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	<title>देश-विदेश &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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	<description>Hindi News, Breaking News, Politics &#38; Lifestyle News</description>
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	<title>देश-विदेश &#8211; अमर राष्ट्र  |  Amar Rashtra</title>
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		<title>NATO सम्मेलन के दौरान फिसली ट्रंप की जुबान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 07:18:12 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="711" height="401" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/1-6.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/1-6.jpg 711w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/1-6-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 711px) 100vw, 711px" />
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने एक अजीबोगरीब बयान को लेकर चर्चा में हैं। तुर्किये में आयोजित NATO शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने ईरान के बारे में बात करते हुए ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान’ कह दिया।</p>



<p>इस दौरान ट्रंप ने दावा किया कि इस देश ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत पर 111 मिसाइलें दागी थीं। ट्रंप का यह बयान कुछ देर में वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर उनका जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या है पूरा मामला?</h2>



<p>दरअसल तुर्कियें में NATO शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ईरान के साथ हालिया तनाव का जिक्र कर रहे है। इसी दौरान उन्होंने कहा, “हम पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान की तरफ से 111 मिसाइलें दागी गई थीं। उन्होंने हमारे एयरक्राफ्ट कैरियर को निशाना बनाया।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप का ईरान की ओर था ईशारा</h2>



<p>हालांकि, ट्रंप ने आगे ईरान के मिसाइल हमलों के बारे में बताना जारी रखा, जिससे साफ हो गया कि वह जापान की नहीं, बल्कि ईरान की बात कर रहे थे। वह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान कहना चाह रहे थे, लेकिन उन्होंने गलती से इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान कह दिया। क्योंकि, जापान एक लोकतांत्रिक देश है और उसका ईरान से कोई संबंध नहीं है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सोशल मीडिया पर जमकर उड़ाया जा रहा मजाक</h2>



<p>उनकी इस चूक की खबर कुछ ही मिनटों में फैल गई और सोशल मीडिया पर उनका खूब मजाक उड़ाया जा रहा है और आलोचना के शिकार हो रहे हैं, साथ ही मीम्स की भी बाढ़ आ गई है।</p>



<p>Kyoto यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर नाओकी यामामोटो ने इसको लेकर कहा, “यह वह ऐतिहासिक पल है जब अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर आधिकारिक तौर पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ जापान को मान्यता दी।”</p>
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		<item>
		<title>मशहद में सुपुर्द-ए-खाक हुए अयातुल्ला अली खामेनेई</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172207</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 07:15:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="711" height="402" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-2.jpg 711w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-2-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 711px) 100vw, 711px" />अमेरिका-इजरायल हमलों में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार को मशहद स्थित शिया समुदाय के पवित्र इमाम रेजा दरगाह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके अंतिम विदाई के साथ ही पिछले एक सप्ताह से चल रहे शोक समारोह, जुलूस और श्रद्धांजलि कार्यक्रम संपन्न हो जाएंगे। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="711" height="402" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-2.jpg 711w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-2-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 711px) 100vw, 711px" />
<p>अमेरिका-इजरायल हमलों में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार को मशहद स्थित शिया समुदाय के पवित्र इमाम रेजा दरगाह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।</p>



<p>उनके अंतिम विदाई के साथ ही पिछले एक सप्ताह से चल रहे शोक समारोह, जुलूस और श्रद्धांजलि कार्यक्रम संपन्न हो जाएंगे। हालांकि, इस दौरान उनके उत्तराधिकारी बेटे मोजतबा खामेनेई नजर नहीं आए।</p>



<p>अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण अंतिम विदाई की रस्में कई घंटे तक टालनी पड़ीं। हजारों लोग तड़के से ही सड़कों, मस्जिदों और दरगाह परिसर में जुट गए थे।</p>



<p>काले कपड़ों में पहुंचे शोकाकुल लोग खामेनेई के समर्थन और उनकी हत्या का बदला लेने के नारे लगा रहे थे। भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं के लिए पानी और अन्य व्यवस्थाएं की गईं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">खामेनेई को मशहद में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक</h3>



