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	<title>देश-विदेश &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<description>Hindi News, Breaking News, Politics &#38; Lifestyle News</description>
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	<title>देश-विदेश &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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		<title>चिली में आया 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170629</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 08:08:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="780" height="404" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-20.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-20.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-20-768x398.jpg 768w" sizes="(max-width: 780px) 100vw, 780px" />उत्तरी चिली में सोमवार को 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र अटाकामा रेगिस्तान में कलामा शहर से 31 किलोमीटर दूर जमीन के भीतर लगभग 100 किमी की गहराई पर था। हालांकि, भूकंप के तेज झटके के बावजूद फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="780" height="404" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-20.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-20.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-20-768x398.jpg 768w" sizes="(max-width: 780px) 100vw, 780px" />
<p>उत्तरी चिली में सोमवार को 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र अटाकामा रेगिस्तान में कलामा शहर से 31 किलोमीटर दूर जमीन के भीतर लगभग 100 किमी की गहराई पर था।</p>



<p>हालांकि, भूकंप के तेज झटके के बावजूद फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। चिली विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार शाम 5:52 बजे (2152 GMT) आया, जिसका केंद्र कैलामा शहर से 12 किलोमीटर (7.45 मील) दक्षिण में स्थित था।</p>



<p>वहीं, चिली की राष्ट्रीय आपदा निवारण एवं प्रतिक्रिया सेवा ने कहा कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है और न ही किसी के घायल होने या गंभीर क्षति की कोई रिपोर्ट है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, यह भूकंप अटाकामा रेगिस्तान में कलामा शहर से लगभग 31 किलोमीटर दूर, लगभग 100 किलोमीटर (63 मील) की गहराई पर आया।</p>



<p>बता दें कि चिली एक दक्षिणी अमेरिकी देश है। यह देश दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संभावित देशों में से एक है। चिली के लोग 7.0 से कम तीव्रता वाले भूकंपों को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करते हैं।</p>



<p>चिली के भूभाग के भीतर तीन विवर्तनिक प्लेटें मिलती हैं- नाजका प्लेट, दक्षिण अमेरिकी प्लेट और अंटार्कटिक प्लेट। जिसके कारण यहां भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।</p>



<p>1960 में दक्षिणी शहर वाल्दिविया 9.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इस दौरान भयंकर तबाही मची थी और 9,500 लोग मारे गए थे। 2010 में मध्य चिली में 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था, इससे 520 से अधिक लोगों मौत हुई थी।</p>
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		<title>भारत से तनाव के बीच ‘ड्रैगन’ से हाथ मिलाएगा बांग्लादेश</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170626</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 08:04:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="780" height="431" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-32.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-32.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-32-768x424.jpg 768w" sizes="(max-width: 780px) 100vw, 780px" />बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के जून के आखिर में चीन जाने की उम्मीद है। बीएनपी सरकार बनने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा होगी। शुरू में उनकी पहली विदेश यात्रा के लिए भूटान को चुना गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्योता भी अभी स्वीकारा नहीं है। नई दिल्ली में तारिक की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="780" height="431" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-32.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-32.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-32-768x424.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px" />
<p>बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के जून के आखिर में चीन जाने की उम्मीद है। बीएनपी सरकार बनने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा होगी। शुरू में उनकी पहली विदेश यात्रा के लिए भूटान को चुना गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्योता भी अभी स्वीकारा नहीं है।</p>



<p>नई दिल्ली में तारिक की यात्रा पर बारीकी से नजर रखे जाने की संभावना है, क्योंकि&nbsp;बांग्लादेश और चीन के बीच बढ़ते जुड़ाव की एक वजह ढाका की वह नई कोशिश मानी जा रही है जिसके तहत वह लंबे समय से अटके तीस्ता नदी बहाली प्रोजेक्ट के लिए चीन से फंडिंग हासिल करना चाहता है और यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब पानी के बंटवारे का मुद्दा भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक तनाव का नया केंद्र बन गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत को लेकर बांग्लादेश ने क्या कहा?</h2>



<p>बांग्लादेश का कहना है कि भारत के साथ उसके संबंध काफी हद तक गंगा जल-बंटवारे समझौते को नए सिरे से लागू करने या उसे अंतिम रूप देने पर निर्भर करेंगे और इस बात पर जोर दिया कि कोई भी अल्पकालिक समझौता पर्याप्त नहीं होगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">चीन ने क्या कहा?</h2>



<p>बांग्लादेश में चीन के राजदूत याओ वेन ने हाल ही में कहा कि तारिक की चीन की आगामी यात्रा दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करेगी, जो “नई ऊंचाइयों” पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा था, “चीन राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने, आर्थिक विकास और जन कल्याण गतिविधियों में बांग्लादेश को अपना पूरा समर्थन देता रहेगा।”</p>



<p>नदी परियोजना के अलावा चीन और बांग्लादेश ने उच्च-गुणवत्ता वाले ‘बेल्ट एंड रोड’ सहयोग को बढ़ावा देने और व्यापार, निवेश, उद्योग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, जल संसाधन, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान तथा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कार्यक्रम अभी तय नहीं</h2>



<p>विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक किसी न किसी समय चीन का दौरा निश्चित रूप से करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विदेश में प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा का समय और कार्यक्रम अभी तक तय नहीं हुआ है।</p>



