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	<title>देश-विदेश &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<description>Hindi News, Breaking News, Politics &#38; Lifestyle News</description>
	<lastBuildDate>Fri, 10 Apr 2026 08:53:14 +0000</lastBuildDate>
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	<title>देश-विदेश &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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		<title>ईरान के 650 मिसाइल अटैक के जवाब में इजरायल ने किए 10,800 से अधिक बार हमले</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168809</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 08:53:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="710" height="396" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56-6.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" />अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के 40 दिन बाद बुधवार को सीजफायर हो गया। 40 दिनों तक चले इस संघर्ष का एक भयावह आकड़ा सामने आया है। इजरायली सेना द्वारा जारी आकड़ों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान ने इजराइल पर 650 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दरअसल, इजरायली सेना और नेताओं के अनुसार, 28 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="710" height="396" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56-6.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" />
<p>अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के 40 दिन बाद बुधवार को सीजफायर हो गया। 40 दिनों तक चले इस संघर्ष का एक भयावह आकड़ा सामने आया है। इजरायली सेना द्वारा जारी आकड़ों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान ने इजराइल पर 650 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।</p>



<p>दरअसल, इजरायली सेना और नेताओं के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा मिलकर ईरान के खिलाफ अपना अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य ईरानी शासन की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना, ईरान द्वारा उत्पन्न खतरों- जिसमें उसके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम शामिल हैं- से दूरी बनाना और ईरानी लोगों के लिए शासन को उखाड़ फेंकने के लिए स्थितियां तैयार करना था।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आबादी वाले हिस्सों में गिरीं मिसाइलें</h2>



<p>इजरायली सेना के अनुसार, लड़ाई के दौरान ईरान ने इजरायल पर लगभग 650 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से आधे से अधिक मिसाइलों में क्लस्टर बम लगे थे, जो बड़े क्षेत्रों में अंधाधुंध विस्फोट करते हैं। कम से कम 16 मिसाइलें, जिनमें सैकड़ों किलोग्राम विस्फोटक से लैस पारंपरिक हथियार थे, इजरायल के आबादी वाले क्षेत्रों में गिरीं, जिससे व्यापक क्षति हुई। इसके जवाब में&nbsp;&nbsp;वहीं इजराइल ने जवाब में 10,800 से अधिक हवाई हमले कर ईरानी सैन्य ढांचे को झकझोर कर रख दिया।</p>



<p>इसके अलावा, क्लस्टर बम के वारहेड ले जाने वाली मिसाइलों के आबादी वाले क्षेत्रों में गिरने की लगभग 50 घटनाएं भी हुईं। ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले में कम से कम 20 इजरायली और विदेशी नागरिक मारे गए। साथ ही वेस्ट बैंक में चार फिलिस्तीनी भी मारे गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल में 7,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ईरान ने कब कितनी मिसाइलें दागीं?</h2>



<p>अमेरिका-इजरायल द्वारा युद्ध के पहले दिन तेहरान पर किए हमले के तुरंत बाद ईरान ने इजरायल पर लगभग 80 मिसाइलें दागीं। इसके अगले दिन ईरान ने करीब 60 और तीसरे दिन लगभग 30 मिसाइलें दागीं। इसके बाद सीजफायर होने तक हर दिन ईरान ने औसतन 10-20 मिसाइलें दागीं।</p>



<p>होम फ्रंट कमांड के अनुसार, ईरान द्वारा किए मिसाइल हमलों में घरों को हुए नुकसान के कारण 5,500 से अधिक इजरायली नागरिकों को विस्थापित होना पड़ा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">इजरायल ने ईरान पर 1000 से अधिक बार किया हमला</h2>



<p>इजरायली सेना ने बताया कि युद्ध के दौरान इजरायली वायु सेना ने ईरान पर 1,000 से अधिक हमलों की लहरों में 18,000 से अधिक बम गिराए। आईडीएफ के अनुसार, वायु रक्षा प्रणालियों, बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों, हथियार उत्पादन स्थलों, परमाणु सुविधाओं, विभिन्न मुख्यालयों और सैन्य कमांडरों और नेताओं सहित 4,000 से अधिक लक्ष्यों पर 10,800 से अधिक अलग-अलग हमले किए गए।</p>