<p>ईरानी मीडिया ने दावा किया कि मशहद के आसपास अमेरिकी हमलों के कारण भी अंतिम विदाई में देरी हुई, हालांकि अमेरिकी सेना ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।</p>



<p>खामेनेई के ताबूत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग रातभर दरगाह परिसर में डटे रहे। कई परिवार खुले परिसर में ही ठहरे और सुबह अंतिम रस्मों का इंतजार करते रहे।</p>



<p>खामेनेई के अंतिम विदाई की शुरुआत पिछले सप्ताह तेहरान से हुई थी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को तेहरान, कोम, इराक के नजफ और कर्बला ले जाया गया और अंततः मशहद लाया गया। इस दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।</p>



<p>मशहद में आयोजित अंतिम विदाई समारोह में केवल ईरान ही नहीं, बल्कि इराक, पाकिस्तान, भारत, नाइजीरिया और सेनेगल सहित कई देशों से भी शिया समुदाय के लोग पहुंचे।</p>



<p>विश्लेषकों के अनुसार, यह अंतिम विदाई आधुनिक शिया राजनीति और धार्मिक नेतृत्व के एक प्रभावशाली अध्याय के अंत का प्रतीक माना जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>NEET-UG परीक्षा के संचालन पर 16 जुलाई को संसदीय समिति करेगी चर्चा</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172204</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 07:12:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="704" height="392" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/212.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />एक संसदीय पैनल 16 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत मेडिकल कोर्सों में प्रवेश से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी के संचालन पर चर्चा करेगा। नीट-यूजी पहले ही दो अन्य संसदीय समितियों द्वारा चर्चा का विषय बन चुका है, जिन्होंने स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ-साथ परीक्षा आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="704" height="392" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/212.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>एक संसदीय पैनल 16 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत मेडिकल कोर्सों में प्रवेश से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी के संचालन पर चर्चा करेगा।</p>



<p>नीट-यूजी पहले ही दो अन्य संसदीय समितियों द्वारा चर्चा का विषय बन चुका है, जिन्होंने स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ-साथ परीक्षा आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और सीबीआइ के अधिकारियों को बुलाया था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">संसदीय समिति अगले सप्ताह करेगी चर्चा</h3>



<p>समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव की अध्यक्षता में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर संसदीय स्थायी समिति अगले सप्ताह इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेगी।</p>



<p>यह समिति बैठक में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से जुड़ी रेगुलेटरी संस्थाओं के संगठनात्मक ढांचे, अधिकार-क्षेत्र और कामकाज की दक्षता के मुद्दों पर भी चर्चा करेगी।</p>



<p>नीट-यूजी तीन मई को आयोजित किया गया था लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद कर दिया गया था और 21 जून को इस परीक्षा को फिर से कराया गया था।</p>



<p>यह संसदीय समिति 15 जुलाई को बुलाई बैठक में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सस्ती और सुलभता के मुद्दे पर भी चर्चा करेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026: दुनिया में रहने लायक शहरों की लिस्ट में टॉप पर कोपेनहेगन</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172201</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 07:07:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="725" height="400" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/1-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />हाल ही में इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026 जारी किया गया है। इस सप्ताह जारी किए गए इस सूचकांक में दुनिया भर के 173 शहरों का उनके रहने योग्य मापदंडों के आधार पर आकलन किया गया। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन ने अपना दबदबा कायम रखते हुए दुनिया के सबसे रहने योग्य शहर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="725" height="400" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/1-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>हाल ही में इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026 जारी किया गया है। इस सप्ताह जारी किए गए इस सूचकांक में दुनिया भर के 173 शहरों का उनके रहने योग्य मापदंडों के आधार पर आकलन किया गया।</p>



<p>डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन ने अपना दबदबा कायम रखते हुए दुनिया के सबसे रहने योग्य शहर का खिताब बरकरार रखा है। इस सूची में ऑस्ट्रिया के शहर वियना ने दूसरा और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न ने तीसरा स्थान हासिल किया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारतीय शहरों की स्थिति में कोई सुधार नहीं</h2>



