहा, जो पिछले साल की तुलना में 14% ज्यादा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>डोनल्ड ट्रंप अपनी मर्जी से कर रहे है शेयर बाजार क्रैश, उतार-चढ़ाव? </title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/169532</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 11:39:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="705" height="335" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-21.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />&#160;शेयर बाजार (Stock Market) की चाल आमतौर पर आर्थिक डेटा, फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के फैसलों और कॉर्पोरेट जगत के विकास से तय होती है। लेकिन पिछले 15 महीनों से, ट्रेडर्स की किस्मत काफी हद तक एक ही व्यक्ति की मर्जी से बंधी हुई है। वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="705" height="335" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-21.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>&nbsp;शेयर बाजार (Stock Market) की चाल आमतौर पर आर्थिक डेटा, फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के फैसलों और कॉर्पोरेट जगत के विकास से तय होती है। लेकिन पिछले 15 महीनों से, ट्रेडर्स की किस्मत काफी हद तक एक ही व्यक्ति की मर्जी से बंधी हुई है। वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप के बयानों का बाजार पर कितना बड़ा असर है?</h2>



<p>फंडस्ट्रैट रिसर्च (Fundstrat Research) के एक विश्लेषण के मुताबिक, पिछले जनवरी में सत्ता संभालने के बाद से S&amp;P 500 इंडेक्स के पांच सबसे अच्छे और सबसे बुरे दिनों के पीछे ट्रंप के बयान ही मुख्य कारण रहे हैं। चाहे वह ओवल ऑफिस में पत्रकारों से की गई बातचीत हो, प्रेस कॉन्फ्रेंस हो या फिर सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट।<br>1981 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन (Ronald Reagan) के समय से लेकर अब तक किसी भी आधुनिक अमेरिकी नेता ने बाजार पर इतनी मजबूत पकड़ नहीं बनाई है।</p>



<p>फंडस्ट्रैट की इकोनॉमिक स्ट्रैटेजिस्ट हार्दिक सिंह (Hardika Singh) कहती हैं, “उन्होंने बाजार को अपने शिकंजे में ले लिया है। एक राष्ट्रपति से शेयर बाजार पर इस तरह के असाधारण नियंत्रण की उम्मीद नहीं की जाती है। यह पूरी तरह से अभूतपूर्व है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">ईरान युद्ध के दौरान बाजार को कैसे नचा रहे हैं ट्रंप?</h2>



<p>ईरान में चल रहा युद्ध यह देखने के लिए एक सटीक पृष्ठभूमि है कि ट्रंप अमेरिकी शेयरों को कितना प्रभावित कर सकते हैं। S&amp;P 500 ने 2020 के बाद अपनी सबसे तेज ‘V-आकार’ की गिरावट और रिकवरी दर्ज की। 27 जनवरी के उच्चतम स्तर से 30 मार्च तक यह 9% गिर गया था, लेकिन अगले 11 कारोबारी दिनों में वापस अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।</p>



<p>20 मार्च: S&amp;P 500 में 1.5% की गिरावट आई, क्योंकि ट्रंप ने व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग में कहा कि वह ईरान के साथ युद्धविराम (Ceasefire) नहीं चाहते हैं।</p>



<p>31 मार्च: इंडेक्स 2.9% उछल गया (मई के बाद का सबसे अच्छा दिन), और बाकी हफ्ते भी तेजी में रहा, क्योंकि ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी&nbsp;चल रही है और युद्ध खत्म होने के करीब है। कमोडिटी की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। बार्कलेज (Barclays) में ग्लोबल इक्विटी टैक्टिकल स्ट्रैटेजीज के प्रमुख अलेक्जेंडर ऑल्टमैन के अनुसार, युद्ध पर ट्रंप के बदलते रुख ने उन्हें बाजार के लिए”आगजनी करने वाला और दमकलकर्मी” (Arsonist and firefighter) दोनों बना दिया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">बाजार हर दिन ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट का इंतजार क्यों करता है?</h2>