<p>कबीर ने कहा कि तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और बहाली परियोजना के संबंध में चीन के साथ हुई चर्चा फलदायी रही और उन्होंने यह भी जोड़ा कि चीन का एक्जिम बैंक इस परियोजना को वित्तपोषित कर सकता है।</p>
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		<title>क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर जताई चिंता</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170623</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 08:00:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="780" height="440" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-22.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-22.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-22-768x433.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-22-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px" />विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक विकास और स्थिरता का वाहक बने रहना चाहिए और ‘क्वाड’ को इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहिए। क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में अपने शुरुआती संबोधन में उन्होंने विशेष &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="780" height="440" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-22.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-22.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-22-768x433.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-22-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px" />
<p>विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक विकास और स्थिरता का वाहक बने रहना चाहिए और ‘क्वाड’ को इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहिए।</p>



<p>क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में अपने शुरुआती संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि लाने के लिए विश्वसनीय और पारदर्शी साझेदारियों का आह्वान किया।&nbsp;नई दिल्ली में जयशंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल हुए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">‘हिंद प्रशांत पर होगा हमारा ध्यान’</h2>



<p>क्वाड की बैठक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति-प्रदर्शन को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच हुई। विदेश मंत्री ने शुरुआती संबोधन में कहा, “हमारा ध्यान स्पष्ट रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर होगा, जो ‘क्वाड’ की विशिष्ट सीमा है।”</p>



<p>उन्होंने कहा, “वैश्विक स्तर पर हमें सप्लाई चेन की मजबूती, कनेक्टिविटी में रुकावटों, मैन्युफैक्चरिंग और संसाधनों के जमाव और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर में कमियों जैसे मुद्दों पर ध्यान देना होगा।”</p>



<p>जयशंकर ने कहा, “चर्चाओं का एक बड़ा हिस्सा और वास्तव में द्विपक्षीय बातचीत भी दुनिया की मौजूदा स्थिति पर केंद्रित रही। क्वाड समूह का हिस्सा होने के नाते हमने स्वाभाविक रूप से उन मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक हैं। चूंकि हम चार समुद्री लोकतांत्रिक देश हैं जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अलग-अलग छोरों पर स्थित हैं, इसलिए विचारों का यह आदान-प्रदान अत्यंत मूल्यवान रहा।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">इस बात को लेकर जताई चिंता</h2>



<p>जयशंकर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सामने मौजूद कुछ विशिष्ट चिंताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इसके लिए रणनीतिक विश्वास को बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देने और सहयोग की गहरी भावना विकसित करने की आवश्यकता होगी। और यह काम भरोसेमंद और पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे बेहतर तरीके से किया जा सकता है।”</p>



<p>विदेश मंत्री ने आगे कहा, “समुद्री लोकतंत्र, बहुलवादी समाज और बाजार अर्थव्यवस्थाओं के तौर पर हम एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी साझा करते हैं। इस क्षेत्र को वैश्विक विकास और स्थिरता का वाहक बने रहना चाहिए।”</p>



<p>उन्होंने कहा, “एक स्वतंत्र और मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र के कई आयाम और पहलू हैं। आज की हमारी बैठक में इनमें से कई क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आने वाले दिनों में चाहे वह आर्थिक गतिविधियां हों, ऊर्जा व्यापार हो या समुद्री वाणिज्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र दुनिया के लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा। इसके साथ ही क्वाड की जिम्मेदारियां भी उसी अनुपात में बढ़ेंगी और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इबोला को लेकर भारत अलर्ट, हवाई अड्डों पर जांच शुरू</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170619</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 07:54:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="764" height="443" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/1-14.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />&#160;इबोला को लेकर दुनियाभर में फैली चिंता और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वैश्विक आपातकाल घोषित किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को देश में तैयारियों का जायजा लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अधिकारियों को निगरानी और जांच की सभी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="764" height="443" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/1-14.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>&nbsp;इबोला को लेकर दुनियाभर में फैली चिंता और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वैश्विक आपातकाल घोषित किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को देश में तैयारियों का जायजा लिया।</p>



<p>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अधिकारियों को निगरानी और जांच की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से तैयार रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि देश में अभी तक इबोला वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है।</p>



<p>स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, नड्डा ने बैठक में कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और प्रवेश के अन्य स्थानों पर जांच और निगरानी शुरू कर दी गई है। साथ ही जांच, क्वारंटाइन और संक्रमण की रोकथाम के दिशानिर्देश सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को भेज दिए गए हैं।</p>



<p>इस बीच, विमानन नियामक डीजीसीए ने कांगो व युगांडा से उड़ानों का संचालन करने वाली एयरलाइनों को इन देशों से आने वाले या वहां से होकर गुजरने वाले यात्रियों से अनिवार्य रूप से स्व-घोषणा पत्र भरवाने को कहा है। डीजीसीए ने विमान के अंदर घोषणाएं करने का भी निर्देश दिया है।</p>



<p>गौरतलब है कि कांगो और युगांडा में फैलने के बाद इबोला के अब तक 900 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। युगांडा में सोमवार को इबोला के दो और मामले सामने आए।</p>