<p>इस सूचकांक में भारतीय शहरों की स्थिति निराशाजनक रही है और पिछले साल के मुकाबले इनमें कोई खास बदलाव नहीं देखा गया है। देश की राजधानी नई दिल्ली 120वें स्थान पर है, जिसके ठीक बाद मुंबई 121वें स्थान पर काबिज है।</p>



<p>इन दोनों ही शहरों की रैंकिंग पिछले वर्ष के समान ही रही है। वहीं, दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों चेन्नई और बेंगलुरु को इस वैश्विक सूची में क्रमशः 123वां और 127वां स्थान प्राप्त हुआ है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एशिया का बढ़ता दबदबा लेकिन यूरोप की स्थिरता</h2>



<p>रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी यूरोप अभी भी रहने के लिहाज से सबसे मजबूत क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन इसके औसत स्कोर में अब एक ठहराव आ गया है। इसके विपरीत, एशिया के औसत स्कोर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।</p>



<p>इसका एक बड़ा उदाहरण चीन है, जहां 2025 की तुलना में इस साल 10 शहरों की रैंकिंग में काफी सुधार दर्ज किया गया है। इसके अलावा, रिपोर्ट में इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि ईरान युद्ध के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता को भारी नुकसान पहुंचा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">खराब रैंकिंग का निवेश</h2>



<p>अर्बन गवर्नेंस के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था जनाग्रह के सीईओ श्रीकांत विश्वनाथन ने भारतीय शहरों के प्रदर्शन पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह की खराब रैंकिंग का सीधा अर्थ यह है कि हम वैश्विक निवेशकों और बेहतरीन टैलेंट के लिए कम आकर्षक बनते जा रहे हैं।</p>



<p>उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए हमें अपने शहरों को और अधिक मजबूत तथा रहने योग्य बनाने की सख्त आवश्यकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ISRO ने गगनयान क्रू मॉड्यूल के पैराशूट का किया सफल परीक्षण</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172173</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:37:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="691" height="398" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज बुधवार, 8 जुलाई को गगनयान क्रू मॉड्यूल के लिए मुख्य पैराशूट सिस्टम का सफल परीक्षण कर लिया है। मध्य प्रदेश के श्योपुर में एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADRDE) ड्रॉप जोन में यह परीक्षण किया गया।&#160;इस सफल परीक्षण के साथ भारत ने पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="691" height="398" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज बुधवार, 8 जुलाई को गगनयान क्रू मॉड्यूल के लिए मुख्य पैराशूट सिस्टम का सफल परीक्षण कर लिया है।</p>



<p>मध्य प्रदेश के श्योपुर में एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADRDE) ड्रॉप जोन में यह परीक्षण किया गया।&nbsp;इस सफल परीक्षण के साथ भारत ने पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ISRO ने&nbsp;गगनयान क्रू मॉड्यूल का किया सफल परीक्षण</h3>



<p>ISRO ने मिशन के सफल परीक्षण के बाद बयान जारी करते हुए कहा, ‘इस परीक्षण का मकसद पहले बिना क्रू वाले गगनयान G1 मिशन के दौरान ज्यादा से ज्यादा संभावित लोड की स्थिति में मुख्य पैराशूट की मजबूती और डिजाइन मार्जिन को परखना था।’</p>



<p>परीक्षण के दौरान, भारतीय वायु सेना के IL-76 विमान से 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से एक नकली असेंबली को गिराया गया, जिसमें एक मुख्य पैराशूट और एक डमी पेलोड शामिल था।</p>



<p>इसे गिराने के बाद, असेंबली को स्थिर करने और नीचे आने की गति को काफी कम करने के लिए एक ‘ड्रोग’ पैराशूट खोला गया। इसके बाद मुख्य पैराशूट खोला गया, जिससे पेलोड सुरक्षित गति (टर्मिनल वेलोसिटी) के साथ नीचे उतरा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पैराशूट सिस्टम की हुई चेकिंग</h3>



<p>ISRO ने बताया, IMAT-05 के सफल समापन से पहले बिना क्रू वाले गगनयान मिशन (G1) के लिए मुख्य पैराशूट सिस्टम के प्रदर्शन और उसके सही काम करने से भरोसा मिलता है।’</p>