<p>बाजार के इन झटकों की तुलना पिछले साल टैरिफ के कारण आई गिरावट और उसके बाद की रिकवरी से की जा सकती है। दोनों ही मामलों में पॉलिसी में अचानक आए बदलावों ने बाजार को हिलाया और फिर फैसलों के पलटने से रिकवरी हुई। वॉल स्ट्रीट अब इस स्थिति में पहुंच गया है कि वह हर दिन पॉलिसी और बयानों में बदलाव की उम्मीद कर रहा है।</p>



<p>बेयर्ड प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट (Baird Private Wealth Management) के निवेश रणनीतिकार रॉस मेफील्ड के अनुसार, “निवेशकों को यह उम्मीद करने की आदत पड़ गई है कि अगर हालात बहुत खराब हो जाते हैं, तो वे उस ट्वीट का इंतजार करते हैं जो कहता है कि ‘असल में, सब ठीक है’।”</p>



<p>यार्डेनी रिसर्च के दिग्गज रणनीतिकार एड यार्डेनी का कहना है, “मैंने कभी ऐसा बाजार नहीं देखा जो व्हाइट हाउस की हर दिन की बातों से इतना प्रभावित होता हो। ट्रंप हर दिन कुछ ऐसा कहते हैं जिसका बाजार पर असर पड़ता है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल में बाजार के सबसे अच्छे और बुरे दिन कौन से रहे?</h2>



<p>सबसे अच्छे दिन: 9 अप्रैल, 2025 को बाजार में 9.5% की शानदार तेजी आई जब उन्होंने टैरिफ पर रोक लगाई। इसके अलावा 12 मई, 2025 को अमेरिका और चीन के बीच 90 दिनों के व्यापारिक समझौते (Trade truce) के बाद बाजार 3.3% उछला।</p>



<p>सबसे बुरे दिन: 4 अप्रैल, 2025 को बाजार 6% टूट गया क्योंकि चीन ने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाए। इससे एक दिन पहले, 3 अप्रैल, 2025 को ट्रंप द्वारा भारी लेवी (Levies) लागू करने के बाद बाजार में 4.8% की गिरावट आई थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या वाकई बाजार ज्यादा अस्थिर हुआ है या यह सिर्फ एक भ्रम है?</h2>



<p>कुछ वॉल स्ट्रीट विशेषज्ञों का तर्क है कि राष्ट्रपति जो कहते हैं और बाजार जो करता है, उसके बीच का यह संबंध सिर्फ एक भ्रम है और यह उनके बार-बार बयान देने का नतीजा है। बार्कलेज के ऑल्टमैन के विश्लेषण के अनुसार, वोलैटिलिटी (Volatility) के आंकड़े इस बात को गलत साबित करते हैं कि पिछले प्रशासनों की तुलना में ट्रंप के अधीन बाजार अधिक अशांत रहा है। 1990 से अब तक Cboe वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) का औसत मूल्य 19.3 रहा है, जो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल और राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के कार्यकाल के बिल्कुल अनुरूप है। ऑल्टमैन का मानना है कि प्रतिक्रिया का माध्यम बदल गया है (जैसे सोशल मीडिया), न कि प्रतिक्रिया का स्तर।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पैसिव इन्वेस्टिंग का भी है रोल</h2>



<p>सिम्प्लीफाई एसेट मैनेजमेंट के पोर्टफोलियो मैनेजर माइकल ग्रीन बताते हैं कि ‘पैसिव इन्वेस्टिंग’ के उदय ने बाजार को खबरों के प्रति अधिक संवेदनशील बना दिया है। जो कंप्यूटर पैसिव पोर्टफोलियो को मैनेज करते हैं, वे हेडलाइन्स के आधार पर संपत्तियां खरीदने या बेचने के लिए प्रोग्राम किए गए हैं। उनके अनुमान के मुताबिक, बाजार ऐतिहासिक रूप से पहले की तुलना में अब चार से पांच गुना अधिक तेजी से रिएक्ट कर रहे हैं।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>22 रुपये के शेयर खरीद पर गजब ऑफर! एक खरीद लिया तो मिल जाएंगे 6 फ्री शेयर</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/169448</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 11:54:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="605" height="395" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। पीएई लिमिटेड (PAE Limited) ने अपने निवेशकों को छप्परफाड़ मुनाफा देते हुए बंपर बोनस शेयर देने की घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने इस महा-बोनस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। साथ कंपनी ने 20 पैसे डिविडेंड देने की घोषणा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="605" height="395" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। पीएई लिमिटेड (PAE Limited) ने अपने निवेशकों को छप्परफाड़ मुनाफा देते हुए बंपर बोनस शेयर देने की घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने इस महा-बोनस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। साथ कंपनी ने 20 पैसे डिविडेंड देने की घोषणा की है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">1 शेयर पर कितने बोनस शेयर मिलेंगे?</h2>



