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	<title>व्यापार &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<description>Hindi News, Breaking News, Politics &#38; Lifestyle News</description>
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	<title>व्यापार &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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		<title>पेट्रोल-डीजल के बाद अब महंगी होंगी दवाइयां?</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168112</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Mar 2026 08:45:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="673" height="325" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/67.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" />ईरान और अमेरिका (Iran-America War) के बीच युद्ध भले ही थोड़े दिनों के लिए थम गया हो, लेकिन 24 दिनों तक लगातार चली इस जंग ने पूरी दुनिया को महंगाई के मोर्चे पर हिलाकर रख दिया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चैन बाधित होने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="673" height="325" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/67.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" />
<p>ईरान और अमेरिका (Iran-America War) के बीच युद्ध भले ही थोड़े दिनों के लिए थम गया हो, लेकिन 24 दिनों तक लगातार चली इस जंग ने पूरी दुनिया को महंगाई के मोर्चे पर हिलाकर रख दिया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चैन बाधित होने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। इसके चलते प्रीमियम पेट्रोल व इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतें बढ़ चुकी हैं और अब अन्य सेक्टर की कंपनियों को भी लागत के मोर्चे पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इस बात की आशंका गहरा गई है कि क्या दवाओं (Drug Prices) के दाम बढ़ सकते हैं, क्योंकि कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ अक्सर ग्राहकों पर डाल देती हैं।</p>



<p><strong>कई प्लांट में उत्पादन ठप<br></strong>ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, फार्मा सेक्टर के टॉप अफसरों ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़ी आपूर्ति बाधाओं के कारण प्रमुख सॉल्वैंट्स और इंटरमीडिएट्स पदार्थों की कीमतों में उछाल ने भारत के थोक दवा निर्माताओं को लागत संकट में धकेल दिया है, जिससे कई इकाइयों को उत्पादन रोकना पड़ा है।</p>



<p><strong>पैरासिटामोल के मुख्य घटक का भाव बढ़ा<br></strong>देश में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली दवाओं में से एक, पैरासिटामोल तनाव का सबसे स्पष्ट संकेत है। पैरासिटामोल में मौजूद मुख्य घटक (एपीआई) की कीमत हाल के हफ्तों में दोगुनी से भी अधिक हो गई है – पहले लगभग ₹220-240 प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर ₹550-600 हो गई है। इसका मुख्य कारण आवश्यक कच्चे माल और ऊर्जा स्रोतों की कमी है।</p>
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		<title>भारी गिरावट के बीच हर शेयर पर ₹11 डिविडेंड, अनिल अग्रवाल की कंपनी का एलान</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168045</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 10:17:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="730" height="396" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/jhli.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" />भारत के मशहूर माइनिंग कारोबारी अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने शेयरधारकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी के बोर्ड ने 23 मार्च को डिविडेंड देने का एलान किया है और इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरे अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दे दी। कंपनी ने एक्सचेंज को दी फाइलिंग में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="730" height="396" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/jhli.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>भारत के मशहूर माइनिंग कारोबारी अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने शेयरधारकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी के बोर्ड ने 23 मार्च को डिविडेंड देने का एलान किया है और इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरे अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दे दी।</p>



<p>कंपनी ने एक्सचेंज को दी फाइलिंग में यह सूचना दी है। उधर, वेदांता लिमिटेड के शेयर आज 4 फीसदी से ज्यादा गिरे हुए हैं और 643 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं।</p>



<p><strong>FY26 में तीसरा अंतरिम डिविडेंड<br></strong>एक्सचेंज को दी फाइलिंग में कंपनी ने कहा, वेदांता लिमिटेड के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) की आज यानी सोमवार, 23 मार्च 2026 को हुई बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरे अंतरिम डिविडेंड (लाभांश) को मंजूरी दे दी गई है।</p>



<p><strong>क्या है डिविडेंड की राशि?<br></strong>कंपनी ने ₹1 की &#8216;फेस वैल्यू&#8217; वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹11 अंतरिम डिविडेंड देने का एलान किया है।<br>कंपनी ने बताया कि इस डिविडेंड के भुगतान में कंपनी लगभग 4,300 करोड़ रुपये खर्च करेगी।</p>