<p>इसरो ने आगे बताया, ‘यह गगनयान मिशन के लिए अहम मुख्य पैराशूट को परखने के लिए इंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयरड्रॉप टेस्ट (IMAT) की सीरीज का पांचवां परीक्षण है।’</p>



<p>गगनयान क्रू मॉड्यूल में पैराशूट सिस्टम लगा है जिसमें चार अलग-अलग तरह के 10 पैराशूट हैं। हर पैराशूट को मॉड्यूल के नीचे उतरने के दौरान एक खास काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।</p>



<p>गगनयान क्रू मॉड्यूल में पैराशूट सिस्टम में दो ‘एपेक्स कवर सेपरेशन’ पैराशूट शामिल हैं। ये पैराशूट सुरक्षात्मक एपेक्स कवर को अलग करते हैं जो पैराशूट कंपार्टमेंट को वायुमंडल में दोबारा प्रवेश के दौरान पैदा होने वाली तेज गर्मी से बचाता है।</p>



<p>इस पैराशूट सिस्टम में नीचे उतरते मॉड्यूल को स्थिर करने और उसकी स्पीड को कम करने के लिए दो ‘ड्रोग’ पैराशूट भी हैं। साथ ही, तीन ‘पायलट’ पैराशूट हैं जो नीचे उतरने के आखिरी चरण के लिए तीन मुख्य पैराशूट को अलग से बाहर निकालते और खोलते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ट्रंप का बड़ा दावा- &#8216;मैं टारगेट हूं&#8217;, ईरान से शांति समझौता खत्म करने की बताई वजह</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172143</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 03:30:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Donald Trump]]></category>
		<category><![CDATA[Iran News]]></category>
		<category><![CDATA[Middle East War]]></category>
		<category><![CDATA[Trump Statement]]></category>
		<category><![CDATA[US Iran Relations]]></category>
		<category><![CDATA[World News]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="1280" height="720" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57.png 1280w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि वह खुद संभावित हमलों का &#8216;टारगेट&#8217; हैं और उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसी सुरक्षा और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए अमेरिका &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1280" height="720" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57.png 1280w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />
<p>मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रंप</strong> ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि वह खुद संभावित हमलों का <strong>&#8216;टारगेट&#8217;</strong> हैं और उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसी सुरक्षा और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने ईरान के साथ शांति समझौते की प्रक्रिया समाप्त कर सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1280" height="720" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57.png" alt="" class="wp-image-172147" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57.png 1280w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-57-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></figure>



<p>तुर्किये की राजधानी <strong>अंकारा</strong> में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की आशंका है और ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">क्या कहा ट्रंप ने?</h2>



<p>मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने कहा कि—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>वह खुद संभावित निशाने पर हैं।</li>



<li>ईरान की ओर से बदले की कार्रवाई की आशंका बनी हुई है।</li>



<li>राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।</li>



<li>इसी कारण ईरान के साथ चल रही शांति प्रक्रिया को समाप्त किया गया।</li>
</ul>



<p>ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि अमेरिका पहले कार्रवाई नहीं करता, तो सुरक्षा जोखिम और बढ़ सकता था।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">क्यों टूटा शांति समझौता?</h2>



<p>ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता के दौरान कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए जिनके बाद वाशिंगटन ने वार्ता जारी रखना उचित नहीं समझा।</p>



<p>उनका कहना है कि—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट चिंताजनक थे।</li>



<li>क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा था।</li>



<li>अमेरिकी हितों और सहयोगियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।</li>
</ul>



<p>हालांकि ईरान ने अमेरिका के इन आरोपों को पहले भी कई बार खारिज किया है और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आलोचना की है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव</h2>



<p>अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का असर पूरे मध्य पूर्व पर दिखाई दे रहा है।</p>



<p>विशेषज्ञों के अनुसार—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो सकती हैं।</li>



<li>ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।</li>



<li>तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।</li>



<li>वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।</li>



<li>कूटनीतिक प्रयासों को झटका लग सकता है।</li>
</ul>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">भारत पर क्या हो सकता है असर?</h2>