<p>सेना के अनुसार, इजरायल ने ईरान के अनुमानित 470 बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों में से लगभग 60% को नष्ट या निष्क्रिय कर दिया। सेना के मुताबिक, इनमें से लगभग 200 लॉन्चर हमलों में नष्ट हुए, जबकि अन्य 80 को भारतीय वायु सेना द्वारा भूमिगत सुविधाओं के सुरंग प्रवेश द्वारों पर हमला करने के बाद निष्क्रिय माना गया, जहां ये लॉन्चर रखे गए थे।</p>



<p>आईडीएफ ने बताया कि मिसाइल लॉन्चर और रडार सहित ईरान की हवाई रक्षा से संबंधित 300 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान की लगभग 85% हवाई रक्षा और पहचान प्रणालियां नष्ट हो गई हैं।</p>
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		<title>मिडिल ईस्ट में ड्रैगन के फंसे 270 अरब डॉलर ने उड़ाई चिनफिंग की नींद</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168797</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 06:52:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="704" height="329" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-7.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" />भले ही चीन ईरान के सबसे बड़े कूटनीतिक सहयोगियों में से एक बना हुआ है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में फैले चीनी पूंजी के विशाल विस्तार के कारण राष्ट्रपति शी चिनफिंग का इस्लामिक गणराज्य के प्रति समर्थन सीमित हो रहा है। महामारी के बाद से चीन ने मिडिल ईस्ट में अपना निवेश जमकर बढ़ाया। मंदी से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="704" height="329" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-7.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>भले ही चीन ईरान के सबसे बड़े कूटनीतिक सहयोगियों में से एक बना हुआ है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में फैले चीनी पूंजी के विशाल विस्तार के कारण राष्ट्रपति शी चिनफिंग का इस्लामिक गणराज्य के प्रति समर्थन सीमित हो रहा है।</p>



<p>महामारी के बाद से चीन ने मिडिल ईस्ट में अपना निवेश जमकर बढ़ाया। मंदी से प्रभावित कंपनियों ने इस मौका का फायदा उठाने की कोशिश की क्योंकि खाड़ी देश जीवाश्म ईंधन से हटकर ग्रीन टेक और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में विविधता लाने पर जोर दे रहे थे और इन क्षेत्रों में चीन की मजबूत पकड़ है। जाम्बिया और श्रीलंका जैसे विकासशील देशों के अपने कर्ज चुकाने में नाकाम रहने के बाद तेल भंडार से समृद्ध देश निवेश के लिए एक आकर्षक विकल्प नजर आए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अमेरिका से आगे निकल रहा चीन</h2>



<p>इस रणनीति की वजह से हाल के वर्षों में मिडिल-ईस्ट में चीनी निवेश और निर्माण कार्य दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ा है, जिससे यह क्षेत्र शी जिनपिंग की प्रमुख ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ का एक अहम लाभार्थी बन गया है। क्षेत्रीय फाइनेंसर के तौर पर चीन, अमेरिका से आगे निकल रहा है।</p>



<p>AidData के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ब्रैड पार्क्स के अनुसार,&nbsp;2014 से 2023 के बीच बीजिंग ने खाड़ी देशों को वॉशिंगटन द्वारा दान या उधार दिए गए हर एक डॉलर के मुकाबले लगभग 2.34 डॉलर दिए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">खतरे में चीन की स्थिरता</h2>



<p>अब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच के युद्ध ने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया है और चीन की उस स्थिरता को खतरे में डाल दिया है, जिस पर वह अपने आर्थिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए निर्भर था। हालांकि ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों को दो हफ्ते के युद्धविराम के लिए राजी करने का श्रेय चीनी अधिकारियों को दिया है, लेकिन उस क्षेत्र में स्थायी शांति को लेकर अभी भी बड़े सवाल बने हुए हैं।</p>



<p>अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के ‘चाइना ग्लोबल इन्वेस्टमेंट ट्रैकर’ के अनुसार,&nbsp;चीन ने पिछले दो दशकों में लगभग 270 अरब डॉलर के निवेश और निर्माण परियोजनाएं खड़ी की हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">चीन को खाड़ी देशों को दिलाना होगा भरोसा</h2>



<p>एशिया ग्रुप में ग्रेटर चाइना प्रैक्टिस के पार्टनर जॉर्ज चेन ने कहा, “खाड़ी क्षेत्र में चीन का दांव बहुत बड़ा है। यहां लोगों से जुड़ा जोखिम है, निवेश का जोखिम है और ऊर्जा-संसाधनों से जुड़ा जोखिम भी है।”&nbsp;बीजिंग को अब ईरान को तनाव कम करने में मदद करनी होगी और साथ ही खाड़ी देशों को यह भरोसा भी दिलाना होगा कि वह उनके साथ सहयोग जारी रखेगा।</p>