<p><strong>डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट<br></strong>वेदांता लिमिटेड ने इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट (तय तारीख) शनिवार, 28 मार्च 2026 रखी है, और नियमों के तहत तय की गई समय सीमा के भीतर सभी शेयरधारकों को उनके डिविडेंड का भुगतान कर दिया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title> सरकार ने बांट दिए 10.56 करोड़ एलपीजी कनेक्शन, सब्सिडी भी जारी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168042</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 10:12:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="730" height="341" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/kljl-2.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लागू होने के बाद देश में एलपीजी की पहुंच लगभग हर घर तक हो गई है। 1 मार्च 2026 तक देश भर में करीब 10.56 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 52.60 लाख और गुजरात में 43.92 लाख कनेक्शन शामिल हैं। यह जानकारी सोमवार को संसद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="730" height="341" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/kljl-2.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लागू होने के बाद देश में एलपीजी की पहुंच लगभग हर घर तक हो गई है। 1 मार्च 2026 तक देश भर में करीब 10.56 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 52.60 लाख और गुजरात में 43.92 लाख कनेक्शन शामिल हैं। यह जानकारी सोमवार को संसद में दी गई। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने की मंजूरी भी दी है, ताकि लंबित आवेदनों को पूरा किया जा सके और देश में एलपीजी की पहुंच पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>किस राज्य को कितने नए कनेक्शन?</strong></h3>



<p>पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि इस विस्तार के तहत 1 मार्च 2026 तक महाराष्ट्र में लगभग 0.48 लाख और गुजरात में करीब 0.87 लाख नए कनेक्शन दिए गए हैं।<br>पीएमयूवाई शुरू होने से पहले देश में एलपीजी कवरेज लगभग 62 प्रतिशत थी, जो अब काफी बढ़ चुकी है। इसके साथ ही लाभार्थियों द्वारा एलपीजी के इस्तेमाल में भी बढ़ोतरी हुई है। 2021-22 में जहां औसतन 3.68 सिलेंडर सालाना उपयोग किए जाते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 4.80 सिलेंडर हो गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>घरेलू एलपीजी की सप्लाई व्यवस्था हुई बेहतर</strong></h3>



<p>ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने घरेलू एलपीजी की सप्लाई व्यवस्था को भी काफी बेहतर किया है। गोपी ने कहा, &#8220;1 मार्च 2026 तक देश में कुल 25,605 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर हैं, जिनमें से 17,677 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जिनकी सप्लाई के लिए 214 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट काम कर रहे हैं।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>8,037 नए डिस्ट्रीब्यूटर शुरू किए गए</strong></h3>



<p>ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में एलपीजी की पहुंच बढ़ाने के लिए अप्रैल 2016 से फरवरी 2026 के बीच 8,037 नए डिस्ट्रीब्यूटर शुरू किए गए, जिनमें से 93 प्रतिशत यानी 7,444 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। मंत्री के अनुसार, सरकार पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी को सस्ता बनाने के लिए भी कदम उठा रही है।<br>वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपए तक की सब्सिडी (और 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए भी अनुपातिक रूप से) दे रही है, जो अधिकतम 9 रिफिल तक लागू है। इसके अलावा, &#8216;सक्षम&#8217; नामक पहल के जरिए ऑयल कंपनियां (पीएसयू) ऊर्जा बचत और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> 1 अप्रैल से पैन कार्ड बनवाना हो जाएगा मुश्किल, 31 मार्च तक सिर्फ आधार कार्ड से बनवाने का मौका</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/167934</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Mar 2026 10:25:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="621" height="389" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/09706-.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />अगर आपने अभी तक अपना पैन कार्ड नहीं बनवाया है तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, 1 अप्रैल 2026 से पैन कार्ड बनवाने के नियमों बड़ा बदलाव हो रहा है। 31 मार्च तक इसे बनवाना आसान होगा। अगर ये डेट निकल गई तो इस डॉक्यूमेंट को बनवाने में आपको बड़ी मुश्किल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="621" height="389" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/09706-.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>अगर आपने अभी तक अपना पैन कार्ड नहीं बनवाया है तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, 1 अप्रैल 2026 से पैन कार्ड बनवाने के नियमों बड़ा बदलाव हो रहा है। 31 मार्च तक इसे बनवाना आसान होगा। अगर ये डेट निकल गई तो इस डॉक्यूमेंट को बनवाने में आपको बड़ी मुश्किल आएगी।</p>