<p>रॉयटर के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने कहा कि कांगो और युगांडा में फैल रहा इबोला का संक्रमण बचाव प्रयासों पर भारी पड़ रहा है एवं स्थितियां अब बेहतर होने की बजाय और खराब होंगी।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेरिका: H1-B, L-1, F-1 OPT वीजा धारकों के लिए ग्रीन कार्ड नियम बदले&#8230;</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170558</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 07:04:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="801" height="449" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/ukgi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/ukgi.jpg 801w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/ukgi-768x431.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/ukgi-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 801px) 100vw, 801px" />अमेरिका की US सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने एक नई पॉलिसी मेमो की घोषणा की है, जिसके तहत देश में ग्रीन कार्ड चाहने वाले विदेशियों को अब अमेरिका की बजाय अपने देश से ही आवेदन करना होगा। इस घोषणा में, USCIS के प्रवक्ता जैक काहलर ने कहा, &#8220;यह पॉलिसी हमारे इमिग्रेशन सिस्टम को वैसे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="801" height="449" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/ukgi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/ukgi.jpg 801w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/ukgi-768x431.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/ukgi-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 801px) 100vw, 801px" />
<p>अमेरिका की US सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने एक नई पॉलिसी मेमो की घोषणा की है, जिसके तहत देश में ग्रीन कार्ड चाहने वाले विदेशियों को अब अमेरिका की बजाय अपने देश से ही आवेदन करना होगा।</p>



<p>इस घोषणा में, USCIS के प्रवक्ता जैक काहलर ने कहा, &#8220;यह पॉलिसी हमारे इमिग्रेशन सिस्टम को वैसे काम करने देती है, जैसा कि कानून का मकसद है, न कि इसमें मौजूद कमियों का फायदा उठाने को बढ़ावा देती है।&#8221;</p>



<p>उन्होंने कहा कि जब विदेशी अपने देश से आवेदन करते हैं, तो उन लोगों को ढूंढने और निकालने की जरूरत कम हो जाती है, जो रेजिडेंसी (रहने की अनुमति) न मिलने पर छिपकर अमेरिका में गैर-कानूनी तरीके से रहने लगते हैं।</p>



<p>एजेंसी ने एक बयान में कहा, &#8220;छात्र, अस्थायी कर्मचारी या टूरिस्ट वीजा पर आने वाले गैर-प्रवासी थोड़े समय के लिए और किसी खास मकसद से अमेरिका आते हैं। सिस्टम यही है कि जब उनका दौरा खत्म हो जाए तो वे वापस चले जाएं। उनका यह दौरा ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का पहला कदम नहीं बनना चाहिए।&#8221;आप्रवासन कानूनों का उल्लंघन, या किसी भी आप्रवासन दर्जे (status) की शर्तों का उल्लंघन<br>किसी भी सरकारी एजेंसी के साथ धोखाधड़ी या झूठी गवाही के वर्तमान या पिछले मामले<br>देश में प्रवेश करने के बाद किया गया कोई भी ऐसा आचरण, जो उस वीजा के मूल उद्देश्य के अनुरूप न हों<br>शुरुआत में की गई उम्मीद के अनुसार देश छोड़कर न जाना। मेमो में इसे &#8220;इस विश्लेषण के लिए अत्यंत प्रासंगिक&#8221; बताया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">USCIS के नए मेमो का आपकी वर्कफोर्स के लिए क्या मतलब है?</h2>



<p>21 मई, 2026 को USCIS ने अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे ग्रीन कार्ड आवेदनों की समीक्षा करते समय अधिक सख्त मानक लागू करें, जो USA के भीतर रहकर रहकर अप्लाई किए गए हैं।</p>



<p>अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया है कि U.S. में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करना एक राहत का एक &#8216;असाधारण&#8217; रूप है और इसे वीजा जारी करने की &#8216;नियमित कांसुलर प्रक्रिया&#8217; की जगह लेने के लिए डिजाइन नहीं किया गया था।<br><br>इस मेमो का मतलब है कि अमेरिका में काम करने वाले वो विदेशी नागरिक अपने वीजा का मकसद पूरा होने के बाद USA छोड़ देंगे, जिनके पास F-1 OPT/STEM OPT वीजा है। इस तरह का वीजा&#8217;नॉन-डुअल इंटेंट&#8217; (दोहरे इरादे वाला नहीं) माना जाता है।</p>



<p>वहीं, वे लोग जिन्हें वीजा से छूट (जैसे, ESTA) मिली हुई है, उन्हें U.S. के बाहर किसी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से &#8216;एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस&#8217; के लिए आवेदन करना होगा।</p>



<p>ऐसा उन्हें तभी नहीं करना होगा, जब वे कोई &#8216;असाधारण परिस्थिति&#8217; दिखा सकें। हालांकि, इस मेमो में &#8216;असाधारण परिस्थिति&#8217; को परिभाषित नहीं किया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">Memo में क्या कहा गया है?</h2>



<p>USCIS के पास हमेशा से ग्रीन कार्ड के आवेदन को अस्वीकार करने का कानूनी अधिकार रहा है, भले ही आवेदक सभी शर्तों को पूरा करता हो। यानी यह अधिकार &#8216;विवेक&#8217; (discretion) पर आधारित होता है।</p>



<p>यह मेमो इस बात की पुष्टि करता है कि इस अधिकार का प्रयोग अब और भी अधिक सोच-समझकर और सख्ती से किया जाना चाहिए।</p>



<p><strong>अधिकारियों को मूल्यांकन करने के लिए नकारात्मक कारकों की सूची&nbsp;</strong></p>