<p>संयुक्त राष्ट्र में चीन के दूत फू कोंग ने इस हफ्ते एक्स पर एक पोस्ट में दोनों पक्षों के दृष्टिकोणों में संतुलन बनाने की अपने देश की इच्छा को जाहिर की। फू ने लिखा कि अमेरिका और इजरायल के हमले अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन थे और साथ ही उन्होंने शिपिंग मार्गों और ऊर्जा बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा की भी अपील की। यह तेहरान पर एक परोक्ष रूप से कटाक्ष था।</p>



<h2 class="wp-block-heading">निशाने पर चीनी प्रोजेक्ट</h2>



<p>चीनी प्रोजेक्ट्स पहले से ही निशाने पर हैं। दुबई, कतर और ओमान में चीन की फंडिंग से बने कम से कम तीन इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स पर ईरान ने हमले किए हैं। अमेरिका की विलियम एंड मैरी यूनिवर्सिटी की रिसर्च लैब AidData के अनुमानों के मुताबिक, 12 अन्य प्रोजेक्ट्स भी ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में हैं। इससे करीब 4.66 अरब डॉलर की फंडिंग कमिटमेंट्स खतरे में पड़ गई हैं, जिनमें वे प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं जो पहले ही प्रभावित हो चुके हैं।</p>



<p>हालांकि ईरान के बाहर किसी भी चीनी मजदूर के घायल होने की कोई खबर नहीं है, फिर भी हजारों लोग युद्ध क्षेत्र में काम कर रहे हैं। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, संघर्ष शुरू होने से पहले अकेले संयुक्त अरब अमीरात में ही लगभग 3,70,000 चीनी नागरिक मौजूद थे। तब से मिडिल ईस्ट से 10,000 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन कई ऐसे लोग जिन्होंने वहां बसने के लिए पैसे खर्च किए थे, वे वहीं रुके हुए हैं।</p>



<p>2023 में बीजिंग की तेहरान के साथ दोस्ती और खाड़ी देशों के साथ व्यापारिक संबंध चर्चा का मुख्य केंद्र रहे, जब चीन ने कट्टर दुश्मन सऊदी अरब और ईरान के बीच सुलह करवाई। उस समय इस सफलता की व्यापक रूप से सराहना की गई थी और इसे इस क्षेत्र में शी के बढ़ते प्रभाव का संकेत माना गया था।</p>



<h2 class="wp-block-heading">संघर्ष के बाद संयम बरत रहा चीन</h2>



<p>लेकिन, तब से लेकर अब तक जब से मध्य-पूर्व में संघर्ष फिर से भड़का है, चीन काफी हद तक पीछे हट गया है। अक्टूबर 2023 में हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमलों और उसके बाद बढ़े तनाव ने चीन के प्रभाव की सीमाओं को उजागर कर दिया है। बीजिंग ने खुद को संयम बरतने और तनाव कम करने की अपीलों तक ही सीमित रखा है और उसने अपने तेजी से बढ़ते कारोबार पर ध्यान देना ज्यादा बेहतर समझा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सऊदी अरब में चीन का निवेश</h2>



<p>चीन के इस रुख का सऊदी अरब ने स्वागत किया है। चीन के विदेशी निवेश पर नजर रखने वाले अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो डेरेक सिजर्स का कहना है कि अब सऊदी दुनिया भर में चीन की निर्माण गतिविधियों का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता बन गया है। खासतौर पर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में, जहां चीनी कंपनियां बड़े-बड़े सोलर प्लांट और विंड टर्बाइन बना रही हैं।</p>



<p>उन्होंने कहा, “यह क्षेत्र चीन की तकनीकी विशेषज्ञता की सराहना करता है। चीनी कंपनियां ऐसे काम कर सकती हैं जिनकी काफी कद्र होती है।” संयुक्त अरब अमीरात में चीनी कंपनियां दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी ऊर्जा भंडारण तंत्र विकसित कर रही हैं, जबकि सऊदी अरब में वे सौर संयंत्र और डेटा केंद्र बना रही हैं। इसके अलावा, पिछले साल चीनी कारों के लिए यूएई दुनिया भर में तीसरा सबसे बड़ा बाजार रहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">खतरों के बावजूद धड़ल्ले से चल रहा काम</h2>