<p>भारत के ईरान और अमेरिका दोनों के साथ महत्वपूर्ण संबंध हैं। यदि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है, तो इसका असर कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी।</li>



<li>आयात लागत में वृद्धि।</li>



<li>समुद्री व्यापार मार्गों पर दबाव।</li>



<li>ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां।</li>
</ul>



<p>हालांकि फिलहाल भारत सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">क्या ट्रंप के दावे की पुष्टि हुई?</h2>



<p>ट्रंप ने अपनी हत्या की आशंका और ईरान से जुड़े दावों का उल्लेख किया, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां आमतौर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं करतीं।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर</h2>



<p>संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने पहले भी अमेरिका और ईरान से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h2>



<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व पहले से ही तनावपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ट्रंप ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताते हुए ईरान के साथ शांति समझौता समाप्त करने की वजह बताई है। हालांकि उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर दुनिया की नजर रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस की रिफाइनरियां हो रहीं प्रभावित, भारत पर क्या पड़ेगा असर?</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172139</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 02:47:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Crude Oil Price]]></category>
		<category><![CDATA[India Economy]]></category>
		<category><![CDATA[Oil Refinery]]></category>
		<category><![CDATA[Petrol Diesel Price]]></category>
		<category><![CDATA[Russia Ukraine War]]></category>
		<category><![CDATA[World News]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="1360" height="765" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55.png 1360w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1360px) 100vw, 1360px" />रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर अब केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। यूक्रेन लगातार रूस के ऊर्जा ढांचे (Energy Infrastructure) और तेल रिफाइनरियों को ड्रोन हमलों के जरिए निशाना बना रहा है। इन हमलों से रूस की कई रिफाइनरियों का संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1360" height="765" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55.png 1360w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1360px) 100vw, 1360px" />
<p>रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर अब केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। यूक्रेन लगातार <strong>रूस के ऊर्जा ढांचे (Energy Infrastructure)</strong> और तेल रिफाइनरियों को ड्रोन हमलों के जरिए निशाना बना रहा है। इन हमलों से रूस की कई रिफाइनरियों का संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1360" height="765" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55.png" alt="" class="wp-image-172140" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55.png 1360w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55-768x432.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-55-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1360px) 100vw, 1360px" /></figure>



<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हमले इसी तरह जारी रहे और रूस की रिफाइनिंग क्षमता पर लंबा असर पड़ा, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका प्रभाव भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर भी पड़ सकता है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">रूस की ऊर्जा व्यवस्था पर बढ़ता दबाव</h2>



<p>यूक्रेन ने हाल के महीनों में सीमा से काफी दूर स्थित रूसी तेल रिफाइनरियों, ईंधन भंडारण केंद्रों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों का उद्देश्य रूस की ईंधन आपूर्ति और आर्थिक क्षमता को प्रभावित करना माना जा रहा है।</p>



<p>रिफाइनरियों को हुए नुकसान के कारण कुछ स्थानों पर उत्पादन अस्थायी रूप से कम करना पड़ा है, जबकि सुरक्षा कारणों से कई प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ाई गई है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">वैश्विक तेल बाजार पर क्या असर?</h2>



<p>रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों और निर्यातकों में शामिल है। ऐसे में यदि उसकी रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होती है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।</p>



<p>संभावित प्रभाव—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>कच्चे तेल की कीमतों में तेजी।</li>



<li>पेट्रोल और डीजल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव।</li>



<li>ऊर्जा बाजार में अस्थिरता।</li>



<li>शिपिंग और बीमा लागत में वृद्धि।</li>



<li>कई देशों के लिए ईंधन आयात महंगा होना।</li>
</ul>



<p>हालांकि कीमतों पर अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि उत्पादन में कितनी कमी आती है और अन्य उत्पादक देश उसकी भरपाई कर पाते हैं या नहीं।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">भारत पर क्या होगा असर?</h2>



<p>भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है और पिछले कुछ वर्षों में रूस भारत के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल रहा है।</p>