<p>सरकार ने परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) आवेदन प्रक्रिया में बदलावों की घोषणा की है। ये बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे। नए फ्रेमवर्क के तहत, PAN कार्ड के लिए केवल आधार-आधारित आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे। 31 मार्च, 2026 से पहले केवल आधार का उपयोग करके ही पैन कार्ड बनवाया जा सकता है।</p>



<p><strong>1 अप्रैल से बदल जाएगा PAN Card बनवाने का नियम<br></strong>X पर एक पोस्ट में, सरकार समर्थित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ने बताया कि आवेदक अभी सिर्फ आधार का इस्तेमाल करके PAN कार्ड बनवा सकते हैं। हालांकि, 1 अप्रैल से आधार के साथ-साथ जन्म तिथि (DOB) के प्रमाण सहित अन्य दस्तावेजों की भी जरूरत होगी।</p>



<p>CA कीर्ति जोशी ने जागरण बिजनेस को बताया कि 1 अप्रैल 2026 से PAN बनवाने के नियमों में बदलाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अभी तक पैन कार्ड नहीं बनवाया है उनके पास 31 मार्च तक सिर्फ आधार कार्ड का इस्तेमाल करके पैन कार्ड बनवाने का मौका है। 1 अप्रैल से आपको पैन कार्ड बनवाने के लिए जन्म तिथि के अतिरिक्त प्रमाण की आवश्यकता होगी। पुराने फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नाम पूरी तरह से Aadhaar के अनुसार ही होना चाहिए।</p>



<p>संशोधित नियम लागू होने के बाद, आवेदकों को PAN आवेदन के लिए नए फॉर्म इस्तेमाल करने होंगे, क्योंकि मौजूदा फॉर्म अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे।</p>



<p>CSC पोर्टल के अनुसार, PAN कार्ड आवेदन के नए फॉर्म जल्द ही उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इसमें यह भी बताया गया है कि नए वित्तीय वर्ष से कार्ड पर नाम नहीं लिखा होगा।</p>



<p><strong>जरूरी दस्तावेज है पैन कार्ड<br></strong>PAN कार्ड एक जरूरी दस्तावेज है जिसकी जरूरत वित्तीय और बैंकिंग लेन-देन के लिए होती है, जबकि आधार एक 12 अंकों का यूनिक पहचान नंबर है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) जारी करता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>8th Pay Commission: सैलरी-पेंशन और भत्तों पर बड़ा अपडेट, रेलवे संगठन ने उठा दी 9 नई मांगें</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/167840</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Mar 2026 10:24:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="728" height="342" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/uio.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। आयोग ने वेतन, भत्तों और नौकरी से जुड़े मुद्दों पर सुझाव देने के लिए 18 सवालों का डॉक्यूमेंट (8th Pay Commission Questionnaire) जारी किया है। पहले इसकी आखिरी तारीख 16 मार्च 2026 थी, जिसे अब बढ़ाकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="728" height="342" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/uio.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। आयोग ने वेतन, भत्तों और नौकरी से जुड़े मुद्दों पर सुझाव देने के लिए 18 सवालों का डॉक्यूमेंट (8th Pay Commission Questionnaire) जारी किया है।</p>



<p>पहले इसकी आखिरी तारीख 16 मार्च 2026 थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर (8th Pay Commission Deadline Extended) दिया गया है। लेकिन इसी बीच रेलवे के एक बड़े कर्मचारी संगठन ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कई नई मांगें रख दी हैं।</p>



<p><strong>रंजना प्रकाश देसाई को लिखा पत्र<br></strong>इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA Demands 8th Pay Commission) ने आयोग की चेयरपर्सन रंजना देसाई को पत्र लिखकर कहा है कि मौजूदा प्रश्नावली अधूरी है और इसमें सैलरी, पेंशन और भत्तों से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल नहीं किए गए हैं।</p>