<p>सिंघुआ यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशन्स के एसोसिएट प्रोफेसर शी गैंगझेंग के अनुसार, अब यह युद्ध उन संबंधों को और भी पेचीदा बनाने का खतरा पैदा कर रहा है। शी ने कहा, “खाड़ी क्षेत्र अब चीन के लिए वैसी ‘सोने की खान’ नहीं रह गया है, जैसा वह कभी हुआ करता था।”</p>



<p>खतरों के बावजूद इजरायल, यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों में कई कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 7 मार्च को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक ड्रोन हमले के कुछ ही घंटों बाद एक चीनी मजदूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Douyin पर बताया, “कंस्ट्रक्शन साइट पर काम अभी भी पूरी रफ्तार से चल रहा है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">चीन के लिए अच्छा मौका</h2>



<p>जैसे-जैसे मध्य पूर्व में हालात बदल रहे हैं, चीन के लिए लंबे समय के अवसर खुल सकते हैं। अमेरिका के सहयोगियों के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई ने अमेरिका की साख को चोट पहुंचाई है, जिससे बीजिंग को इस संघर्ष के बाद एक और भी बड़ी आर्थिक भूमिका निभाने का मौका मिल गया है। खबरों के मुताबिक, ईरान अभी से ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए कुछ भुगतान युआन में ले रहा है, जिससे चीनी मुद्रा को बढ़ावा मिल रहा है।</p>



<p>विशेषज्ञों का कहना है कि जब हालात सामान्य हो जाएंगे, तब भी चीन एक प्रमुख आर्थिक शक्ति बना रहेगा। भले ही इसमें ऐसे जोखिम और सुरक्षा संबंधी पहलू शामिल हों, जिन्हें पहले ध्यान में नहीं रखा गया था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे 114 राफेल लड़ाकू विमान</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168794</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 06:50:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="725" height="397" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/65-2.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />भारत जिन 114 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने का प्लान बना रहा है, उनको लेकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्वदेशी रूप से विकसित मिसाइलों और हथियार प्रणालियों को इनमें एकीकृत किया जा सके। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि खरीदो और बनाओ (Buy And Make) सौदे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="725" height="397" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/65-2.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>भारत जिन 114 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने का प्लान बना रहा है, उनको लेकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्वदेशी रूप से विकसित मिसाइलों और हथियार प्रणालियों को इनमें एकीकृत किया जा सके।</p>



<p>हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि खरीदो और बनाओ (Buy And Make) सौदे के तहत होने वाली सरकार-से सरकार (G-To-G) डील में तथाकथित इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) को अनिवार्य किया जाएगा।</p>



<p><strong>डीएसी सौदे को दे चुका है मंजूरी<br></strong>रक्षा मंत्रालय से उम्मीद है कि वह अगले महीने फ्रांसीसी जेट निर्माता कंपनी डसॉल्ट को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करेगा और उसके बाद अनुबंध पर बातचीत शुरू होगी। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 12 फरवरी को इस सौदे को मंजूरी दे दी थी।</p>



<p><strong>96 फाइटर जेट भारत में ही बनाए जाएंगे<br></strong>मामले के जानकार लोगों ने कहा कि योजना यह है कि 3.25 लाख करोड़ रुपये की इस मेगा डील के फाइनल कॉन्ट्रैक्ट में आईसीडी को पक्का कर दिया जाए। आईसीडी एक बहुत ही जरूरी सिस्टम इंजीनियरिंग डॉक्यूमेंट है, जो किसी सिस्टम और उसके सब-सिस्टम के बीच के सभी अहम प्रोटोकॉल को कंट्रोल और डिफाइन करता है।</p>



<p>डीएसी द्वारा मंजूर किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, 18 फाइटर जेट फ्रांस से फ्लाई-अवे कंडीशन में डिलीवर किए जाएंगे, जबकि बाकी 96 भारत में ही बनाए जाएंगे, जिनमें 25% से ज्यादा स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल होगा।</p>



<p><strong>डील में रुकावट<br></strong>इस तरह की रिपोर्टों के बीच कि इस मेगा डील में एक रुकावट आ गई है, क्योंकि फ्रांसीसी राफेल निर्माता डसॉल्ट ने भारत को लड़ाकू विमान का सोर्स कोड देने से इनकार कर दिया है। रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कोई भी देश ये मालिकाना सॉफ्टवेयर कोड (जो रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट और हथियार एकीकरण को नियंत्रित करते हैं) किसी तीसरे देश को नहीं देता है और यह डील पूरी तरह से सही रास्ते पर है।</p>