<p>यदि रूस से आपूर्ति प्रभावित होती है या वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>तेल आयात का खर्च बढ़ सकता है।</li>



<li>सरकारी तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ सकता है।</li>



<li>पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर असर पड़ने की संभावना बन सकती है।</li>



<li>महंगाई और परिवहन लागत पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।</li>
</ul>



<p>हालांकि भारत विभिन्न देशों से तेल खरीदता है और आपूर्ति के स्रोतों में विविधता बनाए रखता है, जिससे जोखिम को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1200" height="627" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-56.png" alt="" class="wp-image-172141" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-56.png 1200w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-56-768x401.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">क्या तुरंत महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?</h2>



<p>फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन हमलों के कारण भारत में तुरंत पेट्रोल और डीजल महंगे हो जाएंगे।</p>



<p>भारत में ईंधन की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें शामिल हैं—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत।</li>



<li>डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति।</li>



<li>केंद्र और राज्य सरकारों के कर।</li>



<li>परिवहन और रिफाइनिंग लागत।</li>



<li>तेल विपणन कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति।</li>
</ul>



<p>इसलिए केवल रूस की रिफाइनरियों पर हमलों के आधार पर कीमतों में तत्काल बदलाव तय नहीं माना जा सकता।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति</h2>



<p>हाल के वर्षों में भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>विभिन्न देशों से कच्चे तेल का आयात।</li>



<li>रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) का विस्तार।</li>



<li>नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर।</li>



<li>इथेनॉल मिश्रण (E20) जैसी वैकल्पिक ईंधन योजनाओं को बढ़ावा।</li>
</ul>



<p>इन उपायों का उद्देश्य वैश्विक संकट की स्थिति में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">युद्ध का आर्थिक प्रभाव</h2>



<p>रूस-यूक्रेन युद्ध का असर केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इससे—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है।</li>



<li>खाद्यान्न और उर्वरकों की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया है।</li>



<li>समुद्री परिवहन की लागत बढ़ी है।</li>



<li>कई देशों की अर्थव्यवस्था पर महंगाई का दबाव बढ़ा है।</li>
</ul>



<p>यदि संघर्ष लंबा चलता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी जारी रह सकता है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">विशेषज्ञों की राय</h2>



<p>ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रूस की रिफाइनरियों पर हमले लगातार जारी रहते हैं और उत्पादन में बड़ी गिरावट आती है, तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। हालांकि बाजार की दिशा इस बात पर भी निर्भर करेगी कि अन्य तेल उत्पादक देश आपूर्ति कितनी बढ़ाते हैं और वैश्विक मांग का स्तर क्या रहता है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h2>



<p>यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा ढांचे पर दबाव बढ़ा दिया है। इसका असर वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है, लेकिन फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि इससे तुरंत पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ जाएंगी। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव और आपूर्ति की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Aaj Ka Mausam 9 July: दिल्ली-NCR में बारिश ने किया बेहाल, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें आपके राज्य का हाल</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172135</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 01:40:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Aaj Ka Mausam]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Rain]]></category>
		<category><![CDATA[IMD Alert]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Rain Alert]]></category>
		<category><![CDATA[Weather Update]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="650" height="400" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-53.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बुधवार रात से लगातार हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही जलभराव, ट्रैफिक जाम और दैनिक जीवन पर भी बड़ा असर पड़ा है। भारत मौसम विज्ञान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="650" height="400" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-53.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। <strong>दिल्ली-एनसीआर</strong> समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बुधवार रात से लगातार हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही जलभराव, ट्रैफिक जाम और दैनिक जीवन पर भी बड़ा असर पड़ा है। <strong>भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)</strong> ने 9 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="400" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-53.png" alt="" class="wp-image-172136" style="width:826px;height:auto" /></figure>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">दिल्ली-NCR में रेड और ऑरेंज अलर्ट</h2>



<p>दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई प्रमुख सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया, जबकि कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं।</p>



<p>IMD ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के लिए <strong>रेड और ऑरेंज अलर्ट</strong> जारी करते हुए लोगों से केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। अगले 24 घंटों में 180 से 250 मिमी तक बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">इन राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी</h2>