<p><strong>क्या है संगठन की सबसे बड़ी मांग?<br></strong>सबसे बड़ी मांग कर्मचारियों के वर्गीकरण (classification of employees) को लेकर उठाई गई है। अभी सरकारी कर्मचारियों को ग्रुप A, B और C में बांटा जाता है, लेकिन संगठन का कहना है कि समय के साथ काम, जिम्मेदारियां और टेक्नोलॉजी काफी बदल चुकी है। ऐसे में नए ढांचे की जरूरत है, ताकि सैलरी और प्रमोशन सही तरीके से तय हो सकें।</p>



<p><strong>संगठन ने भत्तों पर भी साधा निशाना<br></strong>भत्तों के मुद्दे पर भी संगठन ने सीधा निशाना साधा है। 7वें वेतन आयोग में 196 भत्तों पर चर्चा हुई थी, लेकिन आठवें आयोग की थीम में सिर्फ 12 कैटेगरी रखी गई हैं। IRTSA का कहना है कि हर भत्ता अलग जरूरत के लिए होता है, इसलिए सभी भत्तों को विस्तार से शामिल करना जरूरी है, ताकि कर्मचारियों को सही लाभ मिल सके।</p>



<p><strong>पेंशन और फैमिली पेंशन पर भी सवाल<br></strong>पेंशन और परिवार पेंशन को लेकर भी बड़ा सवाल उठाया गया है। संगठन के मुताबिक, आयोग की मौजूदा प्रश्नावली में पेंशन से जुड़े मुद्दों का स्पष्ट जिक्र ही नहीं है। यह एक गंभीर कमी है, क्योंकि लाखों रिटायर्ड कर्मचारी और उनके परिवार इससे सीधे प्रभावित होते हैं।</p>



<p><strong>कैटेगरी के लिए अलग प्रावधान की मांग<br></strong>इसके अलावा अलग-अलग पदों के कर्मचारियों की समस्याओं को अलग से रखने की मांग भी की गई है। जैसे जूनियर इंजीनियर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर और आईटी स्टाफ जैसी कैटेगरी के लिए अलग प्रावधान होना चाहिए।</p>



<p><strong>करोड़ों कर्मचारियों-पेंशनर्स पर असर<br></strong>कैरियर ग्रोथ को लेकर भी संगठन ने कहा है कि सिर्फ MACP स्कीम पर फोकस करना काफी नहीं है। असली जरूरत फंक्शनल प्रमोशन को बढ़ावा देने की है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी और पद दोनों में सुधार हो।</p>



<p>IRTSA ने यह भी मांग की है कि कर्मचारी अपने पक्ष में कोर्ट के फैसले भी जमा कर सकें, साथ ही ऑनलाइन फॉर्म में कैरेक्टर लिमिट बढ़ाई जाए और फिजिकल तरीके से भी सुझाव देने की अनुमति दी जाए।</p>



<p>यानी यह साफ है कि आठवें वेतन आयोग पर अब सैलरी, पेंशन और भत्तों को लेकर दबाव बढ़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह तय करेगा कि करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब पर कितना असर पड़ेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>किसानों में बंट गए ₹4.27 लाख करोड़, आपके खाते में कितने आए? </title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/167837</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Mar 2026 10:20:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="727" height="272" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/kjhk.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस महीने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) की 22वीं किस्त के रूप में 18,640 करोड़ रुपए से ज्यादा जारी किए जाने से 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को वित्तीय सहायता मिली है, जिनमें से करीब 2.15 करोड़ महिला किसान हैं। गुरुवार को जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, इस योजना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="727" height="272" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/kjhk.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस महीने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) की 22वीं किस्त के रूप में 18,640 करोड़ रुपए से ज्यादा जारी किए जाने से 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को वित्तीय सहायता मिली है, जिनमें से करीब 2.15 करोड़ महिला किसान हैं। गुरुवार को जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, इस योजना की शुरुआत से अब तक किसानों को दी गई कुल राशि 4.27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। इसी के साथ पीएम-किसान दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) योजनाओं में से एक बन गई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>बजट 2026-27 में कितना प्रावधान?</strong></h3>



<p>पीएम किसान योजना आधार-आधारित सत्यापन और डिजिटाइज्ड भूमि रिकॉर्ड के जरिए लागू की जाती है, जिससे सही लाभार्थियों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से पैसा पहुंचाया जाता है। सरकार इसे &#8216;अन्नदाता सम्मान&#8217; की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है।<br>किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>किसानों की कर्ज पर निर्भरता हुई कम</strong></h3>