<p>ये सोर्स कोड असल में पूरे लड़ाकू विमान को नियंत्रित करते हैं, जिसमें एवियोनिक्स, टारगेट ट्रैकिंग, फ्लाइट कंट्रोल, हथियार लॉन्च और हथियार छोड़ने के एल्गोरिदम शामिल हैं। अधिकारियों ने आगे बताया कि यह कोड मूल उपकरण निर्माता (OEM) की बौद्धिक संपदा है, जिसे सबसे करीबी सहयोगियों के साथ भी साझा नहीं किया जाता है।</p>



<p>हालांकि भारत के लंबे समय से रणनीतिक सहयोगी रहे रूस ने भारतीय वायु सेना को पांचवीं पीढ़ी के Su-57 के दो स्क्वाड्रन देने की पेशकश की है और वह सरकारी कंपनी HAL के साथ मिलकर मौजूदा Su-30 MKI लड़ाकू विमानों के बेड़े को अपग्रेड करने में भी शामिल है, लेकिन मिली जानकारी के अनुसार, उसने इन दोनों में से किसी भी लड़ाकू विमान का ‘सोर्स कोड’ न तो कभी साझा किया है और न ही साझा करने की पेशकश की है।</p>



<p><strong>भारत तेजस पर दे रहा ध्यान<br></strong>भले ही भारत ने अमेरिका या रूस, किसी से भी पांचवीं पीढ़ी के विमान खरीदने का कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन वह भविष्य के लिए स्वदेशी रूप से ‘तेजस मार्क I A’ के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।</p>



<p>इसके साथ ही, वह लंबी दूरी की मिसाइलों और दो इंजन वाले AMCA पर भी काम कर रहा है, ताकि विदेशी हवाई प्लेटफॉर्म, ‘बियॉन्ड विज़ुअल रेंज’ हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों पर अपनी निर्भरता कम कर सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका सवालों के घेरे में</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168750</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 07:55:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="702" height="393" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-4.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्धविराम पर सहमति बनने से स्थायी शांति की उम्मीद जगी है। जबकि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने का श्रेय लेने की फिराक में है। हालांकि अस्थायी युद्धविराम में उसकी भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। एक पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी आतंकवाद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="702" height="393" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/5-4.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्धविराम पर सहमति बनने से स्थायी शांति की उम्मीद जगी है। जबकि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने का श्रेय लेने की फिराक में है।</p>



<p>हालांकि अस्थायी युद्धविराम में उसकी भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। एक पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी आतंकवाद विश्लेषक ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि वह अमेरिका के साथ अपने संबंधों का बढ़ा रहा है या चीन के इशारों पर चल रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठे सवाल</h3>



<p>फाउंडेशन फॉर डिफेंस आफ डेमोक्रेसीज (एफडीडी) और पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी आतंकवाद विश्लेषक जोनाथन शैनजर का मानना है कि पाकिस्तान चीन का बहुत कर्जदार है। इसलिए यह देखना बाकी है कि क्या वह अमेरिका का साथ देकर उसके साथ अपने संबंधों को बढ़ा रहा है या चीन के इशरों पर चल रहा है।</p>



<p>उन्होंने कहा, ‘जब हम पाकिस्तान की ओर देखते हैं तो हमें समझना चाहिए कि यह एक ऐसा देश है जो चीन का बड़ा ऋणी है। बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और कर्ज के जरिये चीन ने पाकिस्तानियों को अपने नियंत्रण कर लिया है।</p>



<p>ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पाकिस्तानी अमेरिका के साथ मिलकर नए दोस्त बनाने और अपने गठबंधन के विस्तार की कोशिश कर रहे हैं या फिर वे चीन के इशारों पर काम कर रहे हैं।</p>



<p>क्या वे वास्तव में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र हैं। इस समय हमें इसका जवाब नहीं पता।’ उन्होंने यह भी कहा है कि पाकिस्तान का व्हाइट हाउस के साथ वार्ता में अपनी भूमिका का दावा करना अजीब लगता है।</p>