<p>मौसम विभाग के अनुसार आज निम्न राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>उत्तर प्रदेश</li>



<li>बिहार</li>



<li>उत्तराखंड</li>



<li>हिमाचल प्रदेश</li>



<li>राजस्थान</li>



<li>मध्य प्रदेश</li>



<li>छत्तीसगढ़</li>



<li>झारखंड</li>



<li>असम</li>



<li>मेघालय</li>



<li>पश्चिम बंगाल</li>



<li>ओडिशा</li>



<li>महाराष्ट्र के कुछ हिस्से</li>
</ul>



<p>इन राज्यों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">पहाड़ी राज्यों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा</h2>



<p>उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">दिल्ली में क्या रहा असर?</h2>



<p>बारिश के कारण राजधानी में—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>कई सड़कों पर जलभराव</li>



<li>ऑफिस जाने वाले लोगों को परेशानी</li>



<li>ट्रैफिक की धीमी रफ्तार</li>



<li>कुछ उड़ानों और परिवहन सेवाओं पर असर</li>



<li>तापमान में गिरावट और उमस से राहत</li>
</ul>



<p>जैसी स्थिति देखने को मिली।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">किसानों के लिए राहत की खबर</h2>



<p>मानसून की सक्रियता से कई राज्यों में खेती को फायदा मिलने की उम्मीद है। धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की संभावना है। हालांकि अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="2560" height="1655" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-54-scaled.png" alt="" class="wp-image-172137" srcset="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-54-scaled.png 2560w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-54-768x497.png 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-54-1536x993.png 1536w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/image-54-2048x1324.png 2048w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></figure>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">मौसम विभाग की सलाह</h2>



<p>IMD ने नागरिकों से अपील की है कि—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें।</li>



<li>तेज बारिश और बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।</li>



<li>अनावश्यक यात्रा से बचें।</li>



<li>मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें।</li>



<li>पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें।</li>
</ul>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">अगले कुछ दिनों का अनुमान</h2>



<p>मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। दिल्ली-NCR सहित कई राज्यों में रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h2>



<p>9 जुलाई 2026 को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। दिल्ली-NCR में भारी बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं जलभराव और ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऐसे में नागरिकों को मौसम संबंधी सलाह का पालन करते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PM मोदी ने इंडोनेशिया में अपने भाषण में इस नंबर का जिक्र क्यों किया?</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172115</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:49:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="677" height="393" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नंबर पर खास जोर दिया। उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी दोस्ती और दोनों देशों के बीच करीबी रिश्तों को दिखाने के लिए कई नंबरों का जिक्र किया। सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोस्तों, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="677" height="393" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/12.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नंबर पर खास जोर दिया। उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी दोस्ती और दोनों देशों के बीच करीबी रिश्तों को दिखाने के लिए कई नंबरों का जिक्र किया।</p>



<p>सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोस्तों, भारत ने पिछले साल 26 जनवरी को बहुत उत्साह के साथ अपना गणतंत्र दिवस मनाया था। छब्बीस… 2 और 6 को जोड़ने पर 8 आता है, और मेरे दोस्त राष्ट्रपति का जन्मदिन 17 तारीख को है, 1 और 7 को जोड़ने पर भी 8 आता है। राष्ट्रपति प्राबोवो मुख्य अतिथि के तौर पर गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए थे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">आपमें भारत का DNA है- पीएम मोदी</h3>



<p>उस यात्रा के दौरान, हमने कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की थी। लेकिन उस यात्रा की एक खास बात मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगी। मिस्टर प्रेसिडेंट, आपने तब कहा था और आज भी आपने उसे दोहराया कि आपमें भारत का DNA है। उस एक बात ने लाखों भारतीयों का दिल जीत लिया, और आज भी उस पर सबसे जोरदार तालियां बजीं। इसने सचमुच भारत के लोगों का दिल छू लिया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">इंडोनेशिया में आठ नंबर का खास महत्व</h3>