<p>अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (आईएफपीआरआई) और नीति आयोग के आकलन के अनुसार, इस योजना से किसानों की कृषि आय बढ़ी है और उनकी अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में पीएम-किसान योजना ने किसानों को अपनी खेती में निवेश करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद की है।<br>केरल के एडक्कारा की किसान भामिनी इस योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि समय पर मिलने वाली आर्थिक मदद उन्हें खेती को बेहतर बनाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली के जरिए पैसा सीधे खाते में पहुंचने से उन्हें बिना देरी के सहायता मिलती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>किसानों के हालात हो रहे बेहतर</strong></h3>



<p>अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दुर्गापुर के किसान अनिल हलदार के लिए सालाना 6,000 रुपए की सहायता खेती के लिए काफी उपयोगी साबित हुई है। अगस्त 2025 में किस्त मिलने के बाद उन्होंने तरबूज की खेती शुरू की और जरूरी सामान खरीदने में इस पैसे का इस्तेमाल किया। इससे उन्हें फसल में विविधता लाने में मदद मिली।<br>जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के किसान दीपक सिंह नेगी भी इस योजना की मदद से बीज, खाद और कीटनाशक जैसे जरूरी कृषि इनपुट खरीदते हैं। इससे उनकी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>कब हुई थी शुरुआत?</strong></h3>



<p>पीएम-किसान एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसे 2019 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य देश भर के जमीन वाले किसान परिवारों को आय सहायता देना है। इस योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है, जो 2,000 रुपए की तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। &#8211;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ये सरकारी कंपनी दे रही हर शेयर पर ₹3.25 रुपये के डिविडेंड से कमाई का मौका</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/167763</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 10:34:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="721" height="282" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/YUHK.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /> पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PFC Share Price) सरकारी सेक्टर की कंपनी के बोर्ड ने साल 2025-26 के लिए डिविडेंड (Dividend Stock) की घोषणा कर दी है। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने ₹3.25 प्रति शेयर का चौथी बार अंतरिम डिविडेंड का एलना किया है। ये डिविडेंड कंपनी के ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयर पर 32.5% के बराबर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="721" height="282" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/YUHK.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p> पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PFC Share Price) सरकारी सेक्टर की कंपनी के बोर्ड ने साल 2025-26 के लिए डिविडेंड (Dividend Stock) की घोषणा कर दी है। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने ₹3.25 प्रति शेयर का चौथी बार अंतरिम डिविडेंड का एलना किया है। ये डिविडेंड कंपनी के ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयर पर 32.5% के बराबर होगा। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 23 मार्च 2026 तय की गई है। यानी इस डेट तक शेयर खरीदने वाले इसके डिविडेंड के पात्र होंगे। PFC के अनुसार, योग्य शेयरधारकों को यह अंतरिम डिविडेंड 16 अप्रैल 2026 या उससे पहले पेमेंट कर दिया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Anil Agarwal ने आधी कंपनी के बदले जुटाए ₹2575 करोड़</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/167760</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 10:25:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="729" height="343" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/78OYU.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />अनिल अग्रवाल की वेदांता ने 2575 करोड़ रुपए जुटाने (Anil Agarwal Vedanta Raises 2575 Crore) के लिए बड़ा कदम उठाया। इसके लिए उन्होंने हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc Encumbrance) में अपनी 50.1% हिस्सेदारी पर &#8216;एन्कम्ब्रेंस&#8217; यानी प्रतिबंध लगा दिया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि यह रकम नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="729" height="343" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/78OYU.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>अनिल अग्रवाल की वेदांता ने 2575 करोड़ रुपए जुटाने (Anil Agarwal Vedanta Raises 2575 Crore) के लिए बड़ा कदम उठाया। इसके लिए उन्होंने हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc Encumbrance) में अपनी 50.1% हिस्सेदारी पर &#8216;एन्कम्ब्रेंस&#8217; यानी प्रतिबंध लगा दिया है।</p>