<p>यह शानदार ऑफर पीएई लिमिटेड की तरफ से आया है। गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को हुई कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) की बैठक में इस बोनस इश्यू पर मुहर लगाई गई है। कंपनी ने 6:1 के अनुपात (Ratio) में बोनस शेयर देने की सिफारिश की है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि रिकॉर्ड डेट तक जिन निवेशकों के पास कंपनी का 1 शेयर होगा, उन्हें मुफ्त में 6 अतिरिक्त बोनस शेयर दिए जाएंगे। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर होगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">किसे मिलेगा इस महा-बोनस का फायदा?</h2>



<p>यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बोनस इश्यू का फायदा केवल पब्लिक शेयरहोल्डर्स (आम निवेशकों) को मिलेगा। कंपनी के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप को इस बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। दरअसल, यह कदम ‘सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स, 1957’ के नियम 19A और सेबी (SEBI) के नियमों के तहत ‘न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग’ (Minimum Public Shareholding) की शर्तों को पूरा करने के लिए उठाया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या है बोनस शेयर के लिए रिकॉर्ड डेट?</h2>



<p>बोनस शेयर के लिए योग्य शेयरधारकों की पहचान करने के लिए कंपनी ने सोमवार, 25 मई 2026 को ‘रिकॉर्ड डेट’ (Record Date) के रूप में तय किया है। यानी, अगर 25 मई तक आपके डीमैट खाते में इस कंपनी के शेयर मौजूद हैं, तभी आप 6:1 के इस बोनस ऑफर का लाभ उठा पाएंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">डीमैट खाते में कब तक आ जाएंगे ये बोनस शेयर?</h2>



<p>कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बोनस शेयर बोर्ड मीटिंग की तारीख से दो महीने के भीतर यानी 22 जून 2026 तक (या उससे पहले) योग्य निवेशकों के डीमैट खातों में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इस बोनस इश्यू को लागू करने के लिए कंपनी अपने फ्री रिजर्व से 30 लाख रुपये का इस्तेमाल करेगी। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 33.14 लाख रुपये का फ्री रिजर्व मौजूद था।</p>
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		<title>गडकरी के E100 प्लान से चीनी शेयरों में उछाल, इथेनॉल ब्लेंडिंग से मिलेगा फायदा</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/169394</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:12:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="768" height="508" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56-17.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />बुधवार को चीनी और डिस्टिलरी कंपनियों के शेयरों (Sugar Stocks Today) में तेजी देखने को मिली, जो गुरुवार को भी जारी है। इसकी वजह यह है कि भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ब्लेंडिंग को 100% तक बढ़ाने की वकालत की है। भारत अभी तक इस लेवल के करीब भी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="768" height="508" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56-17.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>बुधवार को चीनी और डिस्टिलरी कंपनियों के शेयरों (Sugar Stocks Today) में तेजी देखने को मिली, जो गुरुवार को भी जारी है। इसकी वजह यह है कि भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ब्लेंडिंग को 100% तक बढ़ाने की वकालत की है। भारत अभी तक इस लेवल के करीब भी नहीं पहुँचा है, मगर ब्राजील में दशकों से ये सफलतापूर्वक लागू है। बड़ी डिस्टिलरी क्षमता वाली चीनी मिलों को इस कदम से फायदा हो सकता है, क्योंकि अतिरिक्त चीनी का इस्तेमाल इथेनॉल उत्पादन में किया जा सकता है। यही वजह है कि चीनी शेयरों में तेजी बकरार है।</p>