<p>आप्रवासन कानूनों का उल्लंघन, या किसी भी आप्रवासन दर्जे (status) की शर्तों का उल्लंघन<br>किसी भी सरकारी एजेंसी के साथ धोखाधड़ी या झूठी गवाही के वर्तमान या पिछले मामले<br>देश में प्रवेश करने के बाद किया गया कोई भी ऐसा आचरण, जो उस वीजा के मूल उद्देश्य के अनुरूप न हों<br>शुरुआत में की गई उम्मीद के अनुसार देश छोड़कर न जाना। मेमो में इसे &#8220;इस विश्लेषण के लिए अत्यंत प्रासंगिक&#8221; बताया गया है।</p>



<p>इन कारकों को सख्त बनाने के लिए, मेमो ने एक बहुत ऊंचा मानक (high bar) तय किया है। आवेदकों को &#8216;असामान्य या असाधारण&#8217; कारकों को दिखाना होगा, जिसमें पारिवारिक संबंध और नैतिक चरित्र शामिल हैं।</p>



<p>इसका अर्थ यह है कि सकारात्मक कारक इतने मजबूत होने चाहिए कि वे इस तथ्य पर भारी पड़ सकें कि आवेदक ने विदेश से आवेदन करने के बजाय U.S. में ही रुककर आवेदन करने का विकल्प चुना।</p>



<p>मेमो के लहजे को देखते हुए, यह उम्मीद की जा सकती है कि USCIS इस नियम को काफी सख्ती से लागू करेगा। आपकी वर्कफोर्स के लिए इसका क्या मतलब है?</p>



<h2 class="wp-block-heading">कर्मचारी से ज्यादा HR को करना होगा काम&nbsp;&nbsp;</h2>



<p>HR और मोबिलिटी टीमों के लिए इसका मतलब ये हुआ कि ग्रीन कार्ड फाइलिंग में आपके कर्मचारियों से ज्यादा आपको मेहनत की जरूरत होगी। इसके लिए इमिग्रेशन वकीलों को पहले से ही ऐसी फाइलें तैयार करनी चाहिए, जो आवेदक के U.S. से जुड़ाव, उनके नियमों के पालन के रिकॉर्ड और उनके मामले को आगे क्यों बढ़ाया जाना चाहिए? इन बातों को दस्तावेजों में दर्ज करती हों।</p>



<p>हालांकि जांच-पड़ताल का स्तर बदल गया है। अब फाइलिंग को सामान्य प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। वकीलों को अब हर I-485 आवेदन के लिए एक मजबूत तर्क देना होगा कि इस व्यक्ति को U.S. से बाहर जाने के बजाय, U.S. के अंदर से ही अपने ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए?</p>



<p>जिन लोगों के पास&#8217;नॉन-डुअल इंटेंट&#8217; वीजा है, उन्हें ज्यादा डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी। मेमो में अधिकारियों से कुछ बातों पर विचार करने को कहा गया है, जिनमें पारिवारिक जुड़ाव, इमिग्रेशन की स्थिति और इतिहास, आवेदक का नैतिक चरित्र शामिल हैं। इनमें से हर बात को सबूतों के साथ साबित करना होगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>H-1B और L-1 कर्मचारी</strong></h2>



<p>इसका मतलब है कि भले ही H-1B और L-1 कर्मचारी लंबे समय से U.S. के भीतर अपनी स्थिति में बदलाव (adjustment of status) के लिए आवेदन कर पा रहे हैं, लेकिन अब वे यह नहीं मान सकते कि यह रास्ता अपने आप और सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही पूरा हो जाएगा।</p>



<p>अधिकारियों को ऐसे ठोस तर्क चाहिए, जिनसे यह साबित हो सके कि आवेदक U.S. में अपनी स्थिति में बदलाव के हकदार क्यों हैं। इन तर्कों में टैक्स का इतिहास, पारिवारिक परिस्थितियां, करियर में प्रगति, और U.S. में उनकी जड़ों से जुड़े अन्य सबूत शामिल हो सकते हैं।</p>



<p><strong>उदाहरण से समझिए</strong></p>



<p>एक H-1B कर्मचारी U.S. के किसी नागरिक से शादी कर लेता है और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करता है, लेकिन मान लीजिए कुछ साल पहले उन्हें &#8216;अव्यवस्था फैलाने&#8217; (disorderly conduct) के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।</p>



<p>अब भले ही उनकी सजा रद कर दी गई हो या उन्हें H-1B वीजा मिल गया हो, लेकिन इस मेमो के तहत, उस गिरफ्तारी को अभी भी उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है। जो मामले पहले तेजी से निपट जाते थे, अब शायद उतनी तेजी से न निपटें।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>OPT पर मौजूद F-1 छात्र</strong></h2>



<p>F-1 कोई &#8216;दोहरे इरादे&#8217; (dual intent) वाला वीजा नहीं है। जब छात्र USCIS के जरिए इस दर्जे के लिए या दूतावास में वीजा के लिए आवेदन करते हैं, तो वे अधिकारी को यह बताते हैं कि उनका इरादा अपने देश वापस लौटने का है।</p>



<p>यह मेमो अधिकारियों को निर्देश देता है कि जब वही छात्र बाद में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करें, तो वे उनके द्वारा पहले दिए गए इस बयान को भी ध्यान में रखें। अगर आप OPT पर ऐसे लोगों को नौकरी दे रहे हैं, जो स्थायी निवास (permanent residence) की राह पर हैं, तो इस बारे में अपने इमिग्रेशन वकील से बात करना जरूरी है।</p>