<p>यह कैसे हुआ और वे इसके बदले क्या चाहते हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है। जोनाथन ने यह चेतावनी भी दी है कि भले युद्धविराम हो गया है और होर्मुज स्ट्रेट खुल रहा है, फिर भी यह युद्ध अभी खत्म होने से कोसों दूर है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिपिंग कंपनियों से क्रिप्टो में टोल वसूलने की तैयारी?</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168747</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 07:53:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="701" height="383" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />&#160;मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान अब दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नया नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान शिपिंग कंपनियों से टोल (शुल्क) वसूलने के लिए पारंपरिक मुद्रा की जगह क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान की मांग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="701" height="383" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>&nbsp;मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान अब दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नया नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है।</p>



<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान शिपिंग कंपनियों से टोल (शुल्क) वसूलने के लिए पारंपरिक मुद्रा की जगह क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान की मांग कर सकता है।</p>



<p>बताया जा रहा है कि यह कदम पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने और अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित करने के लिए उठाया जा रहा है। अमेरिका और अन्य देशों द्वारा लगाए गए सख्त प्रतिबंधों के कारण ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम का उपयोग करना मुश्किल हो गया है, ऐसे में क्रिप्टो एक वैकल्पिक रास्ता बनकर उभरा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">होर्मुज पर ईरान की नई चाल</h3>



<p>होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। दुनिया के करीब 20% तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है। ऐसे में अगर ईरान टोल वसूली का नया नियम लागू करता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।</p>



<p>विशेषज्ञों का मानना है कि क्रिप्टो में भुगतान की मांग से कई शिपिंग कंपनियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी होंगी, क्योंकि सभी कंपनियां इस तरह के लेन-देन के लिए तैयार नहीं हैं। इसके अलावा, इससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता भी बढ़ सकती है।</p>



<p>हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अगर यह योजना लागू होती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।</p>
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		<item>
		<title>गोवा में शुरू होगी कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168744</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 07:49:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="722" height="403" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />लोकसभा स्पीकर ओम बिरला गुरुवार को गोवा में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस में शासन और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। गोवा विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्री बिरला गुरुवार सुबह 10:40 बजे इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और दोपहर 12:10 बजे सभा को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="722" height="403" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/6.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>लोकसभा स्पीकर ओम बिरला गुरुवार को गोवा में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस में शासन और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। गोवा विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्री बिरला गुरुवार सुबह 10:40 बजे इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और दोपहर 12:10 बजे सभा को संबोधित करेंगे।</p>



<p>यह कार्यक्रम पणजी के एक होटल में आयोजित किया जाएगा, जहाँ पश्चिमी भारत के वरिष्ठ संसदीय नेताओं के शासन और विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं से संबंधित चर्चाओं में भाग लेने की उम्मीद है। इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य अंतर-संसदीय सहयोग को मज़बूत करना और क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है।</p>



<p>यह कॉन्फ्रेंस बेहतरीन विधायी प्रथाओं के आदान-प्रदान और शासन में समकालीन चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का एक मंच भी प्रदान करेगी। इस कार्यक्रम में दो पूर्ण सत्र होंगे।</p>



<p>पहला सत्र, जो 9 अप्रैल को निर्धारित है, “2047 तक विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में युवा जन प्रतिनिधियों की भूमिका” पर केंद्रित होगा, जबकि दूसरा सत्र, 10 अप्रैल को, “व्यापार, पर्यटन, शहरीकरण, पर्यावरण और तटीय कनेक्टिविटी में ज़ोन-VII के लिए प्राथमिकताएँ” विषय पर केंद्रित होगा।</p>
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		<item>
		<title>मुद्रा योजना के 11 साल: करोड़ों भारतीयों को बनाया आत्मनिर्भर</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168741</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 07:43:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="725" height="387" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/65.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पीएम मुद्रा योजना ने रुकावटों को दूर करके और लोगों की आकांक्षाओं पर विश्वास करके पूरे भारत में उद्यमशीलता की भावना को मजबूत किया है। मुद्रा योजना के 11 साल पूरे होने पर मोदी ने कहा कि इस योजना ने लाखों लोगों को सपने देखने का आत्मविश्वास &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="725" height="387" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/65.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पीएम मुद्रा योजना ने रुकावटों को दूर करके और लोगों की आकांक्षाओं पर विश्वास करके पूरे भारत में उद्यमशीलता की भावना को मजबूत किया है।</p>