<p><strong>कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि</strong></p>



<p>यह रकम नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करके जुटाई गई है। यह पूरा फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए उठाया गया है, जिससे साफ है कि वेदांता ने सीधे चुनिंदा निवेशकों से पैसा लिया है।</p>



<p>इस डील के तहत एक्सिस ट्रस्टी सर्विसेस लिमिटेड (Axis Trustee Services Limited) को डिबेंचर ट्रस्टी नियुक्त किया गया है, जो निवेशकों के हितों की निगरानी करेगा।</p>



<p><strong>हिंदुस्तान जिंक पर लगा एन्कम्ब्रेंस क्या है?<br></strong>सबसे अहम बात यह है कि इस फंड जुटाने के बदले वेदांता ने अपनी सबसे मजबूत एसेट मानी जाने वाली कंपनी हिंदुस्तान जिंक में 50.1% हिस्सेदारी (Vedanta Hindustan Zinc 50.1% Stake) को गिरवी जैसा सुरक्षा कवच बनाया है।</p>



<p>इसे ही &#8216;एन्कम्ब्रेंस&#8217; कहा जाता है, यानी जब तक कर्ज पूरा नहीं चुकता होता, इस हिस्सेदारी पर कुछ शर्तें लागू रहेंगी। इस कदम से यह संकेत मिलता है कि कंपनी अपने कैश फ्लो और फाइनेंसिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने बड़े एसेट्स का इस्तेमाल कर रही है।</p>



<p><strong>पहले से ही कर्ज में दबा है वेदांता ग्रुप<br></strong>मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वेदांता ग्रुप पर पहले से कर्ज का दबाव है और ऐसे में एनसीडी (Vedanta 2575 Crore NCD) के जरिए पैसा जुटाना एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।</p>



<p>हालांकि, हिंदुस्तान जिंक जैसी मजबूत और मुनाफा देने वाली कंपनी की हिस्सेदारी पर एन्कम्ब्रेंस लगाना निवेशकों के लिए एक अहम संकेत भी है।</p>



<p>सरल भाषा में समझें तो अगर कंपनी तय शर्तों के मुताबिक भुगतान नहीं कर पाती है, तो इस हिस्सेदारी पर असर पड़ सकता है।</p>



<p><strong>नियमों के तहत हुई पूरी प्रक्रिया- वेदांता<br></strong>वेदांता ने यह भी साफ किया है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और तय शर्तों के अनुसार की गई है। कुल मिलाकर, अनिल अग्रवाल की वेदांता का यह कदम फंड जुटाने के लिहाज से अहम जरूर है, लेकिन हिंदुस्तान जिंक में हिस्सेदारी पर लगा प्रतिबंध बाजार में चर्चा का बड़ा कारण बन गया है।</p>



<p>अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल कैसे करती है और आगे कर्ज कम करने की दिशा में क्या कदम उठाती है।</p>
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		<item>
		<title>ओडिशा के घने जंगलों के बीच छिपा है गुंडिचा घाघी वॉटरफॉल</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/167649</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 11:16:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="780" height="459" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-36.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-36.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-36-768x452.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px" />ओडिशा अपनी संस्कृति और अनोखे प्राकृतिक नजारों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इसी प्राकृतिक सुंदरता का एक शानदार उदाहरण है गुंडिचा घाघी जलप्रपात। क्योंझर जिले के घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित यह झरना न केवल आंखों को सुकून देता है, बल्कि मानसिक शांति की तलाश कर रहे पर्यटकों के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="780" height="459" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-36.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-36.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-36-768x452.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px" />
<p>ओडिशा अपनी संस्कृति और अनोखे प्राकृतिक नजारों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इसी प्राकृतिक सुंदरता का एक शानदार उदाहरण है गुंडिचा घाघी जलप्रपात। क्योंझर जिले के घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित यह झरना न केवल आंखों को सुकून देता है, बल्कि मानसिक शांति की तलाश कर रहे पर्यटकों के लिए भी एक स्वर्ग जैसा है।</p>



<p><strong>प्रकृति की गोद में बसा एक सुंदर स्थल<br></strong>यह जलप्रपात घटगांव के पास स्थित है और अपने चारों ओर फैली हरियाली के लिए मशहूर है। जब आप यहां पहुंचते हैं, तो पक्षियों की चहचहाहट और गिरते पानी की आवाज आपका स्वागत करती है। अपनी मनमोहक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अगर आप शहर की भीड़भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर वक्त बिताना चाहते हैं, तो गुंडिचा घाघी से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता।</p>