<p><strong>उदाहरण से समझिए</strong></p>



<p>एक F-1 OPT कर्मचारी कंप्यूटर साइंस में PhD पूरी करता है, एक टेक कंपनी में अपना STEM OPT पूरा करता है और यह तर्क देते हुए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करता है कि उसका काम &#8216;राष्ट्रीय हित&#8217; में है।</p>



<p>मेरिट के आधार पर यह एक मजबूत मामला है, सिवाय इसके कि सालों पहले उसने एक दूतावास अधिकारी से कहा था कि उसकी योजना अपने देश वापस लौटने की है।</p>



<p>इस मेमो के तहत, अधिकारी अब यह पूछ सकते हैं कि उन्होंने असल में U.S. में ही रुकने का फ़ैसला कब किया और वे इस बात को उनके ग्रीन कार्ड आवेदन पर फैसला लेते समय ध्यान में रख सकते हैं।</p>



<p>हो सकता है कि उनका आवेदन पूरी तरह से रद न हो, लेकिन उन्हें अपने इस बदले हुए फ़ैसले के बारे में सीधे तौर पर सफाई देनी होगी और यह बताना होगा कि वे U.S. के भीतर ही अपनी स्थिति में बदलाव के लिए आवेदन क्यों कर रहे हैं?</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>EB-2 और EB-3 बैकलॉग मामले</strong></h2>



<p>वह कर्मचारी, जो EB-2 या EB-3 जो शायद एक दशक या उससे ज्यादा समय से ग्रीन वीजा की कतार में हैं। उनके लिए इस मेमो का ज़ोर &#8216;इक्विटीज&#8217; (न्यायसंगत आधार) पर है।</p>



<p>ये ऐसे संकेत हैं कि आवेदक ने U.S. में अपना जीवन बसा लिया है और यह बात उनके पक्ष में काम करती है। U.S. के साथ गहरे और सकारात्मक संबंध, लंबे समय का रोज़गार इतिहास, यहीं पले-बढ़े बच्चे, संबंधित इमिग्रेशन कानूनों का लगातार पालन और ऐसे जीवनसाथी जिनका करियर U.S. में पहले से ही स्थापित है।</p>



<p>ये सभी इस बात के सबूत हो सकते हैं कि इस व्यक्ति को U.S. के भीतर से ही आवेदन करने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए? हालांकि, इन सबूतों का दस्तावेज़ीकरण (documentation) बहुत मजबूत होना चाहिए।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>B-1, B-2, और ESTA यात्री</strong></h2>



<p>B-1, B-2, या ESTA वीजा पर आने वाले यात्रियों को इस मेमो के तहत सबसे ज्यादा जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि जब उन्होंने आवेदन किया था, तो उन्होंने एक कांसुलर अधिकारी को बताया था कि वे एक छोटी यात्रा के लिए आ रहे हैं और उसके बाद वापस चले जाएंगे।</p>



<p>इसके बाद, U.S. के भीतर से ही ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करना आवेदक के खिलाफ जा सकता है, भले ही वह किसी वैध विवाह के मामले में ही क्यों न हों।<br>अब अधिकारियों को एक ऐसी बात के तौर पर देखने के लिए कहा जा रहा है, जो आवेदक के खिलाफ जा सकती है।</p>



<p>यदि कोई कर्मचारी या उसका जीवनसाथी विजिटर वीजा पर U.S. में आया था और अब ग्रीन कार्ड पाने की कोशिश कर रहा है, तो आवेदन दाखिल करने से पहले अपने इमिग्रेशन वकील को इस बारे में जरूर सूचित करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170555</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 06:54:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="804" height="452" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj.jpg 804w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj-768x432.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 804px) 100vw, 804px" />अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी तनाव पर वे किसी बड़े फैसले के करीब हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं और रविवार तक यह तय कर लेंगे कि बातचीत को आगे बढ़ाना है या सैन्य कार्रवाई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="804" height="452" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj.jpg 804w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj-768x432.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 804px) 100vw, 804px" />
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी तनाव पर वे किसी बड़े फैसले के करीब हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं और रविवार तक यह तय कर लेंगे कि बातचीत को आगे बढ़ाना है या सैन्य कार्रवाई करनी है।</p>



<p>ट्रंप ने कहा कि स्थिति 50-50 पर है। या तो वे एक अच्छा समझौता कर लेंगे या फिर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देंगे। सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक समझौते के बहुत करीब पहुंच रहे हैं, जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा और उनके संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित रूप से संभालने की गारंटी देगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल</h2>



<p>राष्ट्रपति&nbsp;ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, यूएई, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं के साथ फोन पर बात करने की योजना बनाई है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि ईरान वार्ता पर जल्द ही कोई खबर आ सकती है।</p>



<p>दूसरी ओर, ईरान ने भी एक 14-सूत्रीय समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने की बात कही है और अमेरिका के साथ संबंधों में सुधार की दिशा में संकेत दिए हैं, हालांकि अभी भी कुछ बिंदुओं पर मतभेद बरकरार हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा FDI स्रोत बना अमेरिका</h2>



<p>वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, अमेरिका भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने मॉरीशस को पीछे छोड़ दिया है, जबकि सिंगापुर अभी भी भारत में निवेश करने वाला शीर्ष देश बना हुआ है। 2025-26 में अमेरिका से भारत में इक्विटी निवेश दोगुना होकर 11 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।</p>