<p><strong>आज कौन-सा शेयर कितना उछला?<br></strong>प्राज इंडस्ट्रीज – 7.8 फीसदी<br>द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज – 3 फीसदी<br>त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज – 4.6 फीसदी<br>श्री रेणुका शुगर्स – 4.3 फीसदी</p>



<p>इन शेयरों में ये तेजी गुरुवार को BSE पर करीब डेढ़ बजे दिख रही है।</p>



<p><strong>क्या है गडकरी का आइडिया?<br></strong>हाल ही में इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव’ में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि “भारत को अपने मौजूदा 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य से आगे बढ़कर E100 की दिशा में काम करना चाहिए, यानी पूरी तरह से इथेनॉल से चलने वाले वाहनों को अपनाना चाहिए, ठीक उसी तरह जैसा ब्राज़ील पहले ही हासिल कर चुका है।”</p>



<p>इस मौके पर गडकरी ने पश्चिम एशिया के संघर्ष का हवाला दिया और कहा कि भारत की तेल आयात पर निर्भरता, आर्थिक और रणनीतिक, दोनों नजरिए से एक कमजोरी है। गौरतलब है कि भारत इस समय अपनी जरूरत का 87% तेल आयात करता है, और जीवाश्म ईंधनों पर सालाना लगभग ₹22 लाख करोड़ खर्च करता है।<br>गडकरी का तर्क है कि इस हद तक निर्भरता होने के कारण, ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता अब राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अहम मुद्दा बन गई है।</p>



<p><strong>इन कंपनियों को होगा फायदा<br></strong>इथेनॉल ब्लेंडिंग के ऊँचे लक्ष्यों से चीनी कंपनियों को सीधे फायदा होगा। गडकरी ने ये भी कहा कि समय के साथ पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों को हतोत्साहित किया जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि उपभोक्ताओं को यह बदलाव करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।</p>
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		<item>
		<title>NSE IPO का रास्ता साफ! SEBI की मंजूरी के बाद खत्म होगा दशक भर का इंतजार</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/169361</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:57:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="578" height="343" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6-30.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />लगभग एक दशक की देरी के बाद, भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज NSE आखिरकार अपनी लंबे समय से इंतजार की जाने वाली पब्लिक लिस्टिंग (NSE IPO) की ओर कदम बढ़ा रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO, जिसका प्रस्ताव पहली बार 2016 में आया था, अब फिर से चर्चा में है, क्योंकि ऐसा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="578" height="343" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6-30.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>लगभग एक दशक की देरी के बाद, भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज NSE आखिरकार अपनी लंबे समय से इंतजार की जाने वाली पब्लिक लिस्टिंग (NSE IPO) की ओर कदम बढ़ा रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO, जिसका प्रस्ताव पहली बार 2016 में आया था, अब फिर से चर्चा में है, क्योंकि ऐसा लगता है कि इसके रास्ते में आ रही एक अहम रेगुलेटरी रुकावट दूर हो गई है, जो कि मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) से जुड़ी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सेबी के एक्सपर्ट पैनल ने कर दिया रास्ता साफ</strong></h3>



<p>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के एक्सपर्ट पैनल ने NSE के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत वह लगभग 1,800 करोड़ रुपये का भुगतान करके लंबे समय से लटके मामलों का निपटारा करेगा।<br>इस कदम को उन मुद्दों को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिनके कारण एनएसई का IPO वर्षों से अटका हुआ था। इससे पहले, NSE ने एक ऐसे ही मामले को निपटाने के लिए 643 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया था, जिससे उसने अपनी पुरानी समस्याओं को सुलझाने और आगे बढ़ने का इरादा जाहिर किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>को-लोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े हैं मामले</strong></h3>



<p>एनएसई को यह मंजूरी सेटलमेंट ऑर्डर्स पर बनी चार सदस्यों वाली एक विशेषज्ञ समिति की ओर से मिली है, जिसकी अध्यक्षता कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जय नारायण पटेल कर रहे हैं। इस पैनल ने NSE के को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों से जुड़े आवेदनों को मंजूरी दे दी है। ये मामले रेगुलेटरी चिंताओं के लिहाज से सबसे बड़े मामलों में से रहे हैं।</p>