<p><strong>झरने की खासियत<br></strong>गुंडिचा घाघी जलप्रपात की सबसे खास बात इसकी बनावट है। यह लगभग 50 से 60 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। जब पानी ऊंची चट्टानों के बीच से रास्ता बनाते हुए नीचे गिरता है, तो एक दूधिया सफेद चादर जैसा नजारा बनता है। चट्टानों से टकराकर गिरते हुए जल की फुहारें किसी का भी मन मोह लेने के लिए काफी हैं।</p>



<p><strong>धार्मिक महत्व और पौराणिक कथाएं<br></strong>इस झरने का नाम केवल इसके सौंदर्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा धार्मिक महत्व भी है। लोककथाओं के अनुसार, इस जलप्रपात का नाम ‘गुंडिचा’ देवी के नाम पर रखा गया है। स्थानीय ग्रामीण इस पूरे क्षेत्र को बेहद पवित्र मानते हैं और यहां समय-समय पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।</p>



<p><strong>भगवान जगन्नाथ से जुड़ाव<br></strong>गुंडिचा नाम का संबंध ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर और विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा से भी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुंडिचा देवी को भगवान जगन्नाथ की मौसी माना जाता है। हर साल जब भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर निकलते हैं, तो वे अपने मुख्य मंदिर से गुंडिचा मंदिर ही जाते हैं। झरने का नाम इस पवित्र परंपरा से जुड़े होने के कारण इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है।</p>



<p>इसलिए गुंडिचा घाघी जलप्रपात केवल एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह आस्था और प्रकृति का अनोखा मिलन है। क्योंझर की पहाड़ियों में छिपा यह झरना हमें सिखाता है कि प्रकृति और अध्यात्म किस तरह एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर आप ओडिशा की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इस पवित्र और सुंदर झरने को देखना एक यादगार अनुभव साबित होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> ठंडे पड़े रिस्पॉन्स के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, बदले IPO के ये अहम नियम</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/167646</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 11:14:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://amarrashtra.com/?p=167646</guid>

					<description><![CDATA[<img width="712" height="393" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/34-15.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्ट होने होड़ मची हुई है। इस बीच केंद्र सरकार ने शेयर बाजार पर लिस्ट होने की योजना बना रही बड़ी कंपनियों के लिए न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग को तय करने वाले नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत हम एक ऐसा तरीका पेश हुआ है, जिसमें बड़ी कंपनियों को अपने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="712" height="393" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/34-15.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्ट होने होड़ मची हुई है। इस बीच केंद्र सरकार ने शेयर बाजार पर लिस्ट होने की योजना बना रही बड़ी कंपनियों के लिए न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग को तय करने वाले नियमों में बदलाव किया है।</p>



<p>इसके तहत हम एक ऐसा तरीका पेश हुआ है, जिसमें बड़ी कंपनियों को अपने IPO के समय जनता को शेयरों का एक छोटा हिस्सा पेश करने की इजाजत मिलेगी।</p>



<p><strong>किन कंपनियों के लिए होगा नया नियम<br></strong>यह उस नियम के तहत किए गए हैं, जो कंपनियों के लिस्ट होने के दौरान जनता को पेश किए जाने वाले न्यूनतम शेयरों को तय करता है। कंपनी की इश्यू के बाद की पूंजी के आकार के आधार पर एक स्तरीय संरचना प्रस्तुत करता है, जिसका कैलकुलेशन ऑफर प्राइस पर की जाती है। इसका मकसद बड़ी कंपनियों के लिए IPO लाना आसान बनाना है, साथ ही यह तय करना है कि जो पब्लिक शेयरहोल्डिंग हो वह 25 प्रतिशत स्तर तक बढ़ जाए।</p>