<p>इस जिक्र ने सबका ध्यान खींचा क्योंकि इंडोनेशिया में आठ नंबर का खास महत्व है। चीनी सांस्कृतिक परंपराओं और फेंग शुई से प्रभावित होकर, इस नंबर को समृद्धि, सफलता और अच्छे भाग्य का प्रतीक माना जाता है।</p>



<p>मंदारिन भाषा में, आठ नंबर का उच्चारण ‘बा’ (ba) होता है, जो ‘फा’ (fa) शब्द से काफी मिलता-जुलता है। ‘फा’ का मतलब है धन या समृद्धि, इसलिए इसे कई एशियाई समाजों में सबसे शुभ नंबरों में से एक माना जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">17 अक्तूबर को राष्ट्रपति सुबियांतो का जन्मदिन</h3>



<p>राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो का जन्म 17 अक्टूबर, 1951 को हुआ था। PM मोदी ने उनकी जन्मतिथि का जिक्र किया, जिसमें 1 और 7 को जोड़ने पर 8 आता है। इसके साथ ही उन्होंने भारत के गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) का भी जिक्र किया, जिसमें 2 और 6 को जोड़ने पर भी 8 आता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">17 अगस्त को इंडोनेशिया का स्वतंत्रता दिवस</h3>



<p>यह प्रतीकवाद जन्मदिन से आगे भी था। इंडोनेशिया हर साल 17 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है, जो 1945 में आजादी की घोषणा की याद दिलाता है। एक बार फिर, 17 तारीख को जोड़ने पर 8 आता है, जो इस नंबर के सांस्कृतिक महत्व को और मजबूत करता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्रबोवो भारत के सच्चे दोस्त- पीएम मोदी</h3>



<p>PM मोदी के भाषण में प्रतीकवाद के साथ-साथ भारत-इंडोनेशिया की बढ़ती साझेदारी का भी जिक्र था। प्रबोवो को ‘भारत का सच्चा दोस्त’ बताते हुए, उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत के लिए इंडोनेशियाई लोगों का शुक्रिया अदा किया और दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">‘कुछ कुछ’ से कहीं आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ बन जाता है- पीएम मोदी</h3>



<p>प्रधानमंत्री ने लोगों से जुड़ने के लिए बॉलीवुड का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने देखा है कि बॉलीवुड गाना ‘कुछ कुछ होता है’ यहां बहुत लोकप्रिय है। आज मैंने राष्ट्रपति प्रबोवो से कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो यह सिर्फ ‘कुछ कुछ’ से कहीं आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ बन जाता है।</p>



<p>इस कार्यक्रम के दौरान, पीएम मोदी ने भारत-इंडोनेशिया संबंधों को सांस्कृतिक बताया, कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है, और इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों का विकास का लक्ष्य एक ही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को बनाएं देश का जन-आंदोलन: स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा</title>
		<link>https://amarrashtra.com/archives/172112</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amar Rashtra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:43:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://amarrashtra.com/?p=172112</guid>

					<description><![CDATA[<img width="717" height="412" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/4-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को देश के युवाओं की शक्ति का उपयोग करते हुए टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए सरकार और समाज दोनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।नड्डा ने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="717" height="412" src="https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/07/4-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को देश के युवाओं की शक्ति का उपयोग करते हुए टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।</p>



<p>उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए सरकार और समाज दोनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।नड्डा ने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक की अध्यक्षता की।</p>



<p>उन्होंने स्वयंसेवकों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यस्थलों और रक्षा बलों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हाल ही में प्रगति समीक्षा बैठक में युवाओं और संस्थानों की सक्रिय भूमिका पर बल दिया था।</p>



<p>उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों को अभियान से अधिक संख्या में जोड़ने, स्क्रीनिंग शिविर आयोजित करने तथा स्कूलों, कालेजों और समुदायों में जागरूकता अभियान तेज करने को कहा।</p>



<p>बैठक में मनसुख मांडविया ने मेडिकल कालेजों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि देश में लगभग छह लाख स्नातक और दो लाख स्नातकोत्तर मेडिकल छात्र टीबी उन्मूलन अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।</p>
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