<p>अब होगा ये कि सिफारिशों को अंतिम मंजूरी के लिए SEBI के होल-टाइम मेंबर्स के सामने रखा जाएगा। अगर इन्हें मंजूरी मिल जाती है, तो इससे NSE के लिए अपनी IPO योजनाओं को फिर से शुरू करने का रास्ता खुल सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>इन वजहों से हुई है NSE के IPO में देरी</strong></h3>



<p>NSE का IPO बार-बार टलने वाली पब्लिक ऑफरिंग में से एक रहा है। 2016 में अपने ड्राफ्ट पेपर जमा करने के बाद से, एक्सचेंज को कई रुकावटों का सामना करना पड़ा है, जिनमें शामिल हैं :</p>



<p>कोलोकेशन मामले में आरोप<br>गवर्नेंस में कमियाँ<br>तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चिंताएँ</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>सोने-चांदी की चमक पड़ी फीकी, खरीदारी का है मौका? अजय केडिया से समझें सब कुछ</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/169310</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Apr 2026 09:50:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="600" height="378" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />कमजोर हाजिर मांग और सटोरियों द्वारा अपने सौदे घटाने की वजह से मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सोने-चांदी में गिरावट दर्ज हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (mcx gold silver price) पर सोने के भाव में जहां मामूली कमी देखी गई, वहीं चांदी की कीमतों में करीब 2300 रुपए तक की गिरावट (gold silver price crash) आई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="600" height="378" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/76-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>कमजोर हाजिर मांग और सटोरियों द्वारा अपने सौदे घटाने की वजह से मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सोने-चांदी में गिरावट दर्ज हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (mcx gold silver price) पर सोने के भाव में जहां मामूली कमी देखी गई, वहीं चांदी की कीमतों में करीब 2300 रुपए तक की गिरावट (gold silver price crash) आई है।</p>



<p><strong>MCX पर कहां ट्रेड कर रहा सोना-चांदी?<br></strong>मंगलवार को एमसीएक्स पर जून की डिलीवरी वाले सोने का भाव 562 रुपए तक गिरावट (gold price crash) आई और कीमत 1,53,381 रुपए (gold price today) के दिन को लेवल पर चली गई। हालांकि, खबर लिखे जाने तक यह 1,53,476 रुपए (gold rate today) प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। हाई लेवल 1,53,992 रुपए रहा। जबकि पिछला क्लोज 1,53,943 रुपए था।</p>



<p>बाजार जानकारों का मानना है कि घरेलू बाजार में मांग सुस्त होने के कारण निवेशकों ने अपने हाथ पीछे खींचे हैं, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखा।</p>



<p>दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में ज्यादा बड़ी गिरावट देखने को मिली। मई की डिलीवरी वाली चांदी का भाव 2172 रुपए (0.86%) टूटकर 2,50,373 रुपए प्रति किलोग्राम (silver price today) रह गया। इस दौरान इसका हाई लेवल 2,51,743 रुपए और लो लेवल 2,50,210 रुपए (silver rate today) प्रति किलोग्राम रहा। पिछला क्लोज 2,52,545 रुपए था।</p>



<p>विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर बिकवाली के दबाव और सटोरियों द्वारा दांव कम करने से चांदी की चाल सुस्त पड़ी है।</p>



<p><strong>वैश्विक बाजार में कैसी है सोने-चांदी की चाल?<br></strong>भारतीय बाजार ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं के दाम नीचे आए हैं। न्यूयॉर्क में सोने की वायदा कीमत 0.55% की गिरावट के साथ 4,794.27 डॉलर प्रति औंस रही। वहीं, चांदी भी 0.55% टूटकर 79.29 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।</p>



<p><strong>अजय केडिया ने बताईं गिरावट की वजहें<br></strong>केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि, आमतौर पर युद्ध जैसे हालात में सोने-चांदी को ‘सेफ हेवन’ माना जाता है और इनकी कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार मामला उल्टा पड़ गया है। उन्होंने गिरावट के तीन बड़ी वजहें भी बताईं।</p>