<p>मुद्रा योजना के 11 साल पूरे होने पर मोदी ने कहा कि इस योजना ने लाखों लोगों को सपने देखने का आत्मविश्वास और उन्हें पूरा करने के साधन प्रदान करके ऋण तक पहुंच को फिर से परिभाषित किया है।</p>



<p>प्रधानमंत्री ने एक्स पर कहा कि पीएम मुद्रा योजना एक ऐसी आर्थिक विचारधारा को दर्शाती है जहां अवसर सुलभ हैं और पहलों को प्रोत्साहन दिया जाता है तथा हर सपने को साकार होने के लिए समर्थन मिल रहा है।</p>



<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना की परिवर्तनकारी क्षमता की एक झलक और इसने हमारी युवा शक्ति और नारी शक्ति पर किस प्रकार सकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने पीएम मुद्रा योजना पर ‘माई जीओवी इंडिया’ मंच के एक पोस्ट को भी साझा किया।</p>



<p>‘माई जीओवी इंडिया’ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि असली आर्थिक बदलाव हमेशा बोर्डरूम से शुरू नहीं होता। कभी-कभी, यह एक छोटे कर्ज, एक स्थानीय विचार और शुरुआत करने की हिम्मत से आता है। मुद्रा योजना चुपचाप भारत की अर्थव्यवस्था की नींव को नया आकार दे रही है।</p>
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		<item>
		<title>सऊदी अरब पर ईरानी हमलों के पाकिस्तान ने क्षेत्रीय शांति के बताया खतरनाक</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168699</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:14:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="695" height="408" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56-2.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस्लामाबाद ने इसे एक ”खतरनाक वृद्धि” करार दिया है, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। यह हमला ऐसे समय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="695" height="408" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56-2.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।</p>



<p>इस्लामाबाद ने इसे एक ”खतरनाक वृद्धि” करार दिया है, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के अंतिम प्रयासों में जुटा था।</p>



<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘पाकिस्तान सरकार सऊदी अरब के ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करती है और इस पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करती है।’</p>



<p>रावलपिंडी में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अध्यक्षता में आयोजित 274वें कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में सेना ने इसे ‘अनावश्यक तनाव’ बताया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सऊदी अरब ने भारी उकसावे के बावजूद संयम दिखाया- मुनीर</h3>



<p>सेना के अनुसार, सऊदी अरब ने भारी उकसावे के बावजूद अब तक जो संयम दिखाया है, उसी की वजह से कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश बनी हुई थी। यह हमला शांतिपूर्ण समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों को नुकसान पहुंचाता है। सेना ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अनुचित हमलों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो मौजूदा शांतिपूर्ण विकल्पों और अनुकूल वातावरण को नष्ट कर सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पाकिस्तान ने ‘खतरनाक घटनाक्रम’ के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया</h3>



<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि उसने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम वार्ता को आसान बनाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इजरायल ने उस समय तेहरान पर हमला किया, जब दोनों पक्ष बातचीत के लिए बैठने की स्थिति में थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी छलांग, कलपक्कम रिएक्टर ने हासिल की क्रिटिकैलिटी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168696</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:12:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="708" height="383" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56-1.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />भारत ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली। अगर भारत का परमाणु कार्यक्रम इसी क्रिटिकैलिटी की सफल राह पर आगे बढ़ा तो परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनने में देर नहीं लगेगी। इसका असर यह होगा कि भारत जल्द ही पारंपरिक जीवाश्म ईंधन से ऊर्जा पैदा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="708" height="383" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56-1.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>भारत ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली। अगर भारत का परमाणु कार्यक्रम इसी क्रिटिकैलिटी की सफल राह पर आगे बढ़ा तो परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनने में देर नहीं लगेगी। इसका असर यह होगा कि भारत जल्द ही पारंपरिक जीवाश्म ईंधन से ऊर्जा पैदा करने की जगह स्वच्छ अक्षय ऊर्जा पैदा करने के लिए तैयार हो जाएगा।</p>



<p>भारत के 500 मेगावाट क्षमता वाले प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) के प्रथम क्रिटिकैलिटी स्तर पर पहुंचने के बाद सरकार ने मंगलवार को कहा कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर उच्च तापीय दक्षता के साथ विश्वसनीय, कम कार्बन उत्सर्जन वाली बेस-लोड बिजली आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>



<p>नियंत्रित परमाणु विखंडन श्रृंखला प्रतिक्रिया की शुरुआत का यह मील का पत्थर देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और स्वदेशी परमाणु प्रौद्योगिकी क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>