<p>निवेश का रुख अब बदल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का क्षेत्र निवेश के मामले में सबसे आगे रहा, जिसने सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया है। डेटा सेंटर्स में हो रहे भारी निवेश को इसका एक मुख्य कारण माना जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तेलंगाना में गर्मी से 16 की मौत, हिमाचल प्रदेश में लू का अलर्ट&#8230;</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170552</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 05:57:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="801" height="442" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/io.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/io.jpg 801w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/io-768x424.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 801px) 100vw, 801px" />&#160;देश के कई राज्य भीषण गर्मी लू की चपेट में हैं। शनिवार को भीषण गर्मी और झुलसा देने वाली हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।मौसम विभाग (आइएमडी) ने चेतावनी दी है कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रविवार से तापमान में और वृद्धि होने की संभावना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="801" height="442" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/io.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/io.jpg 801w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/io-768x424.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 801px) 100vw, 801px" />
<p>&nbsp;देश के कई राज्य भीषण गर्मी लू की चपेट में हैं। शनिवार को भीषण गर्मी और झुलसा देने वाली हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।मौसम विभाग (आइएमडी) ने चेतावनी दी है कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रविवार से तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है।</p>



<p>हरियाणा के रोहतक में अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब के बठिंडा में तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अमृतसर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लुधियाना का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पंजाब में कैसा रहेगा मौसम?</h2>



<p>पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह ने सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे हीट स्ट्रोक प्रबंधन के लिए समर्पित यूनिट चालू करें, जिनमें आइस पैक सहित सक्रिय शीतलन उपाय और आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति उपलब्ध हों।</p>



<p>हरियाणा में, अंबाला का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि हिसार का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग (आइएमडी) ने सोमवार के लिए झारखंड के तीन जिलों गढ़वा, पलामू और चतरा के लिए लू का अलर्ट जारी किया है, जबकि अगले छह दिनों में कई अन्य जिलों में गरज, बिजली और मध्यम वर्षा होने की संभावना है।</p>



<p>धनबाद में रविवार को बारिश की संभावना को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि लू के कारण राज्य के सात जिलों में 16 लोगों की मौत हो गई है। राजस्थान में, चित्तौड़गढ़ पिछले 24 घंटों में 44.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दिल्ली में 45 डिग्री के पार तापमान</h2>



<p>मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार से तापमान में और वृद्धि होने की आशंका है। दिल्ली के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।</p>



<p>हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्टहिमाचल प्रदेश में, शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 26 और 27 मई को राज्य के कुछ हिस्सों में लू चलने की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जैसे जिले इससे प्रभावित हो सकते हैं। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज के साथ तूफान आने की भी संभावना है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पर्यावरण मामले पर CJI की टिप्पणी को लेकर पूर्व नौकरशाहों ने जताया ऐतराज</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170549</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 05:49:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="775" height="438" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/utio.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/utio.jpg 775w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/utio-768x434.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/utio-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 775px) 100vw, 775px" />70 से अधिक सेवानिवृत्त सिविल सेवकों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को ओपन लेटर लिखा है। यह पत्र नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई के दौरान पर्यावरण याचिकाकर्ताओं पर की गई उनकी हालिया टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त करने के लिए लिखा गया है। यह खुला पत्र 71 हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="775" height="438" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/utio.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/utio.jpg 775w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/utio-768x434.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/utio-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 775px) 100vw, 775px" />
<p>70 से अधिक सेवानिवृत्त सिविल सेवकों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को ओपन लेटर लिखा है। यह पत्र नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई के दौरान पर्यावरण याचिकाकर्ताओं पर की गई उनकी हालिया टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त करने के लिए लिखा गया है।</p>



<p>यह खुला पत्र 71 हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा जारी किया गया है, जो कॉन्स्टिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप का हिस्सा हैं। विवाद की जड़ 26 नवंबर, 2025 का NGT का वह आदेश है, जिसमें गुजरात में पिपावाव पोर्ट विस्तार परियोजना को दी गई पर्यावरणीय और तटीय विनियमन क्षेत्र की मंजूरी को बरकरार रखा गया था।</p>



<p>सुनवाई के दौरान, सीजेआई ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि हमें भारत में भी ऐसी परियोजना दिखाएं जहां पर्यावरण कार्यकर्ता कहें, हम इस परियोजना का स्वागत करते हैं, देश अच्छी प्रगति कर रहा है। यह टिप्पणी लिखित आदेश का हिस्सा नहीं थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">लोकतांत्रिक मूल्यों पर खतरा</h2>



<p>सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने पत्र में कहा, &#8220;इस तरह के बयान भय पैदा कर सकते हैं और नागरिकों की असहमति की आवाज को दबा सकते हैं, जिससे उन्हें पारिस्थितिक क्षति और समुदायों तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभाव पर सवाल उठाने से हतोत्साहित किया जा सकता है।&#8221;</p>



<p>उन्होंने आगे कहा कि ऐसी टिप्पणियां&nbsp;बुनियादी रूप से लोकतंत्र के विरोधी प्रवृत्तियों को जन्म दे सकती हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता</h2>



<p>इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व आईएएस अधिकारी और कार्यकर्ता हर्ष मंदर, पूर्व विदेश सचिव के. रघुनाथ और पूर्व पर्यावरण सचिव मीना गुप्ता शामिल हैं।</p>