<p>चौतरफा बिकवाली: वैश्विक बाजारों में भारी अस्थिरता के कारण सोना और चांदी में भारी बिकवाली देखी गई।<br>क्रूड ऑयल और महंगाई: कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर के करीब पहुंचने से महंगाई का डर बढ़ गया है। इस वजह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ने ब्याज दरों में कटौती के बजाय उन्हें स्थिर रखने या बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इससे मार्केट में कैश की कमी (लिक्विडिटी क्रंच) हुई और लोग निवेश बेचकर कैश जमा करने लगे।<br>इंडस्ट्रियल डिमांड पर असर: चांदी और तांबे की कीमतों में ज्यादा गिरावट इसलिए आई क्योंकि इनका इस्तेमाल उद्योगों में होता है। एनर्जी कॉस्ट 50% बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ी है और मांग को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं।</p>



<p><strong>अजय केडिया ने दिया सोने-चांदी का टारगेट<br></strong>अजय केडिया का अनुमान है कि अगले 1 से 1.5 महीने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। सोने को 1,40,000 से 1,42,000 रुपए के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर में यह 1,60,000 रुपए (Gold Silver Target Price 2026) तक जा सकता है। चांदी 2,35,000 से 2,75,000 रुपए के दायरे में कारोबार कर सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>टाटा ग्रुप के इस स्टॉक ने फिर से रचा इतिहास! 16 महीने बाद एक दिन में इतनी बड़ी तेजी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/169306</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Apr 2026 09:47:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="702" height="393" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/65-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />टाटा समूह की कंपनी NELCO लिमिटेड के शेयर 21 अप्रैल को 13% तक उछल गए। खास बात है कि इस तेजी के साथ ही शेयर ने फिर से एक रिकॉर्ड बना दिया। दरअसल, दिसंबर 2024 के बाद से इस शेयर में एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। नेल्को के शेयर में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="702" height="393" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/65-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>टाटा समूह की कंपनी NELCO लिमिटेड के शेयर 21 अप्रैल को 13% तक उछल गए। खास बात है कि इस तेजी के साथ ही शेयर ने फिर से एक रिकॉर्ड बना दिया। दरअसल, दिसंबर 2024 के बाद से इस शेयर में एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। नेल्को के शेयर में यह तेजी तिमाही नतीजों (NELCO Q4 Result) के एलान के बाद आई है। कंपनी ने Q4 रिजल्ट में बताया कि कंपनी, बीती तिमाही में मुनाफे में लौट आई है। कंपनी ने ₹1.1 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे ₹4.1 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था।</p>



<p>21 अप्रैल को नेल्को के शेयर 680 रुपये पर खुले और शुरुआती कारोबार में 766 रुपये पर पहुंच गए। खास बात है कि इस कंपनी के शेयरों में 1 अप्रैल से लगातार तेजी देखने को मिल रही है।</p>



<p><strong>2025 में 40% नेगेटिव रिटर्न<br></strong>नेल्को के शेयरों के लिए साल 2025 काफी खराब रहा, क्योंकि इस वर्ष यह शेयर 42 फीसदी से ज्यादा टूटा। 2025 में नेल्को के शेयरों ने 1416.90 रुपये का हाई लगाया था और 729.50 रुपये का निचला स्तर छुआ था। वहीं, इस साल यह स्टॉक 500 रुपये के स्तर पर पहुंच गया था, और लोअर लेवल से इसमें फिर से खरीदारी देखने को मिली।</p>



<p><strong>कैसे रहे NELCO के Q4 रिजल्ट<br></strong>तिमाही के लिए राजस्व में भी पिछले वर्ष की तुलना में 17.3% की वृद्धि हुई और यह ₹67.5 करोड़ से बढ़कर ₹79.2 करोड़ हो गया। कंपनी ने तिमाही नतीजों के साथ ही प्रति शेयर ₹1 के फाइनल डिविडेंड को भी मंजूरी दी, जो आगामी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगा। टाटा पावर, नेल्को की प्रमोटर कंपनी है और मार्च तिमाही तक कंपनी में उसकी 50% हिस्सेदारी थी।</p>
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