<p>परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानदंडों को पूरा करने के बाद, पीएफबीआर ने सोमवार को क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली।</p>



<p>तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) भारत का पहला स्वदेशी फास्ट ब्रीडर परमाणु रिएक्टर है।</p>



<p>500 मेगावाट क्षमता वाले इस उन्नत रिएक्टर को इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आइजीसीएआर) की ओर से डिजाइन और भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी) की तरफ से निर्मित किया गया है। इसे बनाने में 200 से ज्यादा भारतीय उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्योगों की भूमिका रही है।</p>



<p>भारत का परमाणु ऊर्जा विभाग इस दौरान परमाणु ईंधन के सही और पूरी क्षमता के साथ इस्तेमाल की कोशिशों में जुटा है। चूंकि अन्य कोई भी देश अपनी संवेदनशील परमाणु ऊर्जा तकनीक भारत को मुहैया कराने के लिए तैयार नहीं हुआ है।</p>



<p>इसलिए आइजीसीएआर ने खुद ही एक परिपूर्ण फास्ट ब्रीडर रिएक्टर को बनाने में ताकत झोंक दी। इसी का नतीजा है कि कलपक्कम में पीएफबीआर भी अब सफलता की ओर है।</p>



<p>इस रिएक्टर को भविष्य में थोरियम-232 का उपयोग करके यूरेनियम-233 का उत्पादन करने के लिए भी डिजाइन किया गया है, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए भारत के विशाल थोरियम भंडार का दोहन करने के दीर्घकालिक लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत की असैन्य परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम: मोदी</h2>



<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छह अप्रैल को इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए इसे भारत की असैन्य परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम बताया। उनके साथ-साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने भी इस उपलब्धि की चर्चा शुरू कर दी।</p>



<p>अगर यह संयंत्र सारे प्रयोगों में सफल हो जाता है और इसे बिजली पैदा करने के लिए वाणिज्यिक यानी कमर्शियल ग्रिड से जोड़ दिया जाता है तो भारत दुनिया का सिर्फ दूसरा ऐसा देश बन जाएगा, जिसके पास व्यावसायिक रूप से संचालित होने वाला फास्ट ब्रीडर रिएक्टर होगा। अब तक यह उपलब्धि सिर्फ रूस के पास ही मौजूद है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या होती है क्रिटिकैलिटी</h2>



<p>क्रिटिकैलिटी किसी परमाणु रिएक्टर के संचालन की वह खास स्थिति है, जिसमें परमाणु विखंडन की श्रृंखला प्रतिक्रिया स्थिर हो जाती है और यह प्रतिक्रिया लगातार जारी रखने में सक्षम हो जाती है।</p>



<p>इसका मतलब है कि यह रिएक्टर अब बिना किसी बाहरी दखल के मौजूदा ईंधन के जरिए ऊर्जा पैदा करने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, यह बताना भी अहम है कि क्रिटिकैलिटी हासिल करना सीधे तौर पर बिजली पैदा करना नहीं है, बल्कि यह उसके लिए सबसे जरूरी और पहली शर्त है।</p>



<p>अब इस रिएक्टर की क्षमता और कुशलता को समझने के लिए कम-क्षमता वाले कुछ परीक्षण किए जाएंगे, जिसके बाद इसे पावर ग्रिड से जोड़कर बिजली उत्पादन शुरू किया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान से टकराई कैटरिंग की गाड़ी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/168693</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:10:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://amarrashtra.com/?p=168693</guid>

					<description><![CDATA[<img width="720" height="381" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को कैटरिंग की एक गाड़ी इंडिगो के विमान से टकरा गई। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था। एयरपोर्ट के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="720" height="381" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/56.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को कैटरिंग की एक गाड़ी इंडिगो के विमान से टकरा गई। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था।</p>



<p>एयरपोर्ट के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान हुआ।</p>



<p>एयरलाइंस ने विमान को तुरंत ग्राउंडेड कर दिया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इसकी गहन जांच और जरूरी रखरखाव कार्य शुरू कर दिया गया है। विमान परिचालन के लिए मंजूरी मिलने के बाद ही उड़ान भरेगा।</p>



<p>इंडिगो ने आगे कहा कि हम इस मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे। प्रभावित उड़ान के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था कर दी गई है, जिससे यात्री असुविधा कम हो सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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