<p>सेवानिवृत्त अधिकारियों का कहना है कि सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी में पूर्वाग्रह और पक्षपात झलकता है। उन्होंने इसे देश के सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकारी की ओर से आया एक चिंताजनक बयान करार दिया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चीन की कोयला खदान में विस्फोट, 82 लोगों की मौत</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170516</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 May 2026 06:32:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="792" height="445" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/HK.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/HK.jpg 792w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/HK-768x432.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/HK-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" />शुक्रवार देर रात चीन त्तरी चीन के शांक्सी प्रांत स्थित &#8216;लियुशेनयु&#8217; कोयला खदान में भयानक गैस विस्फोट हुआ। इस दुर्घटना में 82 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 9 मजदूर लापता हैं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने बचाव कार्य में पूरी ताकत झोंकने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="792" height="445" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/HK.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/HK.jpg 792w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/HK-768x432.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/HK-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" />
<p>शुक्रवार देर रात चीन त्तरी चीन के शांक्सी प्रांत स्थित &#8216;लियुशेनयु&#8217; कोयला खदान में भयानक गैस विस्फोट हुआ। इस दुर्घटना में 82 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 9 मजदूर लापता हैं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने बचाव कार्य में पूरी ताकत झोंकने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।</p>



<p>चीन की सरकारी मीडिया शिन्हुआ के अनुसार, यह गैस धमाका शुक्रवार देर रात किनयुआन काउंटी की लियुशेन्यु कोयला खदान में हुआ। हादसे के वक्त खदान के भीतर 247 मजदूर काम कर रहे थे।</p>



<p>चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अधिकारियों से घायलों के इलाज और खोज व बचाव अभियान चलाने में कोई कसर न छोड़ने का आह्वान किया है। साथ ही, उन्होंने दुर्घटना के कारणों की गहन जांच करने और कानून के अनुसार कड़ी जवाबदेही तय करने का भी आदेश दिया।</p>



<p>वहीं, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी इन निर्देशों का समर्थन करते हुए, समय पर और सटीक जानकारी जारी करने तथा कड़ी जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हिरासत में कंपनी अधिकारी</h2>



<p>शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, खदान के लिए जिम्मेदार कंपनी के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। इससे पहले, शिन्हुआ ने केवल आठ लोगों के मारे जाने की खबर दी थी, और बताया था कि 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित रूप से जमीन के ऊपर निकाल लिया गया था। उसने मरने वालों की संख्या में अचानक हुई इस बढ़ोतरी का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।</p>



<p>चीन ने 2000 के दशक की शुरुआत से अधिक कड़े नियमों और सुरक्षित कार्यप्रणालियों को अपनाकर, कोयला खदानों में होने वाली मौतों (जो अक्सर गैस धमाकों या बाढ़ के कारण होती हैं) में काफी कमी की है। हालांकि, पिछले एक दशक में चीन के भीतर यह सबसे घातक खदान हादसों में से एक माना जा रहा है, और फिलहाल मौके पर राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। </p>
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		<title>हिंद महासागर में उतरा एलन मस्क का स्टारशिप</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/170513</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 May 2026 06:21:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="800" height="446" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/KUGKUTU.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/KUGKUTU.jpg 800w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/KUGKUTU-768x428.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" />स्पेसएक्स के स्टारशिप अंतरिक्ष यान ने शुक्रवार को हिंद महासागर में सफलतापूर्वक पानी में लैंडिंग किया। यह लैंडिंग कंपनी के विशालकाय रॉकेट के लेटेस्ट संस्करण की काफी हद तक सफल परीक्षण उड़ान के बाद हुई। इस तरह, लगभग एक घंटे तक चला यह मिशन जोरदार धमाके के साथ ठीक उसी जगह पर समाप्त हुआ, जहां &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="800" height="446" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/KUGKUTU.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/KUGKUTU.jpg 800w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/KUGKUTU-768x428.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" />
<p>स्पेसएक्स के स्टारशिप अंतरिक्ष यान ने शुक्रवार को हिंद महासागर में सफलतापूर्वक पानी में लैंडिंग किया। यह लैंडिंग कंपनी के विशालकाय रॉकेट के लेटेस्ट संस्करण की काफी हद तक सफल परीक्षण उड़ान के बाद हुई। इस तरह, लगभग एक घंटे तक चला यह मिशन जोरदार धमाके के साथ ठीक उसी जगह पर समाप्त हुआ, जहां मिशन योजनाकारों ने इसे समाप्त करने की योजना बनाई थी।</p>



<p>स्टारशिप के बड़े V3 मॉडल का पहला लॉन्च सफलताओं और असफलताओं के बीच एक नाटकीय संतुलन का खेल था। टेक्सास के सबसे दक्षिणी छोर पर स्थित SpaceX की Starbase लॉन्च सुविधाओं से उड़ान भरने के बाद इस मिशन में कई उतार-चढ़ाव आए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">स्टारशिप अंतरिक्ष यान का ऊपरी हिस्सा हिंद महासागर में जा गिरा</h2>



<p>उड़ान भरने के बाद यह यान खाड़ी के ऊपर से तेजी से गुजरा और लगभग एक घंटे बाद, स्टारशिप अंतरिक्ष यान का ऊपरी हिस्सा हिंद महासागर में जा गिरा। यह सब तब हुआ, जब इंजन में आई समस्या ने बार-बार यान को नष्ट करने का खतरा पैदा किया था।</p>