<p><strong>25% इक्विटी जनता को जारी करना जरूरी<br></strong>संशोधित नियमों के तहत, 1,600 करोड़ रुपये तक की निवेदन-पूर्व पूंजी वाली कंपनियों को प्रत्येक वर्ग या प्रकार के इक्विटी शेयरों या इक्विटी शेयरों में परिवर्तनीय डिबेंचरों का कम से कम 25 प्रतिशत जनता को जारी करने की मौजूदा जरूरत का पालन करना जारी रखना होगा। लिस्ट होने की योजना बना रही अपेक्षाकृत छोटी कंपनियों के लिए यह नियम अपरिवर्तित रहेगा।</p>



<p>जिन कंपनियों की इश्यू के बाद की पूंजी 1,600 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 4,000 करोड़ रुपये तक है, उनके लिए सार्वजनिक पेशकश अब एक निश्चित प्रतिशत के बजाय न्यूनतम मूल्य से जुड़ी होगी। इन कंपनियों को जनता को कम से कम 400 करोड़ रुपये के मूल्य के बराबर शेयर पेश करने होंगे</p>



<p>जिन कंपनियों की शेयर जारी होने के बाद की पूंजी 4,000 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 50,000 करोड़ रुपये तक है, उन्हें लिस्टिंग के समय अपने कम से कम 10 प्रतिशत शेयर जनता को बेचने होंगे। हालांकि, ऐसी कंपनियों को लिस्टिंग की तारीख से तीन साल के भीतर अपनी सार्वजनिक हिस्सेदारी को कम से कम 25 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा, जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के तय तरीके से किया जाएगा।</p>



<p>जिन बड़ी कंपनियों की इश्यू के बाद की पूंजी 50,000 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 1 लाख करोड़ रुपये तक है, उनके लिए नियमों के अनुसार न्यूनतम 1,000 करोड़ रुपये मूल्य का सार्वजनिक प्रस्ताव और प्रत्येक श्रेणी के शेयरों का कम से कम 8 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य है। इन कंपनियों को लिस्टिंग की तारीख से पांच साल तक अपनी सार्वजनिक शेयरधारिता को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का समय मिलेगा।</p>



<p><strong>6250 करोड़ रुपये के शेयर जारी करना इन्हें होगा जरूरी<br></strong>ये नियम बहुत बड़ी कंपनियों के लिए और भी अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं। जिन फर्मों की शेयर जारी होने के बाद की पूंजी 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 5 लाख करोड़ रुपये तक है, उन्हें कम से कम 6,250 करोड़ रुपये के बराबर शेयर जारी करने होंगे और लिस्टिंग के समय न्यूनतम 2.75 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता बनाए रखनी होगी।</p>



<p>इस बीच, जिन कंपनियों की इश्यू के बाद की पूंजी 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, उन्हें कम से कम 15,000 करोड़ रुपये के बराबर शेयर पेश करने होंगे और लिस्टिंग के समय न्यूनतम 1 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता बनाए रखनी होगी</p>



<p>इस संशोधन में ऐसी कंपनियों के लिए सार्वजनिक शेयरधारिता को धीरे-धीरे बढ़ाने की समयसीमा भी निर्धारित की गई है। यदि लिस्टिंग के समय सार्वजनिक शेयरधारिता 15 प्रतिशत से कम है, तो कंपनी को इसे पांच वर्षों के भीतर कम से कम 15 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा और लिस्टिंग के दस वर्षों के भीतर इसे 25 प्रतिशत तक और बढ़ाना होगा। यदि लिस्टिंग के समय सार्वजनिक शेयरधारिता पहले से ही 15 प्रतिशत या उससे अधिक है, तो कंपनी को इसे पांच वर्षों के भीतर 25 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा।</p>



<p>नियमों में यह भी निर्दिष्ट है कि कंपनी के आकार की परवाह किए बिना, प्रत्येक वर्ग या प्रकार के इक्विटी शेयरों या परिवर्तनीय प्रतिभूतियों का कम से कम 2.5 प्रतिशत जनता को पेश किया जाना चाहिए।</p>



<p>सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित सार्वजनिक शेयरधारिता हासिल करने की समयसीमा उन कंपनियों को उपलब्ध कराई जाएगी जो संशोधन के लागू होने से पहले सूचीबद्ध थीं। साथ ही, मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज सार्वजनिक शेयरधारिता मानदंडों के पूर्व में किए गए किसी भी उल्लंघन के लिए जुर्माना या दंड लगा सकते हैं।</p>
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