<p>गुरुवार को हुए लॉन्च के प्रयास के विपरीत, इस बार काउंटडाउन के दौरान कोई समस्या नहीं आई। स्टारशिप ने लॉन्च विंडो के ठीक शुरुआत में ही उड़ान भरी, और उसके सभी 33 Raptor इंजन पूरी ताकत से चालू हो गए।</p>



<p>हालांकि, इस उड़ान के दौरान कुछ तकनीकी खामियां भी सामने आईं, लेकिन परीक्षण उड़ान के पूरा होने के बाद लाइवस्ट्रीम में स्पेसएक्स के कर्मचारी खुशी से झूमते नजर आए। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब एलन मस्क के स्वामित्व वाली यह कंपनी अपना रिकॉर्ड-तोड़ इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है, जो संभावित रूप से जून में आ सकता है।</p>



<p>इस विशालकाय रॉकेट ने स्थानीय समयानुसार शाम 5:30 बजे के ठीक बाद अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। कंपनी का इरादा बूस्टर या ऊपरी चरण को वापस प्राप्त करने का नहीं था, और योजना के अनुसार अंतिम स्प्लैशडाउन आग की लपटों के साथ लेकिन पूरी तरह से नियंत्रित था। कंपनी ने एक्स पर इसकी पुष्टि करते हुए लिखा कि स्प्लैशडाउन की पुष्टि हो गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">नए डिजाइन और तकनीक का परीक्षण</h2>



<p>इस उड़ान में स्पेसएक्स का मुख्य उद्देश्य अपने नए डिज़ाइनों और तकनीक का परीक्षण करना था। स्टारशिप के इस तीसरी पीढ़ी के अंतरिक्ष यान ने हवा में एक ऐसा करतब दिखाया जिसमें यह सीधा हो गया और नियंत्रण स्थापित करने के लिए अपने इंजनों को फिर से चालू किया, वह भी तब जब इसका एक इंजन काम नहीं कर रहा था।</p>



<p>इसने अपने 22 डमी सैटेलाइट्स को भी तैनात किया, जिनमें से दो सैटेलाइट्स ने विश्लेषण के लिए अंतरिक्ष यान के हीट शील्ड की तस्वीरें लेने का प्रयास भी किया।</p>



<p>अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष से होकर तो गुजरा, लेकिन शुरुआती बर्न के दौरान इसके एक इंजन में खराबी आ जाने के कारण यह बिल्कुल सटीक कक्षा में नहीं पहुंच पाया। कंपनी के प्रवक्ता डैन हुओट ने कहा कि मैं इसे सटीक कक्षीय प्रविष्टि नहीं कहूंगा। हालांकि उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि यह पहले से आंके गए प्रक्षेपवक्र की सीमाओं के भीतर था।</p>



<p>उम्मीद के मुताबिक ऊपरी चरण से सुपर हैवी बूस्टर के अलग होने के बाद, हुओट ने लाइवस्ट्रीम पर बताया कि बूस्टर अपना बूस्ट-बैक बर्न पूरा करने में विफल रहा। इसके परिणामस्वरूप, बूस्टर अनियंत्रित होकर मेक्सिको की खाड़ी में तेजी से गिर गया। हालांकि स्पेसएक्स की इसे वापस लाने की योजना नहीं थी, लेकिन कंपनी को इसकी अधिक सटीक वापसी की उम्मीद थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">लॉन्च से पहले आई थी रुकावट</h2>



<p>शुक्रवार की यह उड़ान एक दिन पहले रद्द किए गए परीक्षण के बाद संभव हो सकी। अंतिम समय में आई कुछ तकनीकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाने के कारण, उल्टी गिनती को बीच में रोकना पड़ा था। मस्क ने तुरंत एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि &#8220;टॉवर आर्म को अपनी जगह पर रखने वाला हाइड्रोलिक पिन वापस नहीं हटा।&#8221; स्पेसएक्स ने बताया कि इस समस्या को रातोरात ठीक कर लिया गया था।</p>



<p>स्टारशिप की यह कुल 12वीं उड़ान थी, लेकिन पिछले सात महीनों में यह पहला परीक्षण था। इसका नवीनतम डिज़ाइन अपने पिछले संस्करण की तुलना में काफी बड़ा है, जो पूरी तरह से जोड़े जाने पर 407 फीट (124 मीटर) से अधिक लंबा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आगे का लंबा सफर और आर्टेमिस मिशन</h2>



<p>स्पेसएक्स की इस प्रगति पर बहुत कुछ निर्भर करता है। कंपनी ने नासा के साथ स्टारशिप का एक संशोधित संस्करण बनाने का अनुबंध किया है, जो भविष्य में लूनर लैंडिंग सिस्टम के रूप में काम करेगा।</p>



<p>अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के आर्टेमिस कार्यक्रम का लक्ष्य इंसानों को चंद्रमा पर वापस भेजना है, वहीं चीन भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और उसने 2030 तक अपने पहले मानवयुक्त मिशन का लक्ष्य रखा है।</p>



<p>सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के एयरोस्पेस विशेषज्ञ क्लेटन स्वोप ने एएफपी को बताया कि स्टारशिप के अपग्रेड किए गए संस्करण ने लॉन्च के दौरान वह ज्यादातर काम किया जिसकी स्पेसएक्स ने उम्मीद की थी।</p>



<p>हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अगले आर्टेमिस मिशन के लिए स्टारशिप के तैयार होने से पहले अभी लंबा रास्ता तय करना है और कई और परीक्षण उड़ानें होनी बाकी हैं।</